ENGLISH HINDI Sunday, June 07, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
निजी तथा सार्वजनिक सेवा वाहनों को शर्तों सहित सुबह 5 से रात 9 बजे तक चलने की आज्ञाधार्मिक स्थानों, होटलज, रैस्टोरैंटस और शॉपिंग मॉलज़ को फिर खोलने सम्बन्धी दिशा-निर्देश जारी'जड़ों से जुड़ें' नामक मिशन तहत स्वदेशी अपनाने के जागरूकता फैलाने का संकल्पक्वारंटीन लोगों के लिए योग तथा मेडिटेशन शुरूखबरों के पीछे की खबर: सोनाली— सुल्तान थप्पड़ कांड— जनता में उठते कई सवालजानवरों के दाहगृह प्लांट के विरोध में युवा कांग्रेस सडक़ परजिम खोलने की इजाजत मिले, डेराबस्सी में नॉर्थ इंडिया बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन ने की मांगवजन कम करना सबसे आसान काम है अगर सही तरीके से किया जाए : हनान चौधरी
राष्ट्रीय

104 वर्ष की उम्र में दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्था की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी का देहावसान

March 27, 2020 03:09 PM

राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर जताया शोक

आबू रोड, फेस2न्यूज:

महिलाओं द्वारा संचालित दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका तथा स्वच्छ भारत मिशन ब्रांड अम्बेसडर राजयोगिनी दादी जानकी का 104 वर्ष की उम्र में देहावसान हो गया। माउण्ट आबू के ग्लोबल हास्पिटल में 27 मार्च को प्रात: 2 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें पिछले दो महीने से स्वांस तथा पेट की तकलीफ थी जिसका इलाज चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार ब्रह्माकुमारीज के अन्तर्राष्ट्ीय मुख्यालय शांतिवन में सम्मेलन सभागार के सामने गा्रउण्ड में कर दिया गया।

पूरी दुनिया भर में मानवता और नारी शक्ति का संदेश देने वाली राजयोगिनी दादी जानकी के निधन पर देश के राष्ट्पति रामनाथ कोविन्द ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए टवीट किया कि अध्यात्म, समाज कल्याण और विशेष रुप में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य रहा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दूसरों का जीवन बदलने में तथा नारी शक्ति के आध्यात्मिक सशक्तिकरण में उनका अमूल्य योगदान रहा है।

राजयोगिनी दादी जानकी ने पूरे विश्व में मन, आत्मा की स्वच्छता के साथ बाहरी स्वच्छता के लिए अनोखा कार्य किया। जिसके लिए भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड अम्बेसडर बनाया था। दादी जानकी के देहावसान की खबर सुनते ही देश विदेश के संस्था के अनुयाईयों ने भावभीनी के लिए योग साधना प्रारम्भ कर दी है। उनके पार्थिव शरीर को माउण्ट आबू से आबू रोड के शांतिवन लाया गया तथा दोपहर 12 बजे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

 
  
 
नारी शक्ति की प्रेरणास्रोत राजयेागिनी दादी जानकी का जन्म 1 जनवरी, 1916 को हैदराबाद सिंध, पाकिस्तान में हुआ था। वे 21 वर्ष की उम्र में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के आध्यात्मिक पथ को अपना लिया था और पूर्णरुप से समर्पित हो गयी थी। आध्यात्मिक उड़ान में शिखर छू चुकी राजयोगिनी दादी जानकी मात्र चौथी तक पढ़ी थी। लेकिन आध्यात्मिक आभा से भरपूर भारतीय दर्शन, राजयोग और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए 1970 में पश्चिमी देशों का रुख किया। दुनिया के 140 देशों में मनवीय मूल्यों के बीजारोपण के हजारों सेवाकेन्द्रों की स्थापना कर लाखों लोगों को एक नयी जिन्दगी दी।

राजयोगिनी दादी जानकी ने पूरे विश्व में मन, आत्मा की स्वच्छता के साथ बाहरी स्वच्छता के लिए अनोखा कार्य किया। जिसके लिए भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड अम्बेसडर बनाया था। दादी जानकी के देहावसान की खबर सुनते ही देश विदेश के संस्था के अनुयाईयों ने भावभीनी के लिए योग साधना प्रारम्भ कर दी है। उनके पार्थिव शरीर को माउण्ट आबू से आबू रोड के शांतिवन लाया गया तथा दोपहर 12 बजे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि: दादी जानकी अंतिम दर्शन में संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका रजायेागिनी दादी रतनमोहिनी, संस्थान मे महासचिव बीके निर्वेर, अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन, मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करुणा, कार्यक्रम प्रबन्धिका बीके मुन्नी, संस्थान के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, यूरोपियन सेवाकेन्द्रों की प्रमुख बीके जयन्ति, दादी की सचिव बीके हंसा समेत वरिष्ठ पदाधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी।
लाईव कराया गया पार्थिव देह का दर्शन: पूरे देश में लाक डाउन होने के कारण संस्थान के लेाग दादी के पार्थिव देह पर श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर सके। लेकिन देश विदेश के संस्था से जुड़े लोगों को यूटयूब तथा लाईव टेलिकास्ट के जरिए अंतिम दर्शन कराया गया।

इन्होंने भेजा शोक संदेश: लोक सभा स्पीकर ओम बिड़ला, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवानी, बीजेपी चीफ जेपी नडडा, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उईके, राजस्थान के सीएम अशोक गहलौत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, केन्द्रिय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान के मंत्री बीडी कल्ला, छतीसगढ़ के सीएम भूपेष बघेल, एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस यदिरुप्पा, गुजरात के सीएम विजय रुपाणी, राज्यपाल देवब्रत आचार्य, बाबा रामदेव, आचार्य लोकेश मुनि, कांग्रेस नेता शशि थरुर, छतीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष बृजमोहन अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में नेता और अभिनेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।

राजयोगिनी दादी जानकी जी के देहावसान पर राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर जताया शोक

ब्रह्माकुमारीज संस्था की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी जी के निधन के बारे में सुनकर अत्यंत दुख हुआ। आध्यात्म, समाज कल्याण और विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान रहा है। उनके अनगिनत श्रद्धालुओं के प्रति मेरी शोक-संवेदनाएं।
- रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति
-------------------
दादी जानकी ने अपने साथ दूसरों का सकारात्मक बदलाव किया है। महिलाओं के सशक्तिकरण में उनका प्रयास उल्लेखनीय था। भावपूर्ण श्रद्धांजलि
- नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री
-----------
ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकीजी के देहावसान के समाचार से मुझे गहरी वेदना हुई। उन्होंने अपना सारा जीवन समाज की सेवा और उसके सशक्तिकरण के लिए खपा दिया। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व हमें नि:स्वार्थ भाव से समाजसेवा की प्रेरणा देता है। ओम शांति
- राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री, भारत सरकार
-----------
ब्रह्माकुमारीज सेवा संस्थान की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी के निधन का
समाचार बहुत ही दुखद है। दादीजी ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा में अर्पण कर दिया। सदैव समाज को सकारात्मक दिशा दी। मैं प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करे। ऊं शांति
- जगतप्रकाश नड्डा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा
-----------
ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी के निधन पर मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि। वह हमारे समय की सबसे प्रेरणादायक आध्यात्मिक नेताओं में से एक थीं। मेरे विचार उनके लाखों अनुयायियों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें शक्ति दे।
अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार
-------------
दादी जानकी ने पूरी दुनिया को आध्यात्म का संदेश दिया और विश्व शांति की राह दिखाई। वे अंतिम समय तक समाज की सेवा करती रहीं। उनका पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित रहा।
- सुश्री अनुसूईया उइके, राज्यपाल, छत्तीसगढ़

आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी जी के निधन का समाचार दुखद है। दादी जानकी ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के माध्यम से पूरे समाज को आध्यात्म के रास्ते पर आगे बढ़ाने में अतुलनीय योगदान दिया है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।
- भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

अचल प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा करते हुए ब्रह्माकुमारी की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी जी ने करोड़ों जन को अपने व्यक्तित्व-कृतित्व से प्रेरित किया है। उनके देवलोकगमन की सूचना भाव विहृल करने वाली है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ऊं शांति
- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उप्र सरकार

राजयोगिनी दादी जानकी जी के निधन से बहुत दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरे विचार और प्रार्थनाएं ब्रह्माकुमारियों के साथ हैं।
विजय रुपाणी, मुख्यमंत्री, गुजरात
ब्रह्माकुमारीज संस्था की प्रमुख दादी जानकी के देहांत का समाचार सुनकर अत्यंत दुख हुआ। उनका निधन आध्यात्मिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। परमपिता परमेश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं अनुयायियों को यह क्षति सहन करने का संबल प्रदान करें।
- सचिन पायलट, डिप्टी चीफ मिनिस्टर, राजस्थान सरकार
------------
ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका 104 वर्षीय दादी जानकी के निधन के समाचार से बहुत दुख हुआ। मैंने कई साल पहले उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और समाज को संगठित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शशि थरुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता
-------------
इस महान आत्मा को जिसने नारी शक्ति प्रधान ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक संगठन का सफल नेतृत्व किया विनम्र श्रद्धांजलि।
- ओमप्रकाश धनकर, बीजेपी नेता, हरियाणा
-----------
ब्रह्माकुमारीज संस्था की प्रमुख दादी जानकी को अहिंसा विश्व भारती की ओर से हार्दिक श्रद्धांजलि। दादी सही मायनों में सच्ची भारत रत्न थीं।
- आचार्य लोकेश मुनि
------------
विश्व में आध्यात्मिक प्रेरणा का सबसे विशाल संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकीजी के देहांत के समाचार से हृदय को गहरा दुख पहुंचा है। मैं परमात्मा से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल अनुयायियों को धैर्य प्रदान करें।
- डॉ. रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
-------------
ब्रह्माकुमारी संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी जी के दुखद निधन का समाचार मिला। उनके मानवता व मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए किए गए कार्य सदैव अविस्मरणीय रहेंगे। मैं उनके निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करे व उनके पीछे उनके शुभचिंतकों, प्रशंसकों व परिजन को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
- कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री, मप्र

- विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका एवं महिला शक्ति की प्रेरणास्रोत राजयोगिनी दादी जानकी के निधन से हम दुखी हैं। आध्यात्म के माध्यम से समाज में मानवीय मूल्यों की स्थापना व लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए उनका समूचा जीवन समर्पित रहा है। मैं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
- धर्मलाल कौशिक, नेता प्रतिपक्ष, छत्तीसगढ़  

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
मास्क पहनने का औचित्य 'दुखद: समाचार एवं श्रद्धासुमन' जेसिका लाल हत्याकांड: जेल में अच्छे व्यवहार के चलते सिद्धार्थ शर्मा उर्फ मनु रिहा मॉनसून ऋतु (जून–सितम्बर) की वर्षा दीर्घावधि औसत के 96 से 104 प्रतिशत होने की संभावना अनलॉक-1 के नाम से देश में 30 जून तक लॉकडाउन 5 लागू, क्या-क्या खुलेगा, किस पर रहेगी पाबंदी आखिर क्यों नहीं पीएमओ पीएम केयर फंड आरटीआई के दायरे में ? कितनी गहरी हैं सनातन संस्कृति की जड़ें कोरोना से युद्ध में रणनीति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अभाव सीआईपीईटी केंद्रों ने कोरोना से निपटने के लिए सुरक्षात्मक उपकरण के रूप में फेस शील्ड विकसित किया एन.एस.यू.आई. ने छात्रों को एक-बार छूट देकर उत्तीर्ण करने का किया आग्रह