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चंडीगढ़

तुगलकाबाद लोगों की आस्था का केंद्र, दोबारा मंदिर निर्माण तक जारी रहेगा आंदोलन: डॉ.राजरत्न अंबेडकर

September 01, 2019 09:45 PM

डॉ. राजरत्न ने पूरे समाज के सामने मौजूदा बीजेपी सरकार और आरएसएस द्वारा भारत के संविधान को खत्म करने और देश में ब्राह्मणवादी व्यवस्थाको लागू करने के बारे में बताया कि कैसे मनुवादी व्यवस्था देश में दबे कुचले लोगों को मिले अिधकारों को खत्म करने में लगी है। इसका खतरा समाज पर तलवार की तरह लटक रहा है।

चंडीगढ़,फेस2न्यूज 

तुगलकाबाद स्थित मंदिर बहुजन समाज के लोगों की आस्था का केंद्र है। इसके दोबारा बनाए जाने तक आंदोलन जारी रखेंगे। यह एलान करते हुए भारत रत्न बाबा साहिब अंबेडकर के पड़पौते डॉ.राजरत्न अंबेडकर ने कहा कि बहुजन समाज इसके लिए हर कुर्बानी काे तैयार है।

पिछले दिनों दिल्ली सरकार द्वारा मंिदर गिराए जाने के रोष स्वरूप शोषित समाज संगठन बी.एस.फोर की तरफ से रविवार बड़े स्तर पर पूरे देश में रोष प्रदर्शन किए गए। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं रविवार को चंडीगढ में शोषित समाज संगठन बी.एस.फोर की तरफ से एक मीटिंग चंडीगढ़ में बुलाई गई। इसमें देश के बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। इसमें डॉ.राजरत्न अंबेडकर, मुंबई से  एडवोकेट संदीप वाल्मीक, पूर्व मंत्री एनसीआर दिल्ली भी प्रमुख तौर पर पहुंचे।

सभी ने एक स्वर में दिल्ली की दोनों सरकाराें की कड़े शब्दो मे निंदा की कि एक  दिल्ली सरकार ने योजना बनाकर गुरु महाराज जी का 600 साल पुराना ऐतिहासिक मंदिर गिरा दिया और दूसरी केजरीवाल सरकार खड़ी देखती रही। सभी बुद्धिजीवियों ने सरकार में बैठे समाज के प्रतिनिधियों और वे समाज के लोग जो किसी न किसी रूप में सरकार का हिस्सा हैं, मंिदर गिराए जाने को लेकर उन सबकी निंदा की।

मंदिर िनर्माण के लिए समाज हर कुर्बानी काे तैयार: संदीप वाल्मीक 
संदीप वाल्मीक ने समाज को सचेत करते हुए कहा कि हमारी आवाज एक नहीं होगी तो इसी तरह जालिम सरकारें हमले करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि दलित समाज के नेता जो समाज के साथ धोखा कर रहे हैं, उनसे बचना और मौजूदा सरकारें, जो बाबा साहिब अंडेकर जी द्वारा संवैधानिक अिधकार जो एससी/एसटी/बीसी वर्ग को दिए  गए हैं, खत्म करने में जुटी हुई हैं। इस लिए सभी चिंतक, सूझवान, ईमानदार लोगों को एक प्लेटफार्म पर आना होगा। यह आज समय की मांग हैं। 

इस संबंध में डॉ. राजरत्न ने पूरे समाज के सामने मौजूदा बीजेपी सरकार और आरएसएस द्वारा भारत के संविधान को खत्म करने और देश में ब्राह्मणवादी व्यवस्थाको लागू करने के बारे में बताया कि कैसे मनुवादी व्यवस्था देश में दबे कुचले लोगों को मिले अिधकारों को खत्म करने में लगी है। इसका खतरा समाज पर तलवार की तरह लटक रहा है।

इस मीटिंग में पंजाब व देश के अन्य राज्यों से आए बुद्धिजीवियों ने सरकारों के दोगले रवैये पर चिंता प्रकट की। बी.एस.फोर के नेशनल प्रेजीडेंट राव बरिंदर सवैन ने बाहर से आए हुए बुद्धिजीवियों के विचारों को सही ठहराते हुए समाज के  लोगों से अपील की कि इस विपदा की स्थिति में सभी लोगों को एक प्लेटफार्म पर इकट्‌ठा होकर एकजुट होना चाहिए। बी.एस.फोर की पूरी टीम, चेयरमैन जसविंदर कौर, टीम के चाणक्य हरनेक सिंह चुन्नी, रजिंदरन छटियार, त्रिलोकी अंबेडकर, रघुबीर
सिंह बडाला, विक्रम, विश्वास, कृपाल सिंह, िवनोद तेजीमान, संजय कांटीवाल, भगवान घंडोली, मोती सिंह, चरणजीत सिंह, विरक सिंह, विशाल सिद्धू , सतविंदर कौर खिजराबाद, प्रभजोत बबी और समाज के सभी कार्यकर्ताओं ने इस मीटिंग को सफल बनाने योगदान दिया।

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