ENGLISH HINDI Friday, November 15, 2019
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
अयोध्या राम मंदिर फैसला: राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन ने सुप्रीम कोर्ट फैसले का किया स्वागतचिल्ड्रेंस डे: एनजीओ द लास्ट बेंचर्स ने स्टूडेंट्स को किया सम्मानितमानव मंगल स्मार्ट वर्ल्ड में बाल दिवस समारोहसांसद प्रनीत कौर और बलबीर सिंह सिद्धू ने दयालपुरा गांव में राज्य के पहले आयुश अस्पताल का रखा नींव पत्थरराज्यपाल ने 10 विधायकों को मंत्री व राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलवाईज़ीरकपुर की हवा में प्रदूषण तत्व निश्चित मात्रा की अपेक्षा अधिक, पटाख़ों के साथ बढ़ा शहर का प्रदूषण एन.आर.आई महिला से पैसे लेने के बावजूद दुकानें न देने पर धोखाधड़ी का मामला दर्जहरियाणा पुलिस ने मादक पदार्थों के तस्करों पर की नए सिरे से कार्रवाई , चार काबू
हिमाचल प्रदेश

चार साल पहले गिरे पुल दोबारा नहीं बने तो ग्रामीणों ने अंदोलन की ठानी

August 23, 2019 11:54 PM

ज्वालामुखी, (विजयेन्दर शर्मा) प्रदेश सरकार के विकास के दावों के विपरीत ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के चंगर इलाके के लोग राजनैतिक उपेक्षा एवं सरकारी उदासीनता के चलते मूलभूत सुविधाओं के लिये तरस रहे हैं। हालात इस कदर पेचीदा हो गये हैं कि कई इलाके बरसात में पूरी तरह कट गये हैं। चार साल पहले गिरे पुल अभी दोबारा नहीं बनाये जा सके हैं।
चंगर इलाके के खुंडिया से सटे थड़ा गांव के लोग इन दिनों अपने घरों में कैद होकर गये हैं। इसी तरह आघार से अमकंन डढुरू का भी यही हाल है। इन गांवों को जाने वाले पुल बरसात में बह गये हैं। लेकिन विभाग इन्हें दोबारा बनवाने में पूरी तरह नाकाम रहा है। जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा है। वीरवार को इन समस्याओं को लेकर एक बैठक के दौरान ग्रामीणों से भाजपा नेता आरती दत्त शर्मा मिले,तो गा्रमीणों ने उनके सामने अपनी बात रखी। आरती दत्त शर्मा ने बताया कि दोनों गांवों के पुल नहीं बन पा रहे हैं। एक पुल तीन साल पहले गिरा था,जबकि दूसरा पुल बीते साल गिरा। सरकार बदलने के बावजूद भी पुल नहीं बन पाये। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों वह कैद होकर रह जाते हैं। पहाड़ी और दूसरी तरफ नदी होने की वजह से वह कहीं नहीं जा पाते। लिहाजा प्रदेश सरकार जल्द ही इन पुलों का निर्माण करवाये। एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने गांव की समस्या के बारे में स्थानीय विधायक एवं प्रदेश योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला को खत लिखा तो उन्होंने पुल के निर्माण के लिये साढ़े चार लाख रूपये स्वीकृत होने की बात कही।लेकिन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि उनके पास कोई पैसा नहीं आया है। एक ग्रामीण ने बताया कि गांव को जोडऩे वाला आधार से ढढुरु पुल लगभग चार साल पहले ही पानी में बह गया था, जिसे आज तक दोबारा नहीं बनाया जा सका है। इस समय लोगों को या तो नदी पार करके जाना पड़ता है या फिर उन्हें दो किलोमीटर पहाड़ चढक़र दूसरी तरफ जाना पड़ रहा है।
ग्रामीण हैरान हैं कि उनके साथ यह भेदभावपूर्ण रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। हालत इस कदर बिगड़ रहे हैं कि बीमारी की सूरत में मरीज को पालकी में बिठाकर खड्ड को पार करना पड़ता है। बरसात में स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से पुलों के निर्माण के लिये धन मुहैया कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगे जल्द नहीं मानी गईं तो वह सडक़ों पर उतरेंगे।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हिमाचल प्रदेश ख़बरें
प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन मेंबर रचना गुप्ता की गलोबल इन्वैस्टर मीट में मौजूदगी से मचा बवाल आरसीईपी में शामिल ना होना किसानों, नौजवानों और एमएसएमई के हक़ में: ठाकुर कांग्रेस सरकार के समय पुनर्नियुक्तियों पर आलोचना करने वाली भाजपा आज उसी रास्ते पर चली-दीपक शर्मा पालमपुर को शीघ्र दिया जाएगा नगर निगम का दर्जा: सरवीन चौधरी हिमाचल में क्या राजनीतिक नेतृत्व ख़त्म हो चुका जो पीएम और केंद्रीय मंत्रियों से अफ़सर बैठकें कर रहे: महेश्वर चौहान ई कॉमर्स के अनैतिक व्यापार ने तोड़ी व्यापारियों की कमर पर्यावरण को बचाने के लिए निकाली रैली लॉरेट फार्मेसी संस्थान कथोग में पांच दिवसीय इंस्पायर" कैंप सम्पन्न "इंस्पायर" कैंप में छात्र छात्राओं ने रसायन विज्ञान और नैनो साइंस के तथ्यों को जाना धर्मशाला का विकास कांग्रेस की देन-ठाकुर कौल सिंह