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पंजाब

फीस मांगने वाले 6 स्कूलों को भेजा कारण बताओ नोटिस

April 05, 2020 08:42 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
शिक्षा मंत्री पंजाब विजय इंदर सिंगला द्वारा कफ्र्यू के दौरान अभिभावकों से फीस मांगने वाले प्राईवेट स्कूलों पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त कार्यवाही करने के लिए जारी की हिदायतों के बाद विभिन्न जि़लों के 6 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस सम्बन्धी और ज्य़ादा जानकारी देते हुए श्री सिंगला ने बताया कि कोरोनावायरस के हमले से पूरी दुनिया प्रभावित हुई है जिस कारण हालात आम की तरह होने तक पंजाब के सभी स्कूलों को दाखि़लों और फीस लेने से मनाही के आदेश जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि इन आदेशों के बाद भी कुछ प्राईवेट स्कूलों द्वारा इन हिदायतों का उल्लंघन करके अलग-अलग माध्यमों द्वारा अभिभावकों को फीस भरने के लिए संदेश भेजे जा रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे 6 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं जिनमें से संगरूर जि़ले का लॉ फाउंडेशन, पटियाला जि़ले का भुपिन्दरा रोड स्थित डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल और भुपिन्दरा इंटरनेशनल स्कूल, लुधियाना स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल, एंजल्स पैराडाईज़ स्कूल, अमृतसर और फऱीदकोट जि़ले का माउंट लिटरा ज़ी स्कूल शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी स्कूल द्वारा इन हिदायतों का उल्लंघन करने का मामला सामने आया तो जि़ला मैजिस्ट्रटों द्वारा पहले स्कूलों को बंद करवाया जाएगा और बाद में उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 23 मार्च को शिक्षा विभाग द्वारा एक पत्र जारी करके सभी स्कूलों को कोरोनावायरस के कारण पैदा हुए हालातों के मद्देनजऱ सभी ग़ैरसरकारी शैक्षिक संस्थाओं को हिदायत की गई थी कि वर्ष 2020-21 के लिए दाखि़लों की अंतिम तिथि को दोबारा निश्चित किया जाए और हालात सुधरने के उपरांत फीस जमा करवाने के लिए एक महीने का समय ज़रूर दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन हुक्मों के द्वारा ही लॉकडाउन लागू रहने तक कोई जुर्माना या लेट फीस लगाने से मनाही की गई थी। उन्होंने बताया कि यह हुक्म जारी करने के बाद उन्होंने स्वयं भी मीडिया और अन्य विभिन्न माध्यमों द्वारा स्कूलों को ऐसा करने से मना किया गया था।
सिंगला ने बताया कि सरकार की हिदायतों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब दाखि़ल करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है और यदि यह स्कूल संतोषजनक जवाब देने में असमर्थ रहे तो इनकी मान्यता या अनापत्ति प्रमाणपत्र (एन.ओ.सी.) रद्द कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के अलावा यदि कोई अन्य स्कूल भी कफ्र्यू के दौरान फीस की माँग करता है तो विद्यार्थी या उनके अभिभावक अपनी शिकायत सीधा उनको ई-मेल भेज सकते हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोनावायरस फैलने के कारण पूरी दुनिया के कारोबार प्रभावित हुए हैं जिस कारण पंजाब में भी अभिभावकों के द्वारा कफ्र्यू के दौरान ऑनलाइन बैंकिंग के ज़रिये भी फीस नहीं भर सकते। उन्होंने कहा कि प्राईवेट स्कूलों को भी मुश्किल की इस घड़ी में पंजाब सरकार और राज्य निवासियों के साथ खड़ा होना चाहिए जिससे कोरोनावायरस को फैलने से रोका जा सके।

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