ENGLISH HINDI Sunday, June 07, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
जिम खोलने की इजाजत मिले, डेराबस्सी में नॉर्थ इंडिया बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन ने की मांगवजन कम करना सबसे आसान काम है अगर सही तरीके से किया जाए : हनान चौधरीसमाजसेवी सुनील गुप्ता ने "तथास्तु चैरिटेबल ट्रस्ट" को हैंड सेनीटाइजर, मास्क और पौधे बांट कर मनाया पर्यावरण दिवस ट्रांसजेंडर वेलफेयर सोसायटी ने मनाया पर्यावरण दिवसएनजीओ इनविजिबल हैंड्स फाउंडेशन ने गरीबों में बाँटा राशनपंजाब में भी होंगी गुरुकुल शिक्षा केंद्रों की स्थापनाशराब के ग़ैर-कानूनी कारोबार और तस्करी जांच के लिए विशेष जांच टीम के गठन का ऐलानमाह तक 6 एमसीएच अस्पताल कार्यशील कर दिए जाएंगे: सिद्धू
धर्म

मन की शांति की नितांत आवश्यकता है

December 09, 2019 10:00 AM

भिलाई, फेस2न्यूज:
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा बोरसी के प्रगति मैदान में सात दिवसीय मन की शांति व शक्ति शिविर का भव्य शुभारंभ स्कन्द आश्रम, हुडको के प्रमुख मणि स्वामी जी, भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रम्हाकुमारी प्राची दीदी तथा अन्य अतिथियों ने किया। मुख्य अतिथि स्कन्द आश्रम, हुडको के प्रमुख मणि स्वामी ने कहा कि आज जीवन के अंदर मन की शांति की नितांत आवश्यकता है आपने अपने माउंट आबू का अनुभव सुनाते हुए कहा कि वहां प्रातः काल से ही मन की एकाग्रता द्वारा परमात्मा शक्ति का अनुभव किया जाता है भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने कहा कि जैसे मकान भोजन तथा अन्य चीजों की आवश्यकता होती है वैसे ही जीवन में खुशी, सुख, शांति, आनंद एवं अपनत्व की भी अत्यंत आवश्यकता है। मन की शांति व शक्ति शिविर के प्रथम दिन प्राची दीदी ने कहा कि आज मन की शांति एवं और एकाग्रता के लिए अनुकूल वातावरण नहीं है जीवन जीते बरसों बीत गए पर अभी जीना सीख रहे हैं, आज भी संघर्ष है परिस्थितियां यदि हम पर हावी हो जाती है तो आजकल का ट्रेंड है मृत्यु की ओर कदम बढ़ाने का पर इससे कोई समाधान नहीं मिलता| हमें बहुत गहरी नींद लिए कई सालों साल हो गए हैं लेकिन राजयोग से मन की शांति की संपूर्ण स्थिति प्राप्त होती है| बड़ा मकान बड़ी मोटर कार है पर शांति नहीं तो व्यर्थ है| हमें कैलेंडर बदलने से पहले स्वयं के जीवन को बदलना होगा। थोड़ा समय मेरे लिए मुझे दूसरों को खुशी शांति देना है जो मेरे पास नहीं है तो मैं दूसरों को कैसे दे सकता हूं| हम अशांत दूसरों के कारण नहीं स्वयं अपने कारण होते हैं| मेरे मन की शांति को बनाए रखना मेरी जिम्मेदारी है| परिस्थिति आने पर मन में हलचल होती है, आउट ऑफ कंट्रोल होकर कार्य और रिश्ते बिगड़ जाते हैं और इसी मन का असर शरीर पर रोगों के रूप में उत्पन्न होता है| शरीर का इतना ख्याल रखते हैं पर मन का कभी ख्याल नहीं किया| जो चीज हमने कभी नहीं कि वह मुश्किल लगता है| अनेक बातों के बीच शांत रहने का अभ्यास करेंगे तो हर समस्या का समाधान नजर आएगा| हमारा शांत मन हर परिस्थिति का समाधान है| दूसरों को बहुत सिखाया पर अब मुझे खुद को मेरे मन को सिखाना है|

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और धर्म ख़बरें
संत निरंकारी मिशन ने संभाली जरूरतमंदों को घर बैठे राशन सामग्री पहुंचाने की कमान विशाल साईं भजन संध्या का आयोजन कैंम्बवाला गौशाला में गौभक्तों ने महाशिवरात्रि पर किया शिवपूजन महाशिवरात्रि पर्व: शिव खेड़ा मंदिर में लगा शिव भक्तों का तांता सेक्टर 24 मार्किट वेलफेयर एसोसिएशन ने लगाया लंगर प्रसाद: चना-पूरी और खीर का भोले भक्तों में बांटा प्रसाद महाशिवरात्रि पर्व: लक्ष्य ज्योतिष संस्थान ने लगाया लंगर: 24 प्रकार के व्यंजन शिव भक्तों में प्रसाद स्वरूप किये वितरित श्रीसालासर बालाजी परिवार की मूर्तियो का विधिवत रूप से श्री सनातन धर्म मंदिर सेक्टर-32 में प्राण प्रतिष्ठा कर स्थापित की गई मुमुक्षु हिमांशु जैन बने अमन मुनि और मुमुक्षु रजत जैन बने तेजस मुनि विश्व शांति कल्याणार्थ पर हिमाचल महासभा चंडीगढ़ ने सजाया भव्य दरबार साहिबज़ादों की शहादत को किया याद: लगाया चाय ब्रेड पकोड़े का लंगर