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पंजाब

सीवरेज में तेल और ग्रीस मिक्स होने की शिकायत पर भरे सैंपल,सिंघपुरा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पानी में पाए गए पेट्रोलियम पदार्थ

September 07, 2019 09:59 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

जल प्रदूषण देश के सामने खड़े बड़े संकटों में से एक है। इसका सबसे बड़ा स्रोत है, बिना ट्रीटमेंट किया सीवेज का पानी। शहर के मैकेनिक, गैराज, वाशिंग सेंटर वाले बरसों से खुलेआम ग्रीस व तेल मिश्रित पानी नालों के जरिए नदी में बहा रहे हैं और यही प्रदूषित जल सतह से गुजरकर भूजल में जहर घोल रहा है।

सीवरेज बोर्ड की शिकायत पर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने की जांच

शहर में 35 से अधिक कार वाशिंग सेंटर, करीब 70 मैकेनिकल वर्कशॉप, पन्द्रह बड़े होटल, 20 अस्पताल व नर्सिंग होम समेत गोदाम क्षेत्र में कैमिकल व मिठाई बनाने के लघु कारखानों व अन्य इकाइयां स्थापित हैं। इनमें से अधिकांश नगर काउंसिल द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी के अलावा सबमर्सिबल पंपों से निकले जा रहे पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं और बदले में यह केमिकल युक्त दूषित पानी सीवरेज में बहा रहे हैं। जो सीवरेज से होता सिंघपुरा ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट हो घग्घर नदी में पहुंच रहा है।

  
 
 पंजाब की नदियों में औद्योगिक इकाइयों द्वारा पानी को प्रदूषित करने के खिलाफ पंजाब सरकार ने एक साझा टीम का गठन कर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की खिलाफ मुहिम की शुरुआत की है। पीपीसीबी के अधिकारियों ने नदियों में बढ़ रहेप्रदूषित पानी रोकने का एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है। इसका परिणाम छह महीनों में देखने का मिलेगा।

प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के अलावा नदियों पर विभिन्न जगह छह सेंसर बेस्ड निगरानी सिस्टम लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। जो पानी में प्रदूषण के स्तर की ऑटोमेटिकली निगरानी करेंगे। जीरकपुर क्षेत्र में हालांकि कोई बड़ी औद्योगिक इकाई नहीं है लेकिन यह के गोदाम क्षेत्र में बहुत सी कंपनियों का भंडारण है इसके साथ ही शहर में ज्यादातर इकाइयों में ट्रीटमेंट प्लांट्स का उपयोग नहीं किया जा रहा। शहर में विभिन्न झग़ पर संचालित कर वाशिंग सेंटर्स भी पानी को दूषित कर सीवरेज में भेज रहे हैं।

बीते कुछ दिनों से सिंघपुरा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुच रहे सीवरेज के पानी में मिक्स हो पहुच रहे तेल व ग्रीस युक्त पानी की समस्या की सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों द्वारा पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को की गई शिकायत के बाद आज पीपीसीबी की टीम ने सीवरेज बोर्ड व नगर कौंसिल जीरकपुर के अधिकारियों सहित शहर में विभिन् जगह पर चैकिंग कर मिक्सिंग के स्त्रोत की चेकिंग कर सैंपल भरे।

सीवरेज बोर्ड की एक्सईएन लाता चौहान ने बताया कि उनके विभाग की जानकारी में आया था कि सिंघपुरा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पिछले 1 साल से लगातार सीवरेज के पानी मे मिक्स होकर तैलीय पदार्थ व कुछ कैमिकल पहुच रहे हैं। जिसकी जांच के लिए पंजाब सरकार के नगर कौंसिल जीरकपुर, पीपीसीबी व सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। आज कमेटी ने जीरकपुर में विभिन्न जगह पर सीवरेज के ढक्कन उठवा पानी की जांच की की यह तेल, ग्रीस व कैमिकल सोर्स कहा है।

जीरकपुर नगर कौंसिल के एमई मुकेश राय ने बताया कि उनके ध्यान में लाया गया था कि जीरकपुर क्षेत्र से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पानी में पेट्रोकेमिकल मिक्स होकर पहुच रहा है। उन्होंने बताया कमेटी ने आज गोदाम क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर सीवरेज के ढक्कन खुलवा प्रदूषण के स्त्रोत का पता लगाने के लिए आज विभिन्न जगह से सीवरेज के पानी के 6 जगह से सैंपल भरे हैं जिसकी रिपोर्ट 2 दिनों में आ जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल स्त्रोत का पता नहीं चल है। उन्होंने स्त्रोत का पता लगाने के लिए लोगों के सहयोग की भी अपील की है।

शहर में 35 से अधिक कार वाशिंग सेंटर, करीब 70 मैकेनिकल वर्कशॉप, पन्द्रह बड़े होटल, 20 अस्पताल व नर्सिंग होम समेत गोदाम क्षेत्र में कैमिकल व मिठाई बनाने के लघु कारखानों व अन्य इकाइयां स्थापित हैं। इनमें से अधिकांश नगर काउंसिल द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी के अलावा सबमर्सिबल पंपों से निकले जा रहे पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं और बदले में यह केमिकल युक्त दूषित पानी सीवरेज में बहा रहे हैं। जो सीवरेज से होता सिंघपुरा ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट हो घग्घर नदी में पहुंच रहा है।

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