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पंजाब

बकाया वजीफों ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला: मान

September 16, 2019 09:12 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने अनुसूचित जाति से सम्बन्धित विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप (वजीफा) स्कीम के अंतर्गत मिलने वाले वजीफे के बकाया रह रहे अरबों रुपए अभी तक जारी न किए जाने के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाते कहा कि कांग्रेस, अकाली दल (बादल) और भाजपा जैसी रिवायती पार्टियों ने कभी नहीं चाहा कि गरीबों और दलित समाज के बच्चे पढ़-लिख कर अपने पैरों पर खुद खड़े हों। इनकी शुरू से नीति रही है कि गरीब और आम आदमी ओर गरीब किया जाए, क्योंकि गरीबों और आम लोगों को यह अपनी,'राजनैतिक फैक्टरियों'के लिए केवल कच्चा माल समझते है, जिन्हें वोटों के समय अपनी तरफ खिंचा जा सके।
पार्टी द्वारा जारी बयान में मान ने कहा कि उनको हर रोज सैंकड़ों विद्यार्थी मिलकर और फोन के द्वारा गुहार लगाते हैं कि सम्बन्धित कालेजों से हमारे सर्टिफिकेट जारी करवाए जाएं जिससे हम अगली उच्च-शिक्षा के लिए दाखिला ले सकें।
मान ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों की बदनीती ने लाखों विद्यार्थियों के साथ-साथ सैंकड़ों सरकारी और गैर-सरकारी कालेजों-यूनिवर्सिटियों को भी बर्बाद कर दिया है, क्योंकि सरकार की तरफ से स्कालरशिप के लिए सम्बन्धित कालेजों यूनिवर्सिटियों को फंड ही नहीं जारी किए जो 1000 करोड़ रुपए से ज़्यादा हैं। इनमें पंजाबी यूनिवर्सिटियां और अन्य सरकारी यूनिवर्सिटियां व सरकारी-प्रोफेशनल कालेज भी शामिल हैं।
मान ने कहा कि एक तरफ दिल्ली के सरकारी स्कूल देश के सबसे बढ़े स्कूलों में शुमार हो रहे हैं, दूसरी तरफ पंजाब में 141 वायदे पूरे करने के तथा-कथित दावे करने वाले कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकारी स्कूलों-कालेजों में अध्यापकों और स्टाफ की कमी पूरा नहीं कर सके।
मान ने कहा कि वह इस मामले को लेकर जल्दी ही केंद्र के मानवीय स्रोत मंत्री रमेश पोखरियाल के साथ मुलाकात करके इस मसले के हल के लिए दबाव डालेंगे, क्योंकि गरीबों-दलितों के विद्यार्थियों के प्रति न कैप्टन अमरिन्दर सिंह और न ही केंद्र की मोदी सरकार गंभीर है। मान ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार पोस्ट मैट्रिक और प्री-मैट्रिक स्कालरशिप फंड न जारी होने सम्बन्धित एक दूसरे के सिर ठीकरा फोड़ रहे हैं।

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