ENGLISH HINDI Sunday, June 07, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
निजी तथा सार्वजनिक सेवा वाहनों को शर्तों सहित सुबह 5 से रात 9 बजे तक चलने की आज्ञाधार्मिक स्थानों, होटलज, रैस्टोरैंटस और शॉपिंग मॉलज़ को फिर खोलने सम्बन्धी दिशा-निर्देश जारी'जड़ों से जुड़ें' नामक मिशन तहत स्वदेशी अपनाने के जागरूकता फैलाने का संकल्पक्वारंटीन लोगों के लिए योग तथा मेडिटेशन शुरूखबरों के पीछे की खबर: सोनाली— सुल्तान थप्पड़ कांड— जनता में उठते कई सवालजानवरों के दाहगृह प्लांट के विरोध में युवा कांग्रेस सडक़ परजिम खोलने की इजाजत मिले, डेराबस्सी में नॉर्थ इंडिया बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन ने की मांगवजन कम करना सबसे आसान काम है अगर सही तरीके से किया जाए : हनान चौधरी
हिमाचल प्रदेश

पलायन न करें, उपमंडल में ही की जाएगी प्रवासी मजदूरों के भोजन की व्यवस्था: ठाकुर

March 28, 2020 06:59 PM

धर्मशाला, (विजयेन्दर शर्मा) देहरा उपमंडल से कोई भी प्रवासी मजदूर पलायन न करें, उनको खाद्य सामग्री देने की पूरी व्यवस्था नगर पंचायतें करेंगी। एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने देहरा उपमंडल से पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों से यह बात कही। दरअसल आज सुबह देहरा उपमंडल के तहत उद्योगिक क्षेत्र संसारपुर टेरेस व अन्य क्षेत्रों में विभिन्न प्रदेशों से आए सैंकड़ो दिहाड़ीदारो में से दर्जनों ने सुबहे ही पैदल मार्च कर अपने घरों की और प्रस्थान करना प्रारंभ किया। इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर और डीएसपी देहरा आर.एस राणा ने मौके पर पहुंच कर पलायन रोकने के लिए जलंधर मार्ग पर दूर-दूर तक जा कर ऐसे दिहाड़ीदारो को ढूंढने का प्रयास किया।
वहीं कुछ एक को उन्होंने समझा बुझा कर वापिस भी भेजा। बाद में उन्होंने बताया कि डीएसपी देहरा के साथ ऐसे लोगो को सफर न कर वहीं क्वाटरों में रहने को समझाया गया। उन्होंने बताया कि यह वह लोग थे जिन्हें राशन इत्यादि खत्म होने की स्थिति में घर के लिए रुख करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इन दिहाड़ीदारों को बताया गया कि अब सभी पंचायतों को ऐसे परिवारों की मदद करने के निर्देश प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा दिए गए हैं। जिसके चलते इन प्रवासी मजदूरों ने अपना पैदल जाने का विचार कैंसल किया और वापिस आ गए।
धनबीर ठाकुर ने बताया कि इसके बाद वह गगरेट तक गए और पैदल चल रहे प्रवासियों को वापिस लोटने को कहा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर उन्होंने एसडीएम अम्ब और गगरेट से भी बात कर उनसे आग्रह किया कि पंजाब व अन्य राज्यों से कांगड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों की ओर आ रहे लोगों को भी उपमंडल की सीमाओं में ही रोका जाए तथा वहीं उनके भोजन और क्वारेंटाईन की व्यवस्था की जाए, जिससे सभी क्षेत्र सुरक्षित रहें तथा किसी को असुविधा न झेलनी पड़े।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें