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धर्म

श्री गणपति महोत्सव: पूजा अर्चना के साथ हुई बप्पा की मूर्ति स्थापना

September 02, 2019 08:27 PM

चंडीगढ़: श्री गणपति महोत्सव सभा चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर 32 के श्री रामलीला व दशहरा ग्राउंड में आयोजित श्री गणपति महोत्सव के दूसरे दिन आज गणपति बप्पा की पूजा और आरती वंदना और पूरे विधि विधान के साथ मूर्ति स्थापना हुई। गणपति बप्पा मोरिया-मंगलमूर्ति मोरया, देवा ओ देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कर कौन के जयकारों से पण्डाल गूंज उठा। सभा के पदाधिकारियों ने भक्तजनों संग विघ्नहर्ता, दुखहर्ता गणपति बप्पा की इको फ्रेंडली सवा सात फ़ीट ऊंची प्रतिमा के समक्ष नतमस्तक हो समस्त संसार के सुखमय जीवन की मनोकामना की।

गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजा पंडाल

मान्‍यता है कि इसी दिन बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्‍य के देवता श्री गणेश का जन्‍म हुआ था। इस पर्व को देश भर में हर्षोल्‍लास, उमंग और उत्‍साह के साथ मनाया जाता है । यह त्‍योहार पूरे 10 दिनों तक मनाया जाता है. श्री गणेश के जन्‍म का यह उत्‍सव गणेश चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्‍त होता है।गणेश चतुर्थी के दिन भक्‍त प्‍यारे गणपति बप्‍पा की मूर्ति को घर लाकर उनका सत्‍कार करते हैं। फिर 10वें दिन यानी कि अनंत चतर्दशी को विसर्जन के साथ मंगलमूर्ति भगवान गणेश को विदाई जाती है। साथ ही उनसे अगले बरस जल्‍दी आने का वादा भी लिया जाता है। इसके बाद प्रसाद भी बांटा गया।

सभा के प्रेसिडेंट प्रदीप बंसल और जनरल सेक्रेटरी अजय बंसल ने बताया कि गणेश चतुर्थी हिन्‍दुओं के प्रमुख त्‍योहारों में से एक है. इसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है । मान्‍यता है कि इसी दिन बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्‍य के देवता श्री गणेश का जन्‍म हुआ था। इस पर्व को देश भर में हर्षोल्‍लास, उमंग और उत्‍साह के साथ मनाया जाता है । यह त्‍योहार पूरे 10 दिनों तक मनाया जाता है. श्री गणेश के जन्‍म का यह उत्‍सव गणेश चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्‍त होता है।गणेश चतुर्थी के दिन भक्‍त प्‍यारे गणपति बप्‍पा की मूर्ति को घर लाकर उनका सत्‍कार करते हैं। फिर 10वें दिन यानी कि अनंत चतर्दशी को विसर्जन के साथ मंगलमूर्ति भगवान गणेश को विदाई जाती है। साथ ही उनसे अगले बरस जल्‍दी आने का वादा भी लिया जाता है। इसके बाद प्रसाद भी बांटा गया।

शाम को साध्वी पूजा सखी ने संगीतमय भजन संध्या की प्रस्तुति दी गयी। गणपति बप्पा का आशीर्वाद लेने के लिए शहर के गणमान्य लोग भी पंडाल में पधारे और पूजा अर्चना कर मंगलकामना की।

गणेश चतुर्थी का महत्‍व

हिन्‍दू धर्म में भगवान गणेश का विशेष स्‍थान है. कोई भी पूजा, हवन या मांगलिक कार्य उनकी स्‍तुति के बिना अधूरा है. हिन्‍दुओं में गणेश वंदना के साथ ही किसी नए काम की शुरुआत होती है. यही वजह है कि गणेश चतुर्थी यानी कि भगवान गणेश के जन्‍मदिवस को देश भर में पूरे विधि-विधान और उत्‍साह के साथ मनाया जाता है. महाराष्‍ट्र और मध्‍य प्रदेश में तो इस पर्व की छटा देखते ही बनती है. सिर्फ चतुर्थी के दिन ही नहीं बल्‍कि भगवान गणेश का जन्‍म उत्‍सव पूरे 10 दिन यानी कि अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है. गणेश चतुर्थी का सिर्फ धार्मिक और सांस्‍कृतिक महत्‍व ही नहीं है बल्‍कि यह राष्‍ट्रीय एकता का भी प्रतीक है.

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