ENGLISH HINDI Monday, May 25, 2020
Follow us on
 
राष्ट्रीय

भाषाओं का मेलजोल समाज के लिए जरूरी

September 21, 2019 11:01 PM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
हिंदी माह उत्सव श्रृंखला की छठी कड़ी में हिंदी विभाग के कही अनकही विचार मंच की ओर से आज 'भाषाओं से दोस्ती' विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा में हिंदी भाषा के अतिरिक्त अन्य भाषा विभागों से विशेषज्ञ वक्तव्य के लिए आमंत्रित किए गए। जिनमें पंजाबी विभाग से प्रो. योगराज, अंग्रेजी विभाग से डॉ. मीनू गुप्ता और उर्दू विभाग से डॉ. अली अब्बास शामिल हुए। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि हर भाषा की अपनी सुंदरता एवं ताकत होती है। इसलिए हमें अधिक से अधिक भाषाओं से दोस्ती करनी चाहिए। इससे हमारा दायरा, हमारा व्यक्तित्व एवं हमारा आपसी मेलजोल भी बढ़ सकेगा और हम दूसरी भाषाओं में मौजूद साहित्य और संस्कृति से भी परिचित हो सकेंगे। सभी वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हमें हर भाषा का सम्मान करना चाहिए क्योंकि भाषाएं जोड़ने का काम करती हैं तोड़ने का नहीं। इस परिचर्चा में शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
जिनमें सुअम्बदा और शकुंतला शामिल हैं। परिचर्चा में अन्य विभागों के शिक्षकों में प्रो. पंकज मालवीय, प्रो. रणवीर सिंह और डॉ. राजेश जायसवाल शरीक हुए। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह और प्रो. सत्यपाल सहगल भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी बोबीजा ने किया।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
एम्स ऋषिकेश में कोविड पॉजिटिव चार अन्य मामले सामने आए एम्स ऋषिकेश में कोविड पॉजिटिव के पांच नए मामले सामने आए उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित लोगों का आंकड़ा 317 पहुंचा, सभी 13 जिले ऑरेंज जोन में चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ के बाद बंगाल में एनडीआरएफ की 10 अतिरिक्त टीमें तैनात की गई "जैव विविधता भारतीय संस्कृति का अनिवार्य हिस्सा है": शेखावत कोविड—19 परीक्षण में 9 पॉजिटिव जीवन चलाने के लिए जीवन को ही दांव पर लगा दिया गया कोरोना संकट में आर्थिक मंदी से झूझ रहा भारतीय फिल्म जगत: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों से सहयोग की गुहार भारत के स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन बने विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड के चेयरमैन आत्मनिर्भर भारत अभियानः संवृद्धि आवेग की आगामी तरंग की ओर लक्षित