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हरियाणा

मुख्यमंत्री संग होने वाली वार्ता रद्द पर बिफरे सफाई कर्मी

September 11, 2019 06:52 PM

सिरसा, सतीश बंसल: मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन को आज वार्ता का समय देकर कथित तौर पर मुकरने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए यूनियन ने निर्णय लिया है कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों का समाधान करके नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा और यूनियन ने सर्वसम्मति से हड़ताल को 14 सितम्बर तक जारी रखने की घोषणा की है। इस सम्बन्ध में देर रात तक चली बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) के महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि प्रदेश भर के ग्रामीण सफाई कर्मचारी 11 सितम्बर को पूरे प्रदेश में नगरपालिका कर्मचारियों के साथ मिलकर झाडू प्रदर्शन करेंगे तथा सरकार द्वारा वार्ता का समय देकर मुकरने के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करते हुए अपना विरोध दर्ज करवाएंगे। 12 सितम्बर को ब्लॉक स्तर पर धरने व प्रदर्शन जारी रहेंगे, 13 सितम्बर को जिला स्तर पर हरियाणा सरकार के मंत्री तथा भाजपा विधायकों व सांसदों के दरवाजे पर प्रदर्शन करते हुए वेतन में 4 हजार रूपये मासिक का भारी भेदभाव पैदा करने वाली सरकार के लिए एक-एक कटोरी आटा इकट्ठा करके सभी विधायकों व सांसदों को देंगे तथा 14 सितम्बर को सभी ब्लॉक व जिलों में थाली और चम्मच बजाते हुए सरकार के खिलाफ सभी शहरों में प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि बीती 9 सितम्बर को मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेन्द्र सिंह के बुलावे पर यूनियन का पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय करनाल में उनसे मिला। इस डेलीगेशन में यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष देवीराम, प्रदेश महासचिव विनोद कुमार, करनाल के प्रधान जोगिन्दर व सीटू के जिला प्रधान सतपाल सैनी शामिल थे। प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन की प्रति देते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांगों को उठाते हुए मांगों को तुरन्त समाधान करवाने की बात कही। इस दौरान प्रतिनिधि मण्डल द्वारा कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब तो सरकार एक सप्ताह की बची है, अगर अगली बार हमारी सरकार बनी तो पक्का करने के लिए जरूर कार्यवाही की जाएगी। यूनियन नेताओं ने ओएसडी से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के वेतन में हो रहे भारी भेदभाव को तुरन्त प्रभाव से खत्म करते हुए शहरी कर्मियों के बराबर 15 हजार रूपये किए जाने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया, जिस पर ओएसडी ने कहा कि पहले 13500 रूपये की जो सहमति बनी हुई है उसको लागू करवाने के लिए कार्यवाही करेंगे और 15 हजार बारे बाद में विचार किया जाएगा, जिस पर यूनियन नेताओं ने अपना विरोध प्रकट करते हुए कहा कि 13500 रूपये की सहमति 13 जुलाई 2018 को बनी थी, तब शहरों में काम करने वाले सफाई कर्मियों को भी 13500 रूपये वेतन मिलता था परन्तु आज शहरी कर्मचारियों के लिए 15 हजार रूपये वेतन घोषित किया गया है तो ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को भी समान वेतन मिलना चाहिए अन्यथा हमारा आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों को सभी सरकारी अवकाश देने, काम के नॉर्म तय करने तथा वर्दी भत्ते को तुरन्त दिलवाने की मांग को भी दोहराया, जिस पर ओएसडी ने इन मांगों को मुख्यमंत्री तक भेजने की बात कही।

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