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पंजाब

करतारपुर साहिब से लौटे इन्फोटेक चेयरमैन एसएमएस संधू ने साझा की यात्रा की सुनहरी यादें

November 11, 2019 04:14 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

करतारपुर कॉरिडोर होते हुए शनिवार को पाकिस्तान के करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए गए श्रद्धालुओं का पहला जत्था वापस भारत लौट आया है। इस मौके डेराबस्सी विधानसभा से संबधित सीनियर कांग्रेसी नेता व पंजाब इन्फोटेक के चेयरमैन एसएमएस संधू ने पत्रकारों के साथ  अपनी यात्रा की सुनहरी यादों को साझा किया।

उन्होंने कहा कि बाबा नानक तीर्थ स्थली दर्शन दीदार करके मन बहुत खुश हुआ। उम्मीद है कि यह कॉरिडोर शांति का कॉरिडोर बनेगा। यह दोनों देशों की एक शुरुआत है। उन्होंने कहा की भारत-पाकिस्तान के बीच कई मुद्दे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कॉरिडोर हमारे संबंध को सामान्य बनाने के लिए एक अच्छी शुरुआत साबित होगा। यह वास्तव में एक अच्छा अनुभव था।

करतारपुर में पाकिस्तान सरकार द्वारा किए कामों की प्रशंसा, कहा एक दिन यह विश्व के अजूबों में शामिल होगा,उम्मीद जताई कि करतारपुर कॉरिडोर शांति का सूत्रधार बनेगा* करतारपुर साहिब में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा  उद्घाटन किए गए यादगारी पत्थर पर पंजाबी के न होने पर अफसोस प्रकट किया और कहा कि भारत सरकार के नुमाइंदों को चाहिए था कि सिखों के पहले गुरु नानक देव जी के 550 प्रकाश उत्सव दौरान लिखे गए इतिहास में सब से पहले बाबा नानक की गुरबाणी होना अनिवार्य थी।

उन्हें उम्मीद है कि अंत में कॉरिडोर दोनों देशों के बीच शांति का गलियारा जरूर बन जाएगा। करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाक जाने वाले 550 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, हरदीप पुरी, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, पूर्व उपमुख्यमंत्री व शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल, अभिनेता व सांसद सनी देओल के अलावा पंजाब की कई महान हस्तियां शामिल थीं जिनमें इन्फोटेक चेयरमैन एसएमएस संधू के साथ जस्टिस राजिंदर सिंह, जस्टिस महताब सिंह व जस्टिस नानक सिंह भी शामिल थे। पहले जत्थे में यात्रा के लिए एसएमएस संधू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व सांसद महारानी परनीत कौर का धन्यवाद किया। 

उन्होंने वापस आने के बाद कहा कि करतारपुर साहब जाकर जीवन धन्य हो गया इस जीवन की यही इच्छा थी कि इस जीवन का यह सबसे बड़ी उपलब्धि थी जो इस समय में करतारपुर साहिब का रास्ता खुला और दरबार साहब जाकर करतारपुर साहब के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के साथ साथ हल्का डेराबसी के लोगों की सलामती की अरदास करके आए हैं। यह रास्ता अमन और शांति का रास्ता बने यह हमारी अरदास है। पाकिस्तानियों ने भी बड़ी गर्मजोशी के साथ जत्थे का स्वागत किया।  पहले करतारपुर साहिब की यात्रा करने के लिए भारतीय सिखों को बहुत लंबी यात्रा करनी पड़ती थी।इस स्थल तक जाने के लिए पहले लाहौर जाना पड़ता था उसके बाद वहां से 125 किमी दूर करतापुर साहिब के दर्शन करने के लिए यात्रा करनी पड़ती थी। करतारपुर कॉरिडोर बन जाने से अब आसानी से दर्शन हो गए हैं।

करतारपुर गलियारे के लिए एसएमएस संधू ने इमरान खान का शुक्रिया अदा किया और उनके द्वारा करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में किए गए अतुलनीय व दार्शनिक काम की जम कर प्रशंसा की और कहा कि उन्हें यकीन है कि आने वाले समय में श्री करतारपुर साहिब का नाम भी विश्व के अजूबों में जरूर शामिल होगा ।

उन्होंने कहा पाकिस्तान की तुलना में भारत की ओर किया गया काम में अभाव है। उन्होंने करतारपुर साहिब में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा  उद्घाटन किए गए यादगारी पत्थर पर पंजाबी के न होने पर अफसोस प्रकट किया और कहा कि भारत सरकार के नुमाइंदों को चाहिए था कि सिखों के पहले गुरु नानक देव जी के 550 प्रकाश उत्सव दौरान लिखे गए इतिहास में सब से पहले बाबा नानक की गुरबाणी होना अनिवार्य थी। इस मौके उनके साथ राहुल कौशिक, चरणजीत सिंह टिवाणा, बॉबी मुबारकपुर, गुरजीत सिंह भँखरपुर, जग्गी सैदपुरा, परमिंदर सिंह कारकोर, जै सिंह जोला व जतिंदर लंबरदार मौजूद थे।

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