ENGLISH HINDI Tuesday, January 21, 2020
Follow us on
 
पंजाब

नैक्टर लाईफ़ केमिकल फैक्ट्री में हादसे के मामले में डीसी ने जांच के दिए आदेश , 16 ज़ख़्मियों में से एक की हालत गंभीर

August 25, 2019 10:25 PM

प्रशासनिक अधिकारी की तरफ से राहत कामों के किये दावों की निकली हवा 

डेराबस्सी,जेएस कलेर
बरवाला सड़क पर स्थित नैक्टर लाईफ़ साइंसेज केमिकल फैक्ट्री के यूनिट 2में हुए धमाके की डिप्टी कमिशनर मोहाली गिरिश द्यालन ने एस.डी.एम. डेराबस्सी पूजा ग्रेवाल को धमाकों के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। फैक्ट्री में हुए ज़बरदस्त धमाको में जहाँ रिएक्टर इमारत को तोड़ कर बाहर गिरे थे, वहां ही 16 वर्कर ज़ख़्मी हुए थे, जिन का अलग -अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
    
प्रशासनिक आधिकारियों की तरफ से प्रैस नोट जारी करते दावा किया गया है कि धमाकों की ख़बर मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते मुलाजिमों को फैक्ट्री में से निकालने और ज़ख़्मियों के उचित इलाज के प्रबंध किये। ज़िला प्रशासन की तरफ से एडिशनल डिप्टी कमिशनर साक्षी साहनी, एस.डी.एम. डेराबस्सी पूजा ग्रेवाल, एस.पी. (हैड कुआरटर) गुरसेवक सिंह, डिप्टी डायरैक्टर फैक्टरीज और तहसीलदार डेराबस्सी मौके पर पहुँचे और राहत कामों की निगरानी की। फायर अफ़सर जसविन्दर सिंह का नेतृत्व में मुलाजिमों को मलबे नीचे से निकाल डेराबस्सी के सरकारी और जे.पी. हस्पताल में दाख़िल करवाया गया है। एस.डी.ऐम. पूजा ग्रेवाल ने पलांट के प्रमुख को निर्देश दिया कि पलांट में फिलहाल काम रोक दिया जाये।

डिबिया के लिए –हज़म नाम होने वाले प्रशासन के दाअवे
प्रशासनिक आधिकारियों की तरफ से धमाके बाद राहत कामों के जो दावे किये जा रहे हैं, मौके पर ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। इस का अंदाज़ा यहाँ से ही लगाया जा सकता है कि हादसे से करीब सवा घंटे बाद एक बुरी तरह झुलसे वर्कर को जब मलबे में से बाहर निकाला तो उसे पहली मंजिल से फैक्ट्री कर्मी ही उठा कर नीचे ले कर आए थे। इतना ही नहीं जिस ऐबूंलैंस में उक्त कर्मी को ले अगर हस्पताल जाना था, वहां पहुँचने के लिए रास्ता में पड़ा मलबा भी तब तक नहीं हटाया गया था, जिस कारण स्टै्रचर को कंपनी वर्करों ले उठा कर ऐबूलैंस तक पहुँचाया। तब तक सिर्फ़ डेराबस्सी थाना प्रमुख और फायर अफ़सर अपनी -अपनी टीमों के साथ मौके पर मौजूद थे। हादसे से करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस के और अधिकारी मौके पर पहुँचे थे, तब तक सभी ज़ख़्मियों को हस्पताल पहुँचाया जा चुका था। डेराबस्सी के सरकारी हस्पताल में दाख़िल वर्करों का हाल जानने के लिए एसडीएम डेराबस्सी समेत ओर अफ़सर ज़रूर पहुँचे हुए थे।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और पंजाब ख़बरें