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हरियाणा

कोरोना वायरस से लडने व निम्न आय वर्ग लोगों के लिए 1200 करोड़ प्रति माह वित्तीय पैकेज

March 23, 2020 11:13 PM

चंडीगढ़,पंचकुला (संजय मिश्रा)

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज राज्य में कोरोना वायरस से लडने व निम्न आय वर्ग लोगों के लिए लगभग 1200 करोड़ रूपए प्रति माह की वित्तीय पैकेज की घोषणाएं की हैं जिसके तहत मजदूरों, रिक्शा चालकों, रेहडी वालों, स्ट्रीट वेंडर दैनिक वेतन भोगी सहित निर्माण कार्य में लगे मजदूरों, बीपीएल परिवारों को वित्तीय सहायता सीधी जाएगी ताकि इस प्रकार के वर्ग के लोगों को लॉकडाउन के दौरान दिन-प्रतिदिन की आवश्यकता की चीजों के लिए किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।

घोषित किए गए पैकेज के तहत सभी बीपीएल परिवारों को अप्रैल महीने के लिए उनके मासिक राशन को निशुल्क प्रदान किया जाएगा, जिस पर कुल 15 करोड रूपए खर्च किए जाएंगें और इसमें चावल या गेहूं उनकी पात्रता के अनुसार, सरसों का तेल और 1 किलो चीनी शामिल होगी। इसी प्रकार, स्कूलों और आंगनवाडिय़ों को बंद करने की अवधि के दौरान सरकारी स्कूलों में नामांकित सभी स्कूली बच्चों और आंगनबाडिय़ों में सभी बच्चों के लिए सूखा राशन प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना (एमएमपीएसवाई) के तहत पंजीकृत परिवारों को विभिन्न बीमा और पेंशन योजनाओं में योगदान के साथ 4000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं, आज तक लगभग 12.38 लाख परिवार एमएमपीएसवाई के तहत पंजीकृत हैं। सभी पंजीकृत परिवारों, जिनका सत्यापन पूरा हो चुका है, के लिए प्रति परिवार 2000 रुपये की शेष राशि 31 मार्च से पहले जारी की जाएगी। इसमें 720 करोड रूपए की राशि खर्च की जाएगी।
इसी प्रकार, जिन लोगों को हरियाणा बोर्ड ऑफ कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के साथ पंजीकृत किया गया है, लेकिन एमएमपीएसवाई के तहत पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें 30 मार्च से शुरू होने वाले साप्ताहिक आधार पर 4500 रुपये प्रति माह की राशि प्रदान की जाएगी। इस राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा तथा इस पर 180 करोड रूपए की राशि खर्च की जाएगी।

पैकेज के तहत जिन सभी बीपीएल परिवारों ने एमएमपीएसवाई के तहत पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें 30 मार्च से शुरू होने वाले साप्ताहिक आधार पर 4500 रुपये प्रति माह की राशि प्रदान की जाएगी। इस राशि का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जाएगा और इस पर 135 करोड रूपए की राशि खर्च की जाएगी। इसी प्रकार, जो दैनिक आधार पर कमाई कर रहे थे जैसे कि मजदूर, स्ट्रीट वेंडर आदि संबंधित जिले के उपायुक्त के साथ एक पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं जो 27 मार्च तक स्थापित किया जाएगा। ऐसे सभी व्यक्ति जो पात्र पाए जाते हैं और जिनका बैंक खाता है उन्हें सीधे 1000 रुपये प्रति सप्ताह की सहायता प्रदान की जाएगी और इस पर 45 करोड रूपए खर्च किया जाएगा। इस पैकेज में कर्मियों के वेतन सहयोग का भी प्रावधान किया गया है।                                                                                    राजनीतिक दलों के नेताओं से नोवल कोरोना वायरस के खिलाफ लडऩे के लिए एकजुट होने का आह्वान                      मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से नोवल कोरोना वायरस के खिलाफ लडऩे के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समय की इस जरूरत में, उनकी अपनी पार्टी और विपक्ष सहित सभी नेताओं को प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।

मुख्यमंत्री ने आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए, नेताओं से अपने सुझाव सांझा करने और कोविड-19 के खिलाफ रोकथाम के लिए अपने स्तर पर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए अपील करने का आग्रह किया। उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चटला भी बैठक में उपस्थित रहे और उन्होंने यह कहा कि राजनीतिक दलों को एक साथ आना होगा और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए हाथ मिलाना होगा।

बैठक के दौरान, स्वास्थ्य मंत्री, श्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले ही कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं और आने वाले दिनों में लोगों की सुरक्षा के लिए और कई कदम उठाए जाएंगे।

