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पंजाब

शैलर इंडस्ट्री को तबाह कर देगी नई कस्टम मिलिंग नीति: चीमा

September 18, 2019 03:22 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
आम आदमी पार्टी पंजाब ने राज्य सरकार की तरफ से धान के सीजन के मद्देनजर ऐलानी गई नई कस्टम मिलिंग पालिसी को रद्द करते हुए इस पर फिर से विचार करने की मांग उठाई है। 'आप' के मुताबिक सरकार की नई मिलिंग नीति राज्य की एक ही सबसे बड़ी फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को तबाह करके रख देगी, जिस की कीमत किसानों, मंडी लेबर, ट्रांसपोर्टरों और आढ़तियों को भी चुकानी पड़ेगी।
'आप' द्वारा जारी बयान में पार्टी के प्रतिपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, उप नेता बीबी सरबजीत कौर माणूंके, किसान विंग के प्रधान और विधायक कुलतार सिंह संधवां और व्यापार विंग की राज्य प्रधान नीना मित्तल ने कहा कि नई नीति के अंतर्गत सरकार ने लैवी सिक्योरिटी राशि 5 लाख से बडा कर 10 लाख कर दी और जिसमें 5 लाख रिफंड नहीं होगा। इसके साथ जहां शैलर इंडस्ट्री पर वार्षिक 200 की बजाए 400 करोड़ का वित्तीय बोझ पड़ेगा और जिसमें सरकार 200 करोड़ सीधा ही दबा रही है।
चीमा ने नई सिक्योरिटी राशि शर्त वापस लेने और बनते ब्याज का हिस्सा भी रिफंड में शामिल किया जाए। चीमा ने नई कस्टम मिलिंग नीति में छोटे शैलरों पर बैंक गारंटी की शर्त के द्वारा बड़ी चोट मारी है, जिससे करीब एक हजार शैलर मालिक सीधा प्रभावित होंगे। चीमा ने बताया कि नई बैंक गारंटी 5000 मीटरिक टन समर्था वाले शैलरों से घटा कर 4000 मीटरिक टन वाले छोटे शैलरों को भी 5 प्रतिश्त बैंक गारंटी के घेरे में ले लिया है।
माणूंके ने कहा कि खुराक और सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु तानाशाही रवैया 'मंडी माफिया' को सरंक्षण दे रहा है। जिसकी मार शैलर मालिकों, आढ़तियों, किसानों, ट्रांसपोर्टरों और लेबर पर पडऩा तह है। माणूंके ने कहा कि खुराक और सप्लाई विभाग ऊपर से लेकर नीचे तक भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है।
कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि धान की फसल मंडियों में आना शुरू हो गया है, जबकि राज्य के सरकारी और गैर सरकारी गोदामों में सिर्फ 9 प्रतिशत जगह (स्पेस) खाली हुई है, जबकि पिछले साल यह 40 प्रतिशत से ज़्यादा था। संधवां ने कहा कि पंजाब सरकार चावलों की डिलीवरी की समय सीमा 31 मार्च तह कर रही है। जबकि एफसीआई की तरफ से यह 30 सितम्बर तह की हुई है। संधवां ने कहा कि यदि शैलर मालिक लिफ्टिंग नहीं कर सकेंगे तो इसका सबसे अधिक प्रभाव किसानों, लेबर, आढ़ती और ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा।
चीमा और नीना मित्तल ने कहा कि सरकार की व्यापारियों, कारोबारियों और किसान मजदूर विरोधी नीतियों के कारण आज उद्योग और शैलर इंडस्ट्री बंद हो रही है। शैलर मालिकों ने गलत नीतियों के कारण अपनी चाबियां डिप्टी कमीशनरों को सौंपनी शुरू कर दी है।
मित्तल ने कहा कि सरकारी खरीद एजेंसियां शैलर मालिकों का करीब एक हजार करोड़ रुपए का बकाया पिछले साल का दबाए बैठे हैं। जिनमें सब से अधिक फूड सप्लाई विभागों की अपनी पनग्रेन एजेंसी की तरफ है। उन्होंने यह बकाया तुरंत जारी करने की मांग करते कहा कि सरकार के इस तरह के विरोधी व्यवहार के कारण अनगिणत शैलर बंद होने की कगार पर आ गए हैं।
'आप' नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते कहा कि यदि सरकार ने शैलर मालिकों की मांगों की तरफ गंभीरता न दिखाई तो 'आप' इन कारोबारियों को एकजुट करके संघर्ष का बिगुल बजाऐगी, क्योंकि इसके साथ हजारों लोगों के रोजगार पर भी खतरा पैदा हो गया है।

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