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हरियाणा

हरियाणा में चुनाव आचार संहिता लागू, चुनाव 21 अक्तूबर और नतीजे 24 अक्तूबर को

September 21, 2019 09:14 PM

चण्डीगढ़, फेस2न्यूज 
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग अग्रवाल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेशानुसार आज से लोकतंत्र के महापर्व की शुरूआत हो गई है और हरियाणा विधानसभा-2019 के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही शनिवार से प्रदेश में तुरंत प्रभाव से आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।

अग्रवाल ने बताया कि जैसाकि भारत निर्वाचन आयोग ने आज नई दिल्ली में प्रैस कांफ्रैस के माध्यम से विधान सभा चुनाव हो रहे राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भी सूचित किया है कि इस वर्ष आयोग ने निïष्पक्ष चुनाव के साथ-साथ नैतिक ढंग से चुनाव करवाने की भी नई शुरूआत की है। इसके लिए हम सभी को और अधिक निष्ठïा से अपनी चुनाव ड्यूटी का निर्वहन करना होगा।

 सैक्टर-3 स्थित आज यहां हरियाणा निवास में बुलाए गए एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव 21 अक्तूबर, 2019 को करवाए जाएंगे, जिसके लिए चुनाव अधिसूचना 27 सितम्बर को जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगा जो 4 अक्तूबर तक जारी हो रहेगी। इसके बाद, 5 अक्तूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी तथा नामांकन वापिस लेने की अंतिम तिथि 7 अक्तूबर होगी। चुनाव परिणाम 24 अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे।

श्री अग्रवाल ने बताया कि निष्पक्ष, पारदर्शी व सुनियोजित ढंग से लोकतंत्र में चुनाव सम्पन्न करवाना चुनाव आयोग का कत्र्तव्य है और इसी के चलते राजनैतिक पार्टियों व चुनाव आयोग के बीच हुई सहमति से आदर्श चुनाव आचार संहिता तैयार की गई है जिसकी अनुपालना चुनाव प्रक्रिया के दौरान हम सबको करनी होती है। आदर्श चुनाव आचार संहिता चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों, राजनैतिक पार्टियों, सत्ताशीन दल, सरकार, सरकारी अधिकारियों- कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था देता है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उन्हें क्या करना है, क्या नहीं करना है।

उन्होंने बताया कि आज से ही जिला प्रशासन व चुनाव प्रशासन पूर्ण रूप से मुस्तैद रहेंगे तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव तिथि घोषित करने के बाद आगामी 72 घण्टे हमारे लिए महत्वपूर्ण होते हैं। 24 घण्टों के अंदर-अंदर सभी सरकारी कार्यालयों से राजनैतिक पार्टियों से संबंधित फोटो, बैनर इत्यादि हटाने का कार्य किया जाएगा। उसके अगले 24 घण्टों में सार्वजनिक स्थानों पर से तथा उसके बाद के 24 घण्टे निजी सम्पतियों से ऐसी सामग्री हटवाने पर फोकस रहेगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के दौरान कोई भी मंत्री चुनाव के कार्य के लिए सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं कर सकेगा। केवल उसके निवास से आवश्यक सरकारी कार्य करने के लिए ही उसे की अनुमति होगी। सरकारी व राजनैतिक कार्य मिश्रित रूप से करने के लिए सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि आयोग का सी विजल एप कल से ही आरंभ हो गया है। कोई भी नागरिक आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लघंन से संबंधित सूचना की जानकारी आयोग के पास भेज सकता है और 100 मिनट के अंदर-अंदर संबंधित जिला उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा उसका निदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग के टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि राजनैतिक पार्टियों को इलैक्ट्रॉनिक्स मीडिया पर विज्ञापन देने के लिए जिला स्तर व राज्य स्तर पर बनाई गई मीडिया निगरानी एवं प्रमाणन समिति से प्रमाण पत्र लेना होगा। सोशल मीडिया पर भी बल्क एसएमएस भेजने पर भी आयोग की नजर रहेगी। केवल व्यक्तिगत एकाउंट से ही ट्वीट कर सकते हैं। इसके अलावा, समाचार के रूप में विज्ञापन अर्थात पेड न्यूज पर आयोग पूरी तरह सख्त है। जिला स्तर व राज्य स्तर पर गठित मीडिया निगरानी एवं प्रमाणन समिति के पास पेड न्यूज की शिकायत की जा सकती है अगर फिर भी कोई राजनैतिक पार्टी व उम्मीदवार इसके समाधान से संतुष्ट नहीं होता तो वह सीईओ के पास अपील कर सकते हैं और उसके बाद वह भारत निर्वाचन आयोग के पास अपील कर सकता है। आयोग द्वारा उस मीडिया हाउस के विरूद्ध भारतीय प्रैस परिषद के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी।

श्री अग्रवाल ने बताया कि जैसाकि भारत निर्वाचन आयोग ने आज नई दिल्ली में प्रैस कांफ्रैस के माध्यम से विधान सभा चुनाव हो रहे राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भी सूचित किया है कि इस वर्ष आयोग ने निïष्पक्ष चुनाव के साथ-साथ नैतिक ढंग से चुनाव करवाने की भी नई शुरूआत की है। इसके लिए हम सभी को और अधिक निष्ठïा से अपनी चुनाव ड्यूटी का निर्वहन करना होगा।

उन्होंने बताया कि सभी 90 विधान सभाओं के लिए सभी जिलों में 90 रिटर्निंग अधिकारी तथा दो-दो सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किये गए हैं। इसके अलावा, चुनाव पर्यवेक्षक, सामान्य पर्यवेक्षक तथा पुलिस पर्यवेक्षक की भी नियुक्ति की गई है जो चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई प्रकार की गतिविधियों पर निगरानी रखेंगे। चाहे वह भारी मात्रा में नकदी, शराब या कोई अन्य प्रकार के मादक पदार्थ हों, इस पर निगरानी रखेंगे। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर नाके लगाए जाएंगे और वहीं से मोबाइल वीडियोग्राफी तथा लाइव वैबकास्टिंग भी की जाएगी।

चुनाव पर्यवेक्षकों के सहयोग के लिए केन्द्रीय आयकर, डाक, रेलवे इत्यादि विभागों से 24 नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग द्वारा टोल फ्री नम्बर 18001804815 जारी किया गया है जिस पर शिकायतें दी जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग के अधिनियम के अनुसार 10 लाख से अधिक की नकद राशि की निकासी अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते से करता है तो उसका ब्यौरा अपने साथ रखना होगा। इसके अलावा, 50,000 से अधिक नकद अपने साथ ले जाने पर भी उसका ब्यौरा अपने साथ रखना होगा।
उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च सीमा 28 लाख निर्धारित की गई और उम्मीदवारों को अलग से अपना बैंक खाता खुलवाना होगा और चुनाव खर्च का ब्यौरा चुनाव सम्पन्न होने के 30 दिनों के अंदर-अंदर आयोग के पास देना होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वोट बनवाने के लिए ऑनलाइन www.nvsp.in पर भी आवेदन किया जा सकता है और अधिक जानकारी के लिए आयोग के टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नए वोट बनवाने का कार्य नामांकन प्रक्रिया खत्म होने से 10 दिन पहले (24 सितम्बर) तक बनवाएं जा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि यह एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया होती है और विधान सभा चुनावों में 27 अगस्त, 2019 को प्रकाशित संक्षिप्त मतदाता संशोधन सूची का प्रयोग किया जाएगा। प्रदेश में लगभग एक करोड़ 83 लाख मतदाता विधान सभा चुनाव में मतदान में भाग ले सकेंगे। इसके अलावा, 1.07 लाख सर्विस वोटर तथा 18 से 19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 3.64 लाख है।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि विधान सभा चुनाव के लिए प्रदेश में 19,442 मतदान केन्द्र स्थापित किए जाएंगे जिनमें से 5511 शहरी क्षेत्रों में तथा 13,931 ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे। इसके अलावा, जहां मतदाताओं की संख्या अधिक होगी वहां पर 136 अस्थाई मतदान केन्द्र भी बनाए जाएंगे। चुनाव के लिए ईवीएम मशीनों की रेण्डम चैकिंग का पहला चरण पूरा किया जा चुका है। 26,329 कंट्रोल यूनिट तथा 40,615 बैलेट यूनिट तैयार किए गए हैं। 27,996 वीवीपीटी मशीने उपलब्ध रहेंगी।

मतदाताओं को ईवीएम पर डाले गए वोट की वीवीपीटी पर जानकारी के लिए आयोग द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा और चुनाव से पहले हर गांव में मोबाइल वैन के माध्यम से मॉक पोल ड्रिल करवाई जाएगी। हरियाणा पुलिस के जवानों अलावा चुनाव प्रक्रिया के दौरान ड्यूटी के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय से 200 अर्धसैनिक बलों की कम्पनियां उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डी.के.बेहेरा तथा संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इन्द्रजीत व अपूर्व कुमार भी उपस्थित थे।

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