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राष्ट्रीय

हरि और अली में मानने वालों की हरियाली यात्रा

August 26, 2019 10:08 PM

ऋषिकेश, ओम रातुड़ी: अमन-एकता हरियाली यात्रा के आज दूसरे दिन देवबन्द और आस-पास के कई गांवों, मदरसों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर हजारों की संख्या में फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया।    

अमन, एकता, शान्ति, पर्यावरण, जल संरक्षण तथा एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करने का संदेश देते हुये देवबन्द से दिल्ली के मध्य आज किया वृक्षारोपण


अमन-एकता हरियाली यात्रा ऋषिकेश से राष्ट्र की ओर बढ़ रही है। यात्रा के प्रथम दिन हजारों की संख्या मे आये पर्यावरण प्रेमी लोगों, धर्मगुरूओं, मौलाना, इमाम, गुरूकुल के आचार्य, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों और विदेशी लोगों ने मिलकर अनेकों गावों में हजारों पौधों का रोपण किया। यह यात्रा जहां से गुजर रही है उन गावों के लोगोें को पर्यावरण और जल संरक्षण, जल को प्रदूषित होने से बचाने, वर्षा जल का उपयोग करने तथा एकल उपयोग के प्लास्टिक का उपयोग न करने का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
आज यात्रा के दूसरे दिन अमन-एकता हरियाली यात्रा देवबन्द से होते हुये दिल्ली की ओर प्रस्थान कर रही है। आज अमन-एकता हरियाली यात्रा के दूसरे दिन त्रिपुरा बाला माता सुन्दरी मन्दिर से वृक्षारोपण की शुरूआत हुई। यह देवबन्द का बहुत ही ऐतिहासिक, दिव्य और पौराणिक स्थल है। देवबन्द, महमूद हाॅल देवबन्द, दारूल उलूम देवबन्द, होली होम पब्लिक स्कूल नानौता, जमिया बदरूल उलूम, गढ़ीदौलत कांधला, मुहम्मदपुर राईन, मदनी नगर पनजीत और अन्य कई स्थानों पर वृहद स्तर पर बेल, आम, पीपल, नीम, गुडहल, अमरूद, जामुन आदि पौधों का रोपण किया और फिर इस वृक्षारोपण की मुहिम को अन्य लोगों ने भी आगे बढ़ाया। यह अद्भुत और ऐतिहासिक दृश्य था सभी मिलकर पौधों का रोपण कर रहे थे ऐसा पहली बार हुआ। यह दिलों को बदलने की, दिलों में दीये जलाने की शुरूआत थी, दीये हो मोहब्बत के; बोल हो मोहब्बत के और पेड़ लगे मोहब्बत के इस मुहिम की शुरूआत हुई। स्वामी जी महाराज ने किसानों को सम्बोधित करते हुये कहा कि अब हर ’मेड पर पेड़ लगे’ यह बहुत जरूरी है।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज, मौलाना महमूद असअद मदनी जी महासचिव, जमीयत उलेमा-ए-हिन्द, मौलाना हकीमुद्दीन साहब, मौलाना फुरकान अहमद साहब, जिलाधिकारी सहारनपुर श्री आलोक कुमार पाण्डे जी, सुश्री गंगा नन्दिनी त्रिपाठी, स्वामी सेवानन्द जी, आचार्य संदीप शास्त्री, आचार्य दीपक शर्मा और हजारों की संख्या में मौलाना, इमान और मस्जिदों के बच्चों ने सहभाग किया।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’इबादत अल्लाह की करे, हिफाजत अपने वतन की करे। वतन है तो हम है, वतन की हिफाजत में अपनी जान लगा दें। उन्होने कहा कि हम सब एक हैं, इसका ध्यान रखे। हम सब अपनी-अपनी भक्ति करे परन्तु देश भक्ति पहले हो; अपने-अपने मजहब के अनुसार अपनी भक्ति करे लेकिन देश भक्ति हमारी रगो में हो; हमारे खून में हो; हमारे दिलों में हो और हमारे दिमाग में हो। वतन को चमन बनाये रखने के लिये आपके वालिदान ने सौ वर्ष पहले यह संस्था खड़ी की; यह सब कुछ खड़ा किया। अब वतन को हर जतन करके महफूज़ रखना है। स्वामी जी ने कहा कि वतन की तरक्की हमारी तरक्की। अपना वतन एक मिसाल बने ऐसी मशाल हमें जलानी है और ऐसा वातावरण हमें बनाना है।’’
स्वामी जी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के माध्यम स्वस्थ शरीर के साथ सकारात्मक सोच का निर्माण होता है। नकारात्मक सोच और प्रदूषित मन से कभी भी सुन्दर वातावरण का निर्माण नहीं हो सकता। अतः हमें अपनी सोच को बदलना होगा क्योंकि सबसे बड़ा प्रदूषण तो हमारी सोच में है इसलिये सबसे पहले अपनी सोच को बदले और दूसरी बात यह है कि यह वतन हम सभी का है और सब को मिलकर इसे सजाना और संवारना है। आईये इस राष्ट्र को स्वच्छ, स्वस्थ और सुन्दर बनाने में अपना योगदान प्रदान करे।
मौलाना महमूद असअद मदनी महासचिव, जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने कहा कि जीवन के लिये तीन चीजें बहुत जरूरी है यथा पीने के लिये स्वच्छ जल, शुद्ध वायु और शुद्ध वातावरण। अगर यह तीन चीजें नहीं होगी तो व्यक्ति के पास सब कुछ होते हुये भी जीवन में सुख और शान्ति का अभाव होगा तथा इनके अभाव में मनुष्य स्वस्थ्य भी नहीं रह सकता है, इसलिये हम सभी का प्रथम कर्तव्य है कि वृक्षारोपण कर अपना और अपनी भावी पीढ़ी़ का जीवन सुरक्षित करने हेतु अपना योगदान प्रदान करें।
जिलाधिकारी श्री आलोक पाण्डे ने पर्यावरण के बारे में सभी लोगों को शानदार शब्दों में उद्बोधन दिया और पर्यावरण के मित्र होकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
मौलाना हकीमुद्दीन के अद्भुत नेतृत्व में सारी व्यवस्थायें की जा रही है हजारों की संख्या में मौलाना और इमाम बढ़-चढ़ कर सहभाग कर रहे है और समरसता और सद्भाव का एक अद्भुत वातावरण तैयार हो रहा है। इस यात्रा के माध्यम से अमन, शान्ति और एकता का वातावरण निर्मित हो रहा है। वास्तव में यह एक अद्भुत प्रयास है।
देवबन्द की धरती से हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों को स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज और मौलाना महमूद असअद मदनी ने जल और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया। सभी ने हाथ खड़े कर संकल्प लिया साथ ही पूरा वातावरण ’भारत माता की जय’ ’हिन्दुस्तान जिन्दाबाद’ और वंदे मातरम् से गूंजने लगा।

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