ENGLISH HINDI Wednesday, July 08, 2020
Follow us on
 
पंजाब

नवरात्रे शुरु, मंदिरों की बजाए घरों से हुए पूजा पाठ

March 26, 2020 08:08 AM

बरनाला, अखिलेश बंसल/करन अवतार कपिल:
भले ही 25 मार्च का दिन हिन्दु नववर्ष एवं नवरात्रों का शुरुआती दिन है लेकिन पचास साल बाद ऐसा दिन आया है। जिस वक्त ना तो कोई नववर्ष की खुशी मना सका है और ना ही नवरातों में हिमाचल के मंदिरों में जाना तो दूर की बात शहर के मंदिर जाकर भी पूजा अर्चना नहीं कर सका है। यहां तक कि देशभर में लोगों को किसी शहर से मंदिरों में से घंटियां बजने की गूंज सुनाई नहीं दी। लोगों ने अपने परिवार के साथ ही घर में बने पूजा स्थलों पर बैठ मां शैलपुत्री का ध्यान किया और दुर्गा स्तुती का पाठ शुरु किया।
कंजक पूजन को लेकर चिंतित:
आदि शक्ति दुर्गा माता मंदिर, प्राचीन दुर्गा माता मंदिर, माता चिंतपूर्णी माता मंदिर, मंदिर माता छिन्नमस्तिका, श्री गीता भवन समेत समस्त मंदिर प्रबंधकीय कमेटियों के पदाधिकारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लोग नवरातों की पूजा तो घर में बैठकर कर लेंगे लेकिन अष्टमी के मौके एवं नौंवी रात्री का कार्यक्रम कैसे करेंगे। इसके अलावा नवरातों में जो कंजक पूजन का विशेष महत्व होता है उसे कैसे करेंगे। गौरतलब हो कि कंजक पूजन को लेकर पूरे विश्व में उत्साह होता है। लोग अपने अपने घर देसी घी से पुरी-हलवा की कड़ाही बनाते हैं, कंजकों को खुश करने के लिए नाना प्रकार के उपहारों की खरीददारी करते हैं। नन्ही नन्ही कंजकें लोगों के घरों में जाती हैं, घर वाले उनकी श्रद्धा पूर्वक पूजा करते हैं, उन्हें भोजन करवाते हैं उनका आर्शीवाद प्राप्त करते हैं। यह खुशी इस वर्ष लोगों को नसीब होगी या नहीं इस प्रश्न को लेकर आस्था रखने वाले लोगों ने ईश्वर पर छोड़ दी है, साथ ही अपने अपने जिला प्रशास्निक अधिकारियों से कुछ वक्त के लिए छूट देने की भी उम्मीद लगा रहे हैं।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और पंजाब ख़बरें
डेराबस्सी में कोरोना का कहर: बेहड़ा में 33 पॉजिटिव, जवाहरपुर पुन: सुर्खियों में सिविल डिफेंस द्वारा रक्तदान शिविर 9 जुलाई को सिविल अस्पताल में पंजाब के 22 में से 18 जिले नशे की चपेट में : सांपला वेरका ने पशु खुराक के दाम 80-100 रुपए प्रति क्विंटल घटाये गांव खेड़ी गुजरां में दूषित पानी पीने से चार भैंसों की मौत का मामला, एसडीएम ने किया मौके का दौरा अस्पतालों का नाम ‘माई दौलतां जच्चा-बच्चा अस्पताल’ रखने का फैसला पंजाब में प्रवेश के लिए ई-रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य कोरोना महामारी: जागरूकता के लिए गाड़ीयों में ‘फट्टियाँ’ लगाने की मुहिम डॉक्टरी शिक्षा और अनुसंधान: वर्तमान सैशन के सभी कोर्सों के लिए ली जाएंगी परीक्षाएं खजाने में सेंधमारी- फिर भी तरफदारी