बैठक के दौरान, विपक्ष के नेता, श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और श्री अभय सिंह चौटाला ने कोविड-19 से बचाव और इसके फैलाव को रोकने के लिए कई कदम उठाने के लिए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार की प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और राज्य के लोगों को सभी चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने जैसे सुझाव भी सांझा किए, जो प्रदेश के लोगों की भलाई के लिए उठाए जा सकते हैं।                                                                              राज्य को लॉकडाउन करने का निर्णय  

 राज्य में कोरोना वायरस से लडऩे के लिए कल से पूरे राज्य को लॉकडाउन करने का निर्णय लिया है ताकि राज्य में कोविड-19 को फैलने से रोका जा सके। मनोहर लाल ने यहां पहली बार डिजीटल तरीके से से पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। इसके अलावा, लॉकडाउन के दौरान स्कूल व कालेेज बंद रहेगें और इस दौरान एलएमएस साफटवेयर के माध्यम से बच्चों को पढाई करवाई जाएगी और इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी बच्चों को ई-मेल के माध्यम से संपर्क करना भी आरंभ कर दिया है। कोविड-19 के चलते हरियाणा राज्य को आगामी 31 मार्च तक पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है और इस अवधि के दौरान केवल आवश्यक सेवाओं को जारी रखा जाएगा जिसके तहत लॉकडाउन अवधि के दौरान आमजन को जो सेवाएँ उपलब्ध नहीं होंगी वे निजी बसों, टैक्सियों, ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा सहित किसी भी सार्वजनिक परिवहन सेवा की अनुमति नहीं होगी। सभी दुकानें, कार्यशालाएं, गोदाम, बाजार, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, कारखाने, बंद रहेंगे। अन्य राज्यों की सीमाओं से आवश्यक वस्तुओं और वस्तुओं के परिवहन की अनुमति होगी। इंटर स्टेट बसें, ट्रेनें, मेट्रो ट्रेनें बंद रहेंगी और निजी कार्यालय बंद रहेंगे।

लॉकडाउन अवधि के दौरान आमजन को जो सेवाएँ उपलब्ध होंगी उनमें सभी फायर स्टेशन और विभाग, जेल विभाग, राशन दुकानें, पुलिस विभाग, बिजली विभाग, जल विभाग, नगरपालिका सेवाएं जनता के लिए खुली रहेंगी। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को इस आदेश से छूट दी गई है। टेलीकॉम, इंटरनेट और डाकसेवाएं जारी रहेंगी। ई-कॉमर्स सेवाएं, राशन की दुकानें, केमिस्ट, फार्मेसी, पेट्रोल पंप खुले रहेंगे। केवल रेस्तरां से खाना लेकर जाने और होम डिलीवरी की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बीपीओ सेवाओं को जारी रखा गया है क्योंकि इस क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम होता है। इसी प्रकार, मास्क, सैनीटाइजर की बिक्री या डिलीवरी तथा एलपीजी इत्यादि की सेवा बहाल रहेगी। राज्य में दवाईयों, मास्क व सैनिटाइजर के उत्पादन, वितरण इत्यादि को चालू रखा जाएगा। हरियाणा में हैफेड और वीटा के बूथ व स्टोर खुले रहेंगें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों से आने वाले व्यक्तियों को होम क्वारनटाईन में रखा जाएगा जिसकी अवधि डब्ल्यूएचओ प्रोटोकोल के तहत अभी 14 दिन हैं जिसे आवश्यकता के अनुसार बढाया भी जा सकता है। इसलिए सभी से अनुरोध है कि वे आपसी दूरी बनाए रखें और अपनी स्वच्छता पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने कहा कि राज्य में धारा 144 को लगाया गया है और 5 से अधिक लोगों को इकटठा नहीं होने दें। उन्होंने आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि लोगों का आपस में सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने में सहयोग करें। यदि किसी जिले में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत आती है तो संबंधित जिले का उपायुक्त उस दिक्कत से निपटने के स्वयं सक्षम अधिकारी होगा और वह अपने स्तर पर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से लडने के लिए जब तक लॉकडाउन की आवश्कयता होगी तब तक लॉकलाउन बना रह सकता है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि कोरोना वायरस से लडने के लिए हम जरूर यू-टर्न ला पाएंगें।

इस मौके पर मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोडा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रघान सचिव श्री वी उमाशंकर, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोडा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान ओएसडी श्री नीरज दफतूआर भी उपस्थित थे।                                                              ‘‘कोविड-संघर्ष सेनानी’’ कार्यक्रम को शुरू                                                                                           मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि कोविड-19 को हराने के लिए ‘‘कोविड-संघर्ष सेनानी’’ कार्यक्रम को शुरू किया गया है जिसके तहत लोग पैरा मैडिक्स स्टाफ, डाक्टर, नर्स इत्यादि राष्ट्र सेवकों के साथ-साथ जिला प्रशासन को सहयोग कर सकते हैं और इसके लिए वेबसाइट haryana.mygov.in और covidharyana.in पोर्टल खोलकर पंजीकरण करना होगा ताकि वे इन लोगों के साथ लगकर अपना योगदान दे सकें। ऐसे लोगों की संबंधित उपायुक्त के माध्यम से टीम बनाई जाएगी जो कोविड-19 को हराने के लिए काम करेगी। 

 हरियाणा में अब तक 14 मामले पोजिटिव हैं और 132 मामले नेगेटिव हैं तथा 114 मामलों का परिणाम आना बाकी है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि 327 आईसालेशन वार्ड बनाए गए हैं जिसमें 2472 रोगियों को रखा जा सकता है। इसी प्रकार क्वारनटाईन कमरें या डोरमैट्री 1494 बनाए गए हैं जिसमें 6013 लोगों को रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 260 लोग विदेश से आए हैं जिन्हें गुरूग्राम में रखा गया है। इसी प्रकार, उन्होंने कहा कि अभी वर्तमान में 470 वैटींलेटर हैं और 140 वैंटीलेटर का आदेश दे दिया गया हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पैरा मैडीकल स्टाफ की वर्दी इत्यादि समान सप्लाई कर दिया गया है और यह सब समान आज सायं तक पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक जितने भी लोगों को डाटा है उन्हें घर पर ही क्वारनटाईन कर दिया जाता है। इसी प्रकार, उन्होंने कहा कि 50 साल से अधिक आयु के लोग अपने घर पर ही रहें। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे हरियाणा में कम से कम इधर उधर जाएं।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील पर लोगों ने जनता कफर्यू का पूरा समर्थन किया है और लोग जागरूक हैं इसलिए 5 से अधिक लोग एकत्रित न हों। उन्होंने कहा कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘‘हरियाणा कोविड रिलिफ फण्ड’’ में 10 मिनट के भीतर 7800 रूपए जमा करा दिए गए थे और मुख्यमंत्री के स्वयं के वटसअप पर जानकारी आई कि एक लाख रूपए की एक किश्त तथा 5 लाख रूपए की एक ओर किश्त आई है। उन्होंने कहा कि लोग उदार मन से योगदान कर रहे हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिले के हैल्पलाईन नंबर 108 व राज्य के लिए 1800 2000 023 तथा स्वास्थ्य विभाग के लिए 8558893911 को चालू रखा गया है और आने वाले समय में इन हैल्पलाइन को सुदृढ किया जाएगा। इसी प्रकार, गांवों से आने वाले लोगों को केवल आवश्वयक सेवाएं देने के लिए ही आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से लडने के लिए ऐतिहातन तौर पर लोगों को भरपूर समर्थन मिला है और उन्हें उम्मीद हैं कि हम इस लडाई में जल्द जीत हासिल करेंगें।                                                                                                      कर्मचारियों को घर से कार्य करने के निर्देश                                                                                       सरकार ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की संचरण श्रृंखला तोडऩे के लिए कर्मचारियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करने के दृष्टिगत 31 मार्च, 2020 तक कर्मचारियों को घर से कार्य करने के निर्देश जारी किए हैं।एक सरकारी प्रवक्ता ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रवक्ता ने बताया कि सभी प्रशासनिक सचिवों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सम्बंधित विभागों (नगर निकायों, निगमों और सोसाइटीज सहित) में ग्रुप बी, सी और डी के 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालयों में कार्य करेंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी (मुख्यालयों और सभी जिलों के क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत) अपने घर से ही कार्य करेंगे। इस सन्दर्भ में ग्रुप बी, सी और डी के कर्मचारियों की डयूटी के लिए साप्ताहिक रोस्टर तैयार करने के साथ-साथ कर्मचारियों को कार्यालय में वैकल्पिक सप्ताहों में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले सप्ताह के लिए रोस्टर तैयार करते समय कार्यालय के नजदीक रहने वाले और अपने वाहन से कार्यालय में पहुंच सकने वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि घर से कार्य करने और ऊपर दिए गए दिशा-निर्देश मुख्य सचिव कार्यालय, राजस्व विभाग, गृह विभाग, कृषि विभाग, जनस्वास्थ्य, विकास एवं पंचायत, बिजली विभाग, सिंचाई विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा विभाग, सूचना एवं तकनीकी विभाग, सहकारिता विभाग, वित्त विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा इन विभागों के अंतगर्त आने वाले नगर निकायों, निगमों और सोसाइटीज पर लागू नहीं होंगे। इन विभागों में प्रशासनिक सचिव उन कर्मचारियों की संख्या और श्रेणी तय करेंगे, जिन्हें उन्हें मुख्य कार्यालय और जिला स्तर पर आवश्यक सेवाओं के रखरखाव के लिए कार्यालय में बुलाना होगा।जिलों में तैनात कोई भी अधिकारी जिला उपायुक्त की अनुमति के बिना अपने स्टेशन नहीं छोड़ेंगे। जिला उपायुक्त के पास कोविड-19 को रोकने के लिए किसी भी विभाग के किसी भी अधिकारी की सेवाएं लेने का निर्णय ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि, घर से काम करने वाले सभी कर्मचारी हर समय टेलीफोन और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर उपलब्ध होने चाहिए और अपने घर से ही कार्य करने वाले सभी विभागों के कर्मचारियों को परिवारों के बीच सोशल मीडिया और संचार के अन्य माध्यमों द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के सम्बंध में जागरूक करने का भी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। ये कर्मचारी अपनी अनुपालना रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय में भेजेंगे।

