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पंजाब

कोरोना वायरस से मारे गए लोगों की अंतिम रस्में निभाने संबंधी हिदायतें जारी हों : ग्रेवाल

April 07, 2020 08:51 PM

कौंसल द्वारा कोरोना के फैलने सम्बन्धी पैदा हुए भ्रम और खौफ को दूर करने की मांग

 चंडीगढ़, फेस2न्यूज
पंजाबी कल्चरल कौंसिल ने पंजाब सरकार से माँग की है कि कोविड -19 वायरस से पीड़ित मृतकों की देहों की अंतिम रस्में सम्मानजनक ढंग से निभाने सम्बन्धी सख्त हिदायतनामