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पंजाब

विचार पर काम करना सफलता की कुंजी है, न सिर्फ विचार करना: गोपालाकृष्णन

January 24, 2020 10:07 AM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
सीआईआई द्वारा आयोजित उत्तर क्षेत्रिय स्टार्टअप सम्मेलन के दौरान पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप को प्रोत्साहित कर रोजगार के अपार अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सुझज्ञव दिया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को 2024-25 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को पूरा करने के लिए स्टार्टअप संस्कृति, इनोवेशन व प्रोद्योगिकी को गांवों तक लेकर जाना होगा। बदनौर ने आगे कहा कि उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाएं देकर, नीतिगत बदलाव, अनुसंधान व विकास को बढ़ावा देकर शहर को आदर्श स्टार्टअप हब बनाया जा सकता है जो अन्य शहरों को प्रेरित करेगा।
मेक इंडियन आर्मी के उपाध्यक्ष ब्रिगेडियर पीपी सिंह ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर इसकी शोभा बढ़ाई। इस दौरान उन्होंने भारतीय रक्षा क्षेत्र में मौजूद स्टार्टअप की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के लिए उच्च गुणवत्ता के उत्पादों को खरीदना अनिवार्य है और सेना के पास बहुत से प्रस्ताव मौजूद हैं जिनमें हथियार, टैंक, मिसाईल और बहुत कुछ शामिल हैं। उन्होंने सेना के साथ मिलकर स्टार्टअप करने के लिए सभी को आमंत्रित करते हुए कहा कि अपने इनोवेशन को सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सांझा करें।
सीआईआई की उद्यमिता पर राष्ट्रीय कमेटी के अध्यक्ष व इनफोसिस के सह संस्थापक तथा एक्सीलर वेंचर्स के अध्यक्ष क्रिस गोपालकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा कि प्रोद्योगिकी का आगमन पूरे विश्व में उद्योगिक परिचालन को बाधित कर रहा है और यह भारत के लिए एक ऐसा मौका है जब वह नेतृत्व की भूमिका में आए और 21वीं सदी को भारत की सदी बना दे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं के साथ मिल कर सीआईआई नए उद्योगों को स्थापित होने और उनकी सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है जिस से ऐसा इको सिस्टम तैयार हो रहा है जो उत्तर क्षेत्र के स्टार्टअप को पोषित कर रहा है। उन्होंने सरकार और उद्योगों के लिए इसके लिए रोडमैप तैयार करके दिया जिसमें उद्योग-अकामिक लिंक करना तथा स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाना प्रमुख है। विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रथाओं को सांझा करते हुए गोपालकृष्णन ने कहा कि केरल की तरह अन्य राज्यों को भी स्टार्टअप को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना जाना चाहिए और कर्नाअक की तरह स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न विभागों को एक ही मंत्रालय के आधीन लाया जाना चाहिए।
पंजाब के राज्यपाल के प्रधान सचिव जेएम बालामुर्गन ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत से कदम उठाएं हैं ताकि स्टार्टअप के विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके। उन्होंने बताया कि शहर में 30 से अधिक आरएंडडी सेंटर मौजूद हैं और चंडीगढ़ प्रशासन जल्द ही चंडीगढ़ इनोवेशन सर्किल लांच करने जा रहा है जो एक लाभ न आर्जित करने वाला संगठन होगा जो उद्योग, शैक्षणिक संगठन, प्रशासन और सरकार को एक मंच पर लेकर आएगा ताकि अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी लाई जा सके।
सीआईआई की उद्यमिता व स्टार्टअप पर उत्तर क्षेत्र की कमेटी के अध्यक्ष व नेक्टर लाईफ साईंसेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. दिनेश दुआ ने अपने संबोधन में जानकारी देते हुए बताया कि डीपीआईआईटी के अनुसार देश को हर दिन 26 नए स्टार्टअप मिल रहे हैं। उन्होंने डिजिटाईजेशन को स्टार्टअप के विकास और उनकी बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा कारण बताया। इसके साथ ही उन्होंने महिला उद्यमियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम का बेहद अहम हिस्सा बताया।
सीआईआई चंडीगढ़ के चेयरमैन व फिनवासिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सर्वजीत सिंह विर्क ने कहा कि स्टार्टअप इको सिस्टम में उपलब्ध संभावनाओं और चुनौतियों को समझना होगा ताकि इसके विकास को बढ़ावा दिया जा सके और इस क्षेत्र में मौजूद क्षमताओं का पूर्ण उपयोग कर देश की जीडीपी को बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप को सबसे बड़ा रोजगार देने वाला बताया।
सीआईआई हिमाचल प्रदेश के चेयरमैन व एशियन कंक्रीट्स एंड सिमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेश हरीष अग्रवाल ने हिमाचल प्रदेश में मौजूद स्टार्टअप को समर्थन देने वाली नीतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए सबसे बड़ी जरूरत पैसा नहीं बल्कि जुनून है। उन्होंने कहा कि शुरूआत में मिली असफलताओं से उद्यमियों को हारना नहीं चाहिए बल्कि जीत और कामयाबी के लिए चरणबद्ध तरीके से आगे बढऩा चाहिए।

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