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हिमाचल प्रदेश

14 अप्रैल तक बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान: मुख्यमंत्री

March 31, 2020 09:21 PM

शिमला, (विजयेन्दर शर्मा)

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, ताकि अन्य राज्यों में फंसे लोगों के साथ समन्वय स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन के सचिव इस नियंत्रण कक्ष के प्रभारी होंगे और यह चैबीसों घंटे काम करेगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोग कंट्रोल रूम के जरिए संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अन्य राज्यों में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों तक पहुंचने के लिए सभी प्रयास कर रही है और संबंधित राज्य सरकार के साथ इन हिमाचलियों के बारे में भी बात करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल भवन, दिल्ली और चंडीगढ़ में पहले से स्थापित कंट्रोल रूम को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि वहां फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नियंत्रण कक्ष पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रशासनिक तंत्र के साथ उचित संपर्क सुनिश्चित करेगा जबकि चंडीगढ़ में नियंत्रण कक्ष त्रि-शहर के प्रशासन के साथ प्रभावी संपर्क सुनिश्चित करेगा।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्र, क्रेच, टैक्सियों सहित अनुबंधित गाड़ियों का 14 अप्रैल, 2020 तक बंद रहना जारी रहेगा। यह भी तय किया गया कि निजी वाहनों को केवल तभी अनुमति दी जाएगी, जब आवश्यक रूप से अस्पताल जाना हो और आवश्यक सेवाओं के रखरखाव के लिए आवश्यक हो।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में दवाओं के अलावा पीपीई किट और सर्जिकल मास्क की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर ने कसौली में कोविड-19 परीक्षण सुविधा प्रदान करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है जिससे राज्य में परीक्षणों की क्षमता में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 17 लोग दिल्ली निजामुद्दीन में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल थे। वे सभी नई दिल्ली में दिल्ली सरकार के 14 दिनों के निगरानी में हैं और अब तक उनमंे कोविड -19 के कोई लक्षण नहीं हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि कल से राज्य में एक एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को कोविड-19 के लक्षणों के बारे में जानकारी देंगे। इस अभियान के तहत दो व्यक्तियों की टीम के साथ आशा कार्यकर्ता प्रत्येक गांव में घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जानकारी लेंगे और इसे गूगल प्रपत्र के माध्यम से विभाग के साथ साझा करेंगे।यह अभियान प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। उन्होंने कहा कि अभियान के बाद संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 3396 व्यक्तियों को कोरोना वायरस की निगरानी में रखा गया है जिनमें से 1168 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी की है।  कोविड -19 के लिए 17 व्यक्तियों की जांच आज की गई और सभी नमूने नेगेटिव पाए गए हैं उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के लिए राज्य में अब तक 229 लोगों की जांच की गई और 226 को नकारात्मक पाया गया है।

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