ENGLISH HINDI Sunday, March 29, 2020
Follow us on
 
हिमाचल प्रदेश

मैं जीना सिखाता हूॅं’ अब पंजाबी में उपलब्ध

March 12, 2020 05:20 PM

धर्मशाला, (विजयेन्दर शर्मा) वरिष्ठ साहित्यकार तथा प्रदेश के सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय, धर्मशाला में बतौर उप निदेषक तैनात अजय पाराशर की एड्स पीड़ितों की व्यथा को दर्शाता हिन्दी कहानी संग्रह “मैं जीना सिखाता हूॅं“ अब पाठकों के लिए पंजाबी में उपलब्ध है। जालन्धर के प्रकाषक पॉंच आब द्वारा प्रकाषित इस पुस्तक का अनुवाद प्रसिद्ध पंजाबी एवं हिन्दी साहित्यकार डॉ0 धर्मपाल साहिल ने किया है।
ग़ौरतलब है कि अजय पाराषर की मूल पुस्तक में एड्स पीड़ितों की मनोव्यथा को प्रदर्षित करती 16 कहानियॉं शामिल हैं। इनमें स्त्री विमर्ष पर आधारित एक कहानी “नाराज़गी“ पर विख्यात साहित्यकार एवं फिल्म निर्माता-निर्देषक राजेन्द्र राजन डॉक्यूमेंट्री बना चुके हैं।
अजय पाराषर ने बताया कि वह आजकल ड्रग्स प्रभावितों और पौंग बॉंध विस्थापितों की व्यथाओं पर आधारित कहानियों के अलावा व्यंग्य संग्रह “तेरी डफली मेरा राग“ पर काम कर रहें हैं। इन तीनों पुस्तकें के इस साल के अंत तक प्रकाशित होने की सम्भावना है।
राष्ट्रपति पदक से अलंकृत डॉ0 धर्मपाल साहिल अब तक 35 पुस्तकों का अनुवाद कर चुके हैं। आठ उपन्यास, चार कहानी तथा चार कविता संग्रह, यात्रा संस्मरण एवं दो षोध कार्य के अलावा वह हिन्दी-पंजाबी शब्दकोष के अध्येयता के रूप में विख्यात हैं।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हिमाचल प्रदेश ख़बरें
पलायन न करें, उपमंडल में ही की जाएगी प्रवासी मजदूरों के भोजन की व्यवस्था: ठाकुर कोरोना वायरस के बचाव को लेकर महत्वपूर्ण कदम फेक खबर पर एफआईआर दर्ज: एसडीएम सामाजिक सुरक्षा पैंशन की दरों को बढ़ाने की अधिसूचना जारी दूध खरीद मूल्य में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ौतरी भाजपा हर बूथ पर राशनदान करने वाले सज्जनों की सूची तैयार करेगी खाद्य वस्तुओं एवं उचित मूल्य की दुकानों व दवाइयों का समय निर्धारित किया गया है? कोरोना से बचाव के लिए सामाजिक दूरी जरूरी: परमार पूर्ण लॉकडाउन का भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने पुरज़ोर समर्थन व स्वागत किया प्रदेश में 912 लोगों को निगरानी में रखा गयाः अतिरिक्त मुख्य सचिव