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हरियाणा

निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स, अन्य कर्मचारियों को भी एक्सग्रेशिया मुआवजे की घोषणा

April 01, 2020 11:03 PM

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज घोषणा की कि राज्य के निजी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स और अन्य कर्मचारियों को भी सरकारी क्षेत्र में काम करने वालों की तर्ज पर उपलब्ध एक्सग्रेशिया मुआवजे का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने किसानों द्वारा लिए गए फसली ऋण की किश्त की तारीख 15 अप्रैल से बढाकर 30 जून 2020 तक बढ़ाने की भी घोषणा की।

श्री मनोहर लाल ने आज यहां लाइव टेलीविजन पर राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब निजी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और अन्य स्टाफ को भी क्रमश: 50 लाख रुपये, 30 लाख रुपये, 20 लाख रुपये और 10 लाख रुपये की एक्सग्रेशिया का लाभ मिलेगा, यदि वे भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए 50 लाख रुपये के नए बीमा कवर में नहीं आते हैं।

इससे पहले गत 23 मार्च को, मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स के लिए, चाहे वह नियमित हो, एडहोक, आउटसोर्स या अनुबंध पर कार्यरत हो और राज्य में कोविड परीक्षण प्रयोगशाला, कोरोना पॉजिटिव रोगियों को ले जाने वाली एम्बुलेंस या सरकारी अस्पतालों में स्थापित आईसोलेशन वार्ड में काम कर रहे हो, के लिए यह घोषणा की थी।

उन्होंने निजी अस्पतालों से आग्रह करते हुए कहा कि वे कोरोना प्रभावित रोगियों को चिकित्सा देखभाल से मना न करें।

उन्होंने कहा कि अब राज्य में किसान अप्रैल 15, 2020 के बजाय 30 जून, 2020 तक फसली ऋण की किश्त चुकाने में सक्षम होंगे। इसके साथ ही, उन्हें ब्याज की आर्थिक सहायता का लाभ भी मिलेगा।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि हालांकि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों, किसानों और चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों के लिए घोषित 1.70 लाख करोड रुपये के विशेष राहत पैकेज से हरियाणा को फायदा होगा, लेकिन राज्य ने भी कुछ राहत उपायों की भी घोषणा की है जोकि केंद्र के इस राहत पैकेज के अंतर्गत नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के लाभार्थियों को पहले से ही 4000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो गई है। इसी तरह, 3.50 लाख निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के बैंक खातों में 1000 रुपये प्रति सप्ताह की राशि हस्तांतरित कर दी गई है और कुल मिलाकर, अब तक 250 करोड़ रुपये ऐसे लाभार्थियों को हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस महीने के लिए 1500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के रूप में खर्च किया जाना है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक कोरोना महामारी के खिलाफ लडऩे के लिए राज्य सरकार द्वारा स्थापित कोरोना रिलिफ फंड (सीआरएफ) में अब तक 24 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से भी अपील की है कि वे अपने मूल वेतन के एक हिस्से का उदारतापूर्वक योगदान करें और कर्मचारी इस उद्देश्य के लिए शुरू किए गए एक पोर्टल पर अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 46,000 से अधिक कर्मचारियों ने 24 करोड़ रूपए से अधिक के योगदान के लिए इस पोर्टल पर फॉर्म भरे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, 2 अप्रैल, 2020 को अपनी सहमति देने की अंतिम तिथि है, बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने मांग की है कि तिथि को और आगे बढ़ाया जाए क्योंकि बड़ी संख्या में बोर्ड, निगमों और विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों ने भी इस कोष में योगदान देने की अपनी इच्छा व्यक्त की है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निजामुद्दीन क्षेत्र की असावधानी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) से इनपुट मिले हैं कि कुछ कोरोना पॉजिटिव लोगों ने मार्च के महीने में देश की राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में एक जमात में भाग लिया। हरियाणा ने इस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए दिल्ली के निजामुद्दीन से हरियाणा में आए 500 से अधिक लोगों को न्यूनतम 14 दिनों की अवधि के लिए क्वारंटीन में भेज दिया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान वे किसी भी होटल, मस्जिद या अपने घरों में उन्हें नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नोवेल कोरोना वायरस के प्रकोप में कमी लाने के लिएयह निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 13,000 लोगों को निगरानी में रखा गया है और 323 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि 694 लोगों के नमूने लिए गए हैं जो कोरोने पोजिटिव रोगियों के संपर्क में आए हैं और जिनमें से 543 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में पोजिटिव मामलों की संख्या 16 है क्योंकि कुल 29 ऐसे मामलों में से 13 रोगियों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका, स्पेन, इटली आदि देशों को कोविड-19 से अत्यधिक प्रभावित किया गया है क्योंकि उन्होंने पर्याप्त प्राथमिक निवारक उपाय नहीं लिए थे। इसके विपरीत, हमने अत्यधिक संयम बरता है और इसके परिणामस्वरूप यहाँ यह चीजें अच्छी तरह से नियंत्रण में हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सामाजिक रूप से सतर्क रहें और सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि इस तरह से हम बहुत जल्द इस समस्या का समाधान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान समय का सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अधिक से अधिक समय अपने बुजुर्गों और बच्चों के साथ बिताना चाहिए और किताबें पढऩा, कहानी सुनाना, खाना बनाना इत्यादि कार्य करने समय व्यतीत करना चाहिए।

