एस्ट्रोलॉजी

21वीं सदी के दूसरे दशक का पहला उपच्छाया चंद्रग्रहण 10/ 11 जनवरी को

January 06, 2020 11:53 AM

- मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़, 9815619620

 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का अच्छा या बुरा असर हर व्यक्ति पर पड़ता है। इस साल 2020 में कुल 6 ग्रहण लगने वाले हैं जिसमें 2 सूर्य ग्रहण और 4 चंद्र ग्रहण होंगे। खास बात यह है कि इस साल लगने वाले सभी चंद्र ग्रहण उपछाया ग्रहण के होंगे जिसमें चांद पूरी न तो पूरी तरह छिपेगा और न ही उसकी काली छाया पृथ्वी पर पड़ेगी।

10 जनवरी को साल का पहला चंद्रग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण रात 10 बजकर 37 मिनट से लेकर 11 जनवरी को देर रात 2 बजकर 42 मिनट तक बना रहेगा। इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे से भी ज्यादा रहने वाली है।

चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा सबसे पहले धरती की उपछाया पर प्रवेश करता है। जिसे 'चंद्र मालिन्य' कहते है। इसके बाद चंद्रमा प्रथ्वी की वास्तविक छाया 'भूभा' में प्रवेश करता है। जिसे वास्तविक चंद्र ग्रहण माना जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि चंद्रमा उपछाया में प्रवेश करके उपछाया शंकु से ही बाहर निकल जाता है और भूभा में प्रवेश नहीं कर पाता है। इसीकारण उपछाया के समय चंद्रमा का एक बिंब केवल धुंधला पड़ता है। जिसे नॉर्मल तरीके से नहीं देखा जा सकता है। इसलिए इसे उपछाया चंद्र ग्रहण कहते है। 

भारत के अलावा ये ग्रहण यूरोप, एशिया, अफ्रीका और आस्‍ट्रेलिया महाद्वीपों में भी देखा जा सकेगा। इस साल के बाकी चंद्र ग्रहण 5 जून, 5 जुलाई और 30 नवंबर को पड़ेंगे। इस चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान रहने वाले हैं। जिसकी वजह से मिथुन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। आइए जानते हैं साल के पहले चंद्र ग्रहण का किस राशि पर पड़ेगा कैसा प्रभाव।

चंद्र ग्रहण का समय

ग्रहण प्रारंभ- 10 जनवरी 2020 को रात 10 बजकर 39 मिनट

ग्रहण समाप्त- 11 जनवरी 2020 को आधी रात 2 बजकर 50 मिनट

ग्रहण की अवधि- करीब 4 घंटे

ग्रहण से करीब 12 घंटे पहले सूतक की शुरुआत हो जाती है। लेकिन इस बार सूतक काल नहीं होगा। उपछाया चंद्र ग्रहण को शास्त्रों में ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। जिसके कारण ग्रहण में सूतक काल नहीं लगेगा। सूतक काल न लगने के कारण न ही मंदिरों के कपाट बंद किए जाए और न ही पूजा-पाठ वर्जित होगी। इस दिन आप नॉर्मल दिन की तरीके रह सकते है। 10 जनवरी को पौष पूर्णिमा भी पड़ रही है। इसलिए स्नान ग्रहण के बाद करना शुभ होगा।

ग्रहण का चंद्र राशि पर प्रभाव-
मेष
चंद्र ग्रहण मिलाजुला असर लेकर आएगा। इस ग्रहण की वजह से पराक्रम में वृद्धि होगी लेकिन परिवार में किसी सदस्‍य को कोई कष्‍ट हो सकता है।

वृषभ -
धन हानि के संकेत लेकर आया है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए वरना उनका किसी के साथ लड़ाई-झगड़ा हो सकता है।

मिथुन -
चंद्र ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव मिथुन राशि पर ही देखने को मिलेगा। मिथुन राशि के लिए चंद्र ग्रहण अच्छा प्रभाव लेकर नहीं आया है। इस राशि के जातकों को इस ग्रहण की वजह से मानसिक कष्‍ट या परिवार में कलह झेलनी पड़ सकती है।

कर्क -
चंद्र ग्रहण बेहद प्रभावशाली रहने वाला है। खर्च में बढ़ोत्तरी हो सकती है या फिर आपको बिना किसी कारण के भी यात्रा पर जाना पड़ सकता है।

सिंह -
अप्रत्‍याशित लाभ देने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि कर सकता है। इस राशि के जातकों के लिए धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं।

कन्या -
असर मिला जुला रहने वाला है। इस समय अपनी सेहत पर विशेष ध्‍यान देने की जरूरत है।

तुला -
ग्रहण कुछ अच्छा समय लेकर नहीं आ रहा है। काम बिगड़ सकते हैं। परिवार में व्‍यर्थ का वाद-विवाद हो सकता है।

वृश्चिक -
ग्रहण किसी दुर्घटना और धन हानि के योग बना रहा है। विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

धनु -
ग्रहण का असर रिश्‍तों पर पड़ता नजर आ रहा है। परिवार या सहयोगी कारोबारी से आपका विवाद हो सकता है।

मकर -
यह ग्रहण अच्‍छा योग लेकर आया है। इस दौरान आपके शत्रुओं से आपको निजात मिलेगी। सेहत का ध्यान रखना होगा। खासकर पानी से होने वाले रोगों को लेकर सतर्कता बरतें।

कुंभ -
चंद्र ग्रहण शुभ फलदायक है। प्रेम संबंधों के लिए भी समय ठीक रहेगा। परिवार में किसी का स्‍वास्‍थ्‍य खराब हो सकता है, ध्यान रखें।

मीन -
यह ग्रहण मिले जुले परिणाम लेकर आया है। स्‍वास्‍थ्‍य खराब रहेगा , व्यापार में सफलता के योग बनते नजर आ रहे हैं। भूमि या प्रॉपर्टी बेचते समय सतर्कता बरतें।

साल 2020 के आगामी ग्रहण-

10 जनवरी - चंद्र ग्रहण
5 जून - चंद्र ग्रहण
21 जून - सूर्य ग्रहण
5 जुलाई - चंद्र ग्रहण
30 नवंबर -चंद्र ग्रहण
14 दिसंबर - सूर्यग्रह 

- मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़, 9815619620

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और एस्ट्रोलॉजी ख़बरें
अब के सावन कितना पावन? चातुर्मास इस बार 4 की बजाए, 5 मास का रहेगा क्या पहली जुलाई की देवशयनी से लेकर 25 नवंबर,2020 के मध्य , विवाहों का लॉक डाउन रहेगा ? 21 जून को सूर्य का लॉकडाउन ? क्या ग्रहण बढ़ाएगा धरती की धड़कन ? कोरोना तुम कब जाओगे ? भारत तीसरी स्टेज में नहीं जाएगा, कोरोना की विदाई जुलाई से, परंतु अंतिम यात्रा नवंबर में वास्तु में आक के पौधे का महत्व 26 अप्रैल, रविवार की अक्षय तृतीया इस बार अत्याधिक शुभ 14 अप्रैल से सूर्य के राशि परिवर्तन से कोरोना का धीरे धीरे प्रभाव कम होगा घर पर ही मनाएं 7 व 8 अप्रैल, मंगल व बुधवार को हनुमान जयंती ओैर करें आराधना व उपाय पहली अप्रैल अष्टमी या 2 अप्रैल नवमी पर वीडियो कान्फ्रैंसिंग से करें कन्या पूजन