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राष्ट्रीय

बालाकोट एक्शन पर रक्षा विशेषज्ञों द्वारा गंभीर विचार-चर्चा

December 15, 2019 09:23 AM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
विभिन्न माहिरों ने ‘अंडरस्टैंडिंग द मैसेज ऑफ बालाकोट’ विषय पर मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल-2019 के दौरान हुए विशेष सैमीनार के दौरान गंभीर विचार-चर्चा की। एयर चीफ़ मार्शल (सेवामुक्त) बीएस धनोआ, स्कूएडर्न लीडर (सेवामुक्त) समीर जोशी, रक्षा माहिर प्रवीन साहनी और क्रिस्टीन फेयर ने इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। एयर चीफ़ मार्शल धनोआ, स्कूएडर्न लीडर समीर जोशी और रक्षा माहिर प्रवीन साहनी ने कहा कि देश के पिछले 47 सालों के युद्ध इतिहास में अपनी तरह का पहला ग़ैर-सेना बचाव कार्यवाही थी। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के पायलटों को पूरी तरह से शिक्षित किया गया था जिससे आतंकवादी ठिकानों को तबाह करने के इस ऑपरेशन में किसी तरह की कोई कमी न रह जाये। उन्होंने कहा कि बालाकोट एक्शन का संदेश साफ़ और स्पष्ट था कि आतंकवादियों को पनाह या प्रशिक्षण देने की किसी भी भारत विरोधी कार्यवाही के साथ सख्ती से निपटा जायेगा।
उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन सब कुछ ख़त्म करने या तबाह करने के लिए नहीं बल्कि कब्ज़े वाले कश्मीर में बने आतंकवादी प्रशिक्षण कैंपों और पनाहगाहों को तबाह करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना ने ‘स्पाईस 2000 स्ट्राईक’ बालाकोट में की और आमने -सामने की लड़ाई में भी अपनी महारत दिखाई। उन्होंने कहा कि एक मुल्क के तौर पर पाकिस्तान ने यह साबित कर दिया कि वह तथ्यों को तोड़ -मरोड़ कर पेश करने में माहिर है परन्तु भारत ने यह जवाब दिया कि वह जहाँ भी जाएंगे, भारतीय वायु सेना उनको मुँह तोड़ जवाब देगी।
अपने संबोधन में रक्षा माहिर क्रिस्टीन फेयर ने इस कार्यवाही के निष्कर्षों को और भी संजीदगी के साथ जाँचने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इस मौके पर सेवामुक्त एयर मार्शल केके नोहवार ने सैशन के संचालक के तौर पर शिरकत की।

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