एक अनुभव को स्मरण कर लोगों से सांझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1980 में, उन्हें तमिलनाडु जाने का मौका मिला जहां उन्होंने 20 दिन बिताए। इस अवधि के दौरान, उन्होंने तमिल भाषा सीखी और आज, बहुत से तमिलनाडु के लोग उनके दोस्त हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने दैनिक व्यायाम का समय 45 मिनट से बढ़ाकर 1.30 घंटे कर दिया है। इसके अलावा, उन्होंने एक घंटे के लिए किताबें भी पढऩा शुरू किया है। उन्होंने अपने ज्ञानवर्धन के विभिन्न विषयों या मुद्दों को समझने के लिए एक घंटे का समय भी आजकल निर्धारित किया हुआ है जोकि उन्हें पहले इसके लिए समय नहीं मिल पाता था। 


 राज्य के नागरिकों की भलाई, सुरक्षा और स्वास्थ्य हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए, सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। कोविड-19 कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे और चुनौति का सामना करने के लिए तैयार है।

सरकार ने किसी भी इच्छुक दुकान या स्टोर के मालिक (किरयाणा/ सब्जी / दूध / कैमिस्ट आदि) , जो आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का इच्छुक हैं ,उनके लिए कोविड-19 संघर्ष सेनानी (https://covidssharyana.in) पोर्टल लॉन्च किया है। कोई भी नागरिक , जो कोरोनावायरस से लडऩे के लिए अपना योगदान देना चाहता है तो वह वेबसाइट पर पुस्तिका से अपना योगदान देने की प्रकिर्या समझ सकता है।

वेबसाइट पर नागरिक आवश्यक वस्तुओं को प्रदान करने के लिए या स्वयंसेवकों के रूप में, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स के रूप में या होम डिलीवरी के काम करने के लिए स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं। लोगो को सोशल डिस्टेन्स तथा जागरूकता फैलाने के लिए भी मदद कर सकते हैं। इस पोर्टल पर झूठे स्वयंसेवकों की रिपोर्ट भी कर सकता है। पोर्टल का उद्देश्य पंजीकृत किरयाना, दूध, और केमिस्ट की दुकानों का एक नेटवर्क बनाना है और पोर्टल पर पंजीकृत स्वयंसेवकों को प्रदान किए जाने का विकल्प प्रदान करता है। दुकान-मालिकों को उनके द्वारा बेची जाने वाली वस्तुओं की प्रकृति यानी दूध, अंडे, किराने का सामान, सब्जियां, आलू / प्याज, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, ब्रेड, मेडिसिन और टॉयलेटरीज़ आदि के आधार पर पंजीकृत किया जाता है। पोर्टल उपयोगकर्ताओं को दुकान मालिकों या स्वयंसेवकों के रूप में पंजीकृत होने के लिए एक इंटरैक्टिव इंटरफ़ेस प्रदान करता है। दुकान के मालिक यह भी सूचित कर सकते हैं कि होम डिलीवरी और ई-भुगतान की सुविधा उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा दी गई है या नहीं।

अब तक पोर्टल पर कुल 48,598 दुकानें पंजीकृत हुई हैं। इनमें 15,332 मिल्क, ब्रेड और एग-शॉप्स, 8,719 वेजिटेबल शॉप्स, 15,202 ग्रॉसरी और अन्य आइटम शॉप्स, 5861, पैक्ड फूड आइटम शॉप्स आदि की और 3484 केमिस्ट्स ने रजिस्टर किया है। इनके अलावा, पोर्टल पर अब तक कुल 65720 स्वयंसेवकों ने , जिनमें 920 डॉक्टरों, 841 नर्सों, 2155 पैरामेडिक्स, 11640 होम डिलीवरी वालंटियर्स, 11326 सोशल डिस्टेंस कम्युनिकेशन वालंटियर्स, 14149 पब्लिक कम्युनिकेशन, 11424 जिला प्रबंधन वालंटियर्स तथा 13253 अन्य वालंटियर ने पंजीकरण कराया है।

इस पोर्टल के माध्यम से हरियाणा सरकार का उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों के स्वयंसेवकों के एक डेटाबेस को मजबूत करना है ताकि उनकी सेवाओं का उपयोग कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में किया जा सके और नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।

क्रमांक-2020

मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में बनाए गए रिलीफ कैंपों में रह रहे प्रवासियों की काउंसलिंग के लिए प्रशिक्षित काउंसलर या विभिन्न समुदाय के नेताओं से तालमेल कर काउंसलिंग करवाई जाए। इसके साथ ही, निजी काउंसलर और मनोचिकित्सक को लगाने की भी संभावनाएं तलाशी जाएं।

श्रीमती अरोड़ा आज यहां वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।

मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि वे प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी की नियुक्ति करें जो इन काउंसलर या विभिन्न समुदाय के नेताओं की सेवाएं लेने से संबंधित सभी प्रकार की व्यवस्थाओं को देखेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कि पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि विभिन्न रिलीफ कैंपों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की चिंता या समस्याओं को मानवीय तरीके से संभाला जाए। उन्होंने कहा कि इन रिलीफ कैंपों में टीवी लगाने की संभावना भी सुनिश्चित की जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन शिविरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो।

उन्होंने कहा कि सभी नगर समितियां, नंबरदारों, सरपंचों, पंचों, सिंचाई विभाग की टीमें विशेष तौर पर निगरानी रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि रिलीफ कैंपों में रह रहे प्रत्येक प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण उनके आधार नंबर, पते और फोन नंबर जैसे पूरी जानकारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पड़ोसी राज्यों से हरियाणा में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति ट्रैकिंग की जाए।  मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भीड़ से बचने के लिए प्रदेशभर के बैंक खुले रहें और इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एटीएम भी अधिकतम संख्या में खुले रहें। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि बैंकों और एटीएम में भीड़ इक_ा नहीं होनी चाहिए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कोविड-19 अस्पतालों के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही यह अस्पताल बनाए जाएं, इसलिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक मानदंड का पूरी तरह से पालन किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में वेंटिलेटर के साथ-साथ ऑक्सीजन सिलेंडरों की पर्याप्त संख्या की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, स्वास्थ्य सेवाओं में लगे कर्मचारी और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रेरित किया जाए और उन्हें आश्वस्त किया जाए कि प्रदेश सरकार उनकी सुरक्षा के लिए फिक्रमंद है तथा उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण जैसे पीपीई किट, दस्ताने, सैनिटाइजर और एन -95 मास्क आदि सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्य सचिव ने झूठी ‘फॉल्स’ खबर से जनता को दूर रखने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि जिलों में जागरूकता गतिविधियों को तेज किया जाए और उपायुक्त के साथ-साथ जिला सूचना, जन संपर्क अधिकारी अफवाह फैलाने वालों पर नकेल कसें और झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक वस्तुओं और उत्पादों का उत्पादन बंद नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों से आने वाली आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही भी सुचारू रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजारों में स्टॉक की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि प्रदेश के लोगों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने रिलीफ कैंपों की सफाई, वहां रहने वाले प्रवासियों, भोजन वितरित करने वाले स्वयंसेवकों और अधिकारियों की थर्मल जाँच की जाए।

हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में नियम 134-ए के अंतर्गत दाखिला हेतु ऑनलाइन फार्म भरने की अवधि को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया है। विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नियम 134-ए के तहत शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कक्षा 2 से 12 तक आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के विद्यार्थियों के दाखिले हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2020 निर्धारित की गई थी। अब कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 14 अप्रैल, 2020 तक 21 दिनों का लोकडाऊन किया हुआ है। इस स्थिति को मद्देनजर रखते हुए अब नियम 134-ए के अंतर्गत दाखिला हेतु ऑनलाइन फार्म भरने की अवधि को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। अंतिम तिथि के बारे में सूचना बाद में दी जाएगी।

 हरियाणा सरकार ने उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के अधीन आने वाले राज्य के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को 14 अप्रैल 2020 तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा दी जाएगी।

एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके संस्थानों के सभी कर्मचारी घर से काम करेंगे, लेकिन जब भी उनकी आवश्यकता होगी तो वे फोन पर उपलब्ध रहेंगे। संबंधित प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी कर्मचारी अपना स्टेशन नहीं छोड़ेगा।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के निर्देशानुसार सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को अपने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए उनके विषयों से संबंधित मैटिरियल ऑफिसियल वैबपोर्टल या अन्य माध्यमों से अपलोड करना होगा तथा इस बारे में एमआईएस लिंक पर विभाग को रिपोर्ट भेजनी होगी।

‘कोविड सैनिक’ प्रतियोगिता 

-यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रदेश के लोग लॉकडाउन के दौरान साकारात्मक एवं रचनात्मक रूप से कार्य कर रहे हैं, हरियाणा सरकार ने ‘कोविड सैनिक’ प्रतियोगिता शुरू की है। इस पहल के साथ, राज्य सरकार ने लोगों को अपनी छिपी प्रतिभाओं को उभारने और दिखाने का मौका दिया है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति https://haryana.mygov.in पर सम्पर्क कर सकते हैं।

जैसा कि देश भर में हर व्यक्ति घर पर रहकर कोविड-19 के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, इसलिए राज्य सरकार इस प्रतियोगिता में भाग लेकर जनता को कोविड सैनिक कहलाने का अवसर प्रदान कर रही है।

कोविड सैनिक प्रतियोगिता में हर दिन कमेंट अनुभाग के तहत मूल कविताओं, गीतों, कहानियों और टैक्सट, चित्र और वीडियो के रूप में संदेश के लिए चयनित प्रविष्टियों को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं।

यह प्रतियोगिता 21 मार्च, 2020 से शुरू की गई है और प्रतियोगिता में अब तक 20 लोगों को 2200 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। प्रतिभागी स्वच्छता, हाथ धोने, सामाजिक दूरी और कोविड संदिग्ध से संबंधित अफवाहों के प्रसार को रोकने के बारे में अपने अभिनव एवं श्रेष्ठ सुझाव दे सकते हैं।

प्रतियोगिता के तहत 23 मार्च को हर्षित खुराना, परविंदर कुमार, देवेंद्र कादयान, पंकज बंसल, रावकर्मवीर, गौरव कुमार शर्मा और संजय सैनी को उनकी रचनाओं के लिए पुरस्कृत किया गया। इसी प्रकार, 24 मार्च को शिवम वैद, शालू गुप्ता और डॉ0 दिनेश वर्मा तथा 25 मार्च को मनीष, रीना प्रदीप कुमार, अरविंद कुमार, पुखराज और मुकेश मेहता ने पुरस्कार प्राप्त किए। प्रतियोगिता के तहत 26 मार्च को किशन राघव, प्रीति पांडे, नरेश शर्मा, राजेंद्र निगम, और नीरज कुमार मनचंदा को पुरस्कृत किया गया।

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