सोशल डिस्टेंसिंग और सभी सावधानियों का पालन किया जाना चाहिए। यह भी निर्दश दिए गए हैं कि कार्यालयों में आगंतुकों का प्रवेश प्रतिबंधित है, लेकिन यदि आवश्यक हो, तो ऐसे आगंतुकों को अनिवार्य उचित स्क्रीनिंग यानी थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजऱ के साथ हाथों की सफाई के बाद प्रवेश दिया जा सकता है।

प्रवक्ता ने बताया कि यह भी निर्देश दिए गए कि विभागाध्यक्षों और कार्यालयों के प्रभारियों को कर्मचारियों के बीच सर्वोत्तम स्वच्छता प्रथाओं और कार्यालयों, उपकरणों और वाहनों की नियमित स्वच्छता को सुनिश्चित करना चाहिए। यह निर्देश आवश्यक आपातकालीन सेवाओं और पानी और बिजली की आपूर्ति पर लागू नहीं होते हैं।

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलाक्युतों, बोर्ड व निगमों के सभी प्रबंध निदेशकों व मुख्य प्रशासकों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, राज्य के सभी उपायुक्तों सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को ये दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह निर्देश 24 मार्च, 2020 से लागू होंगे और सभी सम्बंधित विभाग इन दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें।                                                                ‘हरियाणा कोविड रिलिफ फण्ड’’ के स्थापना की घोषणा 

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज राज्य में कोरोना वायरस से लडने के लिए ‘‘हरियाणा कोविड रिलिफ फण्ड’’ के स्थापना की घोषणा की है जिसमें समाज के लोग अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने राज्य के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वे ज्यादा से ज्यादा इस रिलीफ फण्ड में अपना योगदान दें ताकि कोरोना पीडित व्यक्तियों को इलाज किया जा सकें।

मुख्यमंत्री आज यहां पहली बार डिजीटल चैनल के माध्यम से पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस फण्ड का उपयोग केवल कोरोना पीडित मरीजों के लिए किया जाएगा।उन्होंने ‘‘हरियाणा कोविड रिलिफ फण्ड’’ के लिए स्वयं अपनी व्यक्तिगत बचत से 5 लाख रुपये के प्रारंभिक योगदान की घोषणा भी की। इस फण्ड में राशि उन सभी व्यक्तियों से योगदान के लिए आमंत्रित की जाएगी जो आर्थिक रूप से प्रभावित लोगों का समर्थन करने में सक्षम हैं।

उन्होंने कहा कि उनके आहवान पर राज्य के सभी विधायक भी इस फण्ड में एक महीने के वेतन का योगदान करेंगे। अखिल भारतीय सेवा अधिकारी भी अपने एक महीने के वेतन का 20 प्रतिशत इस फण्ड में प्रारंभिक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि ग्रुप डी के कर्मचारियों को छोडकर अन्य सभी सरकारी कर्मचारी भी अपने वेतन का 10 प्रतिशत इस फण्ड में योगदान करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फण्ड में योगदान देने वाले व्यक्तियों को इस राशि पर आयकर की छूट भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फण्ड में अपना योगदान देने के लिए व्यक्तियों के लिए स्टेट बैंक आफ इंडिया के खाता संख्या-39234755902 है,जिसका आईएफएससी कोड- SBIN0013180 है, एससीओ नंबर-14, सैक्टर-10, पंचकूला है।

उन्होंने राज्य के लोगों से पुन: आहवान किया कि वे इस फण्ड में ज्यादा से ज्यादा अपना योगदान दें ताकि कोरोना वायरस से पीडित लोगों को इलाज व उपचार किया जा सकें। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य, भारत या विदेश के किसी भी संगठन या व्यक्ति से स्वैच्छिक योगदान और किसी भी उद्योग या व्यवसाय से सीएसआर योगदान को भी आमंत्रित किया जाएगा।

इस मौके पर मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोडा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रघान सचिव श्री वी. उमाशंकर, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोडा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान ओएसडी श्री नीरज दफ्तुआर भी उपस्थित थे।

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