ENGLISH HINDI Wednesday, July 15, 2020
Follow us on
 
हिमाचल प्रदेश

केन्द्र सरकार को रैबीज रोधी टीके जन्म के तत्काल बाद लगना अनिवार्य करना चाहिए: ओमेश भारती

October 05, 2019 01:01 PM

धर्मशाला (विजयेन्दर शर्मा)

पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर ओमेश भारती ने कहा है कि केन्द्र सरकार को रैबीज रोधी टीके जन्म के तत्काल बाद लगना अनिवार्य करना चाहिए ताकि जानवरों के काटने से प्रति वर्ष होने वाली 49,000 मौतों को रोका जा सके। डॉक्टर भारती संक्रमण से होने वाली महामारी के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा,‘‘भारत में रैबीज से प्रति वर्ष औसतन 49 हजार लोगों की मौत हो जाती है। अगर आपको इसे मिटाना है तो आपको जन्म के तत्काल बाद रैबीज रोधी टीके लगाने अनिवार्य करना चाहिए।’’

  उन्होंने कहा कि यदि जन्म के तत्काल बाद शिशुओं को रैबीज रोधी टीके लगाए जाएं तो बाद में कुत्ता,बिल्ली,नेवला, बंदर अथवा किसी अन्य जानवर के काटने की सूरत में केवल उन्हें एक बूस्टर डोज ही काफी होगी।

गौरतलब है कि डॉ भारती को इस साल मार्च में राष्ट्रपति ने पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्हें यह सम्मान रैबीज रोधी टीकों के दाम को बेहद कम करने में उनके योगदान के लिए दिया गया था। उनकी पहल से इस पूरे उपचार की कीमत 35 हजार रुपए से घट कर प्रति मरीज 350 रुपए पर आ गई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे नया वैश्विक मानक भी घोषित किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में रैबीज रोधी टीके निशुल्क होने के बावजूद इस वर्ष हिमाचल में पांच लोगों की मौत रैबीज से हो गई। सभी मौतें कुत्ते के काटने से हुईं। उन्होंने कहा कि गलत धारण और जागरुकता में कमी इन मौतों की वजह है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हिमाचल प्रदेश ख़बरें
असां दी मुन्नी असां दा स्वाभिमान : परमार राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र ने की बर्फ आवरण की मैपिंग शिव अराधना के लिए सर्वोत्तम है सावन का महीना आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों के लिए 31 जुलाई को ज्वालामुखी में साक्षातकार सब्जी उत्पादन कर सुधारी आर्थिकी, स्वरोजगार से चुनी आर्थिक स्वावलंबन की राह कृषि उपकरणों पर अनुदान से किसानों में बढ़ा आधुनिक तकनीक के प्रति रुझान वरिष्ठजनों को मनोरंजक स्थान प्रदान करने के लिए विकसित होंगे 100 उद्यान एवं पार्क समाजसेवी संस्था इंक्रेडिबल कांगड़ा ने किया उपायुक्त को सम्मानित होनहार बेटियों को शुभकामनाएं देने पहुंचे एसडीएम हिमकोस्ट ने सूर्यग्रहण पर विद्यार्थियों से राइट-अप और प्रेजेंटेशन मांगे