ENGLISH HINDI Saturday, September 21, 2019
Follow us on
 
पंजाब

जीरकपुर अवैध होटलों को प्रशासन ने जारी किए नोटिस, शोरूम का नक्शा पास करवा बना लिए गए होटल

September 06, 2019 03:52 PM

फेस2न्यूज इम्पैक्ट

जीरकपुर,जेएस कलेर

जीरकपुर क्षेत्र में मशरूम की तरह उभर रहा होटल व्यवसाय की असलियत यह है कि कागजों में केवल शोरूम का नक्शा पास करवा होटल उद्योग चलाया जा रहा है जो कि न केवल पर्यटन उद्योग के मापदंडों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि होटलों के पास अग्निशमन, पर्यटन आदि विभागों की एनओसी नहीं है. अधिकांश होटल जीएसटी के तहत भी पंजीकृत नहीं हैं तो वहीं यह अवैध होटल म्यूनिसिपल बाइलॉज की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं।

सराय एक्ट के तहत भी नहीं कई होटलों का पंजीकरण, फायर विभाग की एनओसी भी नहीं

म्यूनिसिपल बाइलॉज में शोरूम व होटल का नक्शा करवाने के अलग अलज मापदंड हैं और नक्शा फीस में भी भारी भरकम अंतर है। पिछले कुछ सालों हवाई अड्डे के अंतर्राष्ट्रीयकरन होने बाद से जीरकपुर क्षेत्र में होटल उद्योग मशरूम की तरह विकसित हुआ जिसने हर नियम कायदे को दरकिनार कर शोरूम्स को ही होटल्स में तब्दील करने शुरू कर दिया। 

दरअसल म्यूनिसिपल बाइलॉज में शोरूम व होटल का नक्शा करवाने के अलग अलज मापदंड हैं और नक्शा फीस में भी भारी भरकम अंतर है। पिछले कुछ सालों हवाई अड्डे के अंतर्राष्ट्रीयकरन होने बाद से जीरकपुर क्षेत्र में होटल उद्योग मशरूम की तरह विकसित हुआ जिसने हर नियम कायदे को दरकिनार कर शोरूम्स को ही होटल्स में तब्दील करने शुरू कर दिया। जिससे एक तरफ जहां शहर में पार्किंग व्यवस्था फेल होने के साथ साथ इन होटल्स से निकलने वाले कचरे के संवर्धन की समस्या उतपन्न होने लगी वहीं पंजाब सरकार को बिना होटल की स्वीकृति लिए होटल चलाने से मालिया नुकसान भी उठाना पड़ा। वहीं क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं के बाद अवैध होटलों प्रति अग्निशमन विभाग की ढुलमुल कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है।

हाल ही में फेस2न्यूज में लगी खबर के बाद नगर कौंसिल जीरकपुर की कुंभकर्णी नींद टूटी है और उसने जीरकपुर क्षेत्र में चल रहे 90 के करीब अवैध होटलों को कारण बताओ नोटिस देने शुरू कर दिए हैं।

अधिकांश होटलों के एमसी जीरकपुर से नक्शे स्वीकृत नहीं हैं या नक्शा नहीं हैं और न ही अग्निशमन विभाग की एनओसी है। ऐसे में सबसे जरूरी बिंदु पर ही होटल संचालक फेल हैं। जिस कारण तमाम होटल अवैध की श्रेणी में आ चुके हैं।

नर्सिंग होम की भी यही स्थिति
शहर के नर्सिंग होम की भी यही स्थिति है। उनके भी नक्शे स्वीकृत नहीं होने से अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। इस कारण शहर के अधिकांश नर्सिंग होम भी अवैध की श्रेणी में हैं।
होटल संचालन के लिए सिर्फ सराय एक्ट के तहत पंजीकरण जरूरी नहीं है। बल्कि अग्निशमन विभाग, एमसी द्वारा एनओसी, पर्यटन विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जीएसटी व अन्य कर संबंधी पंजीकरण पत्र भी जरूरी हैं। लेकिन शहर के अधिकांश होटल संचालक, जो अपने होटल में कमरे किराए पर देते हैं, उन्होंने सराय एक्ट के तहत तो पंजीकरण करा लिया, लेकिन अन्य विभागों से एनओसी नहीं ली।

जो-जो नए अवैध या बिना नक्शा पास कराए होटल बनाए जा रहे हैं उनका हम जल्द ही सर्वे कराएंगे। यह मामला संज्ञान में आ गया है। जल्द ही पुराने व नए अवैध होटल मालिकों पर कार्रवाई देखने को मिलेगी। चिन्हित किए गए 90 मालिकों को नोटिस भिजवाने का काम शुरू कर दिया गया है। -सुखजिंदर सिंह सिधु, कार्यकारी अधिकारी नगर कौंसिल जीरकपुर

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और पंजाब ख़बरें
गुरूद्वारे में खड़ा बुलेट मोटरसाईकल चोरी चुनावी शगूफा साबित हुआ फ्लाईओवर के नीचे सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट निजी कालोनी का रास्ता निकालने के लिए एकेएस कालोनी की दीवार तोड़ी वार्ड नंबर 20 में मलेरिया के एक और पॉजिटिव केस की पुष्टि डा. अम्बेदकर प्रतिमा की तोड़-फोड़ मामला: जांच के लिए सिट्ट का गठन स्पैशलिस्ट डॉक्टरों की आयु सीमा 60 से बढ़ा कर 65 साल की केंद्रीय प्रोजैक्ट की ऐबूलैंसों पर बादल की फोटो लगाने वाले अकाली गिरेबान में झांके: रंधावा खराब पड़ी हैं शहर की तीसरी आंखें पेरोल पर आया कैदी फ़रार - मामला दर्ज शिकागो में जीरकपुर के गांव छत्त के युवक की गोली मारकर हत्या, गांव में माहौल गमगीन