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राष्ट्रीय

लुंगी चप्पल में गाड़ी चलाने का नहीं होगा चालान: नितिन गडगरी

September 26, 2019 06:45 PM

संजय कुमार मिश्रा

देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019 लागू हुए एक महीने होने वाला है। नए यातायात नियमों के तहत नियम के उल्लंघन करने वालों पर भारी भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है. मोटर व्हीकल (संशोधन) अधिनियम 2019 को संसद ने पिछले सत्र में पारित किया और यह एक सितंबर से प्रभावी हो गया. नए नियमों के लागू होने के बाद से कई अलग तरह के मामले भी सामने आए हैं जिसमे लुंगी, हाफ टी शर्ट एवं चप्पल पहन कर गाडी चलाने पर भी चालान काटने जैसी  तरह  तरह की अफवाहें और भ्रम फैलाए जा रहे हैं. जिनको लेकर परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय द्वारा लोगों को सतर्क और जागरूक होने का आह्वान किया गया है. 

इन बातों के लिए चालान काटने का नहीं है प्रावधान  

*आधी बांह की शर्ट पहनने पर*लुंगी बनियान में गाड़ी चलाने पर, गाड़ी में एक्स्ट्रा बल्ब नहीं रखने पर*गाड़ी का शीशा गंदा होने पर*चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर   

गडगरी ने कहा , 'मुझे खेद है,  कि  मीडिया के कुछ मित्रों ने सड़क सुरक्षा कानून जैसे गम्भीर विषय का मजाक बनाया है. मेरा सबसे आह्वान है, लोगों की जिंदगी से जुड़े इस गम्भीर मसले पर गलत जानकारी फैला कर लोगों में भ्रम ना पैदा करें.'  

  

परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय की ओर से ट्वीट कर लोगों को अफवाहों से सावधान रहने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही 5 ऐसे प्वाइंट भी बताए गए हैं. जिन पर नए मोटर व्हीकल एक्ट में चालान काटने का कोई नियम ही नहीं है.

इन बातों के लिए चालान काटने का नहीं है प्रावधान :- 

आधी बांह की शर्ट पहनने पर, लुंगी बनियान में गाड़ी चलाने पर, गाड़ी में एक्स्ट्रा बल्ब नहीं रखने पर, गाड़ी का शीशा गंदा होने पर, चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर  

गडगरी ने कहा , 'मुझे खेद है,  कि आज फिर हमारे मीडिया के कुछ मित्रों ने सड़क सुरक्षा कानून जैसे गम्भीर विषय का मजाक बनाया है. मेरा सबसे आह्वान है, लोगों की जिंदगी से जुड़े इस गम्भीर मसले पर इस प्रकार गलत जानकारी फैला कर लोगों में भ्रम ना पैदा करें.'  

मप्र हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय मेहरा ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसमें गाड़ी चलाते वक्त चप्प्ल या सैंडल पहनने को अनिवार्य किया गया हो। सरकार ने संशोधन में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं जोड़ा है। 

भोपाल के ट्रैफिक डीएसपी मनोज कुमार खत्री ने भी पुष्टि करते हुए बताया कि, ये सब फालतू की बातें हैं। एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो यह कहता हो कि गाड़ी चलाते वक्त स्लीपर या सैंडल पहनना जरूरी है। 

फ़ेस२न्यूज ने भी मोटर व्हीकल (संशोधित) बिल 2019 पर गौर किया जहाँ ऐसा कोई प्रावधान नहीं मिला।   

इन सभी तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया में वायरल मैसेज गलत है। जिन वेबसाइट्स ने भी इससे जुड़ी खबर लगाई है, उन्होंने किसी विश्वसनीय सोर्स का हवाला नहीं दिया।  

नए ट्रैफिक नियम 2019 के मुताबिक़  :- 

*बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर 500 की जगह अब 5000 देने होंगे।, खतरनाक ड्राइविंग पर पहले अपराध पर एक साल तक की कैद और/या 5000 तक जुर्माना व इसके तीन साल के भीतर दोबारा ऐसा करने पर दो साल तक कैद और/या 10,000 रुपये जुर्माना देना होगा।, शराब पीकर वाहन चलाने पर पहली बार 10,000 रुपए तक जुर्माना और/या छह माह तक कैद तथा दूसरी बार ऐसा करने 3000 रुपए जुर्माना और/या दो साल तक कैद हो सकती है।, ओवर स्पीड पर अब तक 400 रुपए का जुर्माना था, जिसे एलएमवी के लिए 1000 से 2000 तक और मध्यम व मालवाहक वाहनों के लिए 2000 से 4000 तक कर दिया गया है। इसके अलावा दोबारा ऐसा करने पर लाइसेंस जब्त कर लिया जाएगा, एंबुलेंस सहित सभी इमरजेंसी सेवाओं को रास्ता नहीं देने पर अब 10000 रुपये जुर्माना देना होगा व छह माह तक की कैद भी हो सकती है, दुर्घटना करने पर पहले अपराध पर 5000 तक जुर्माना और/या छह माह तक कैद तथा दूसरे अपराध पर 10,000 तक जुर्माना और/या एक साल की कैद, सीट बेल्ट न लगाने और हेलमेट न पहनने पर अब 1000 रुपये जुर्माना देना होगा। बिना इंश्योरेंस के वाहन चलाने पर 2000 रुपये देने होंगे।, नाबालिग के वाहन चलाने या नियमों का उल्लंघन करने पर अभिभावक या वाहन स्वामी जिम्मेदार माने जाएंगे। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन भी निलंबित कर दिया जाएगा।

*सड़क सुरक्षा ध्वनि व वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करने पर पहली बार तीन माह तक की कैद और/या 10,000 रुपये जुर्माने के साथ ही तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा और दूसरी बार ऐसा करने पर छह माह तक की कैद और 10,000 जुर्माना देना होगा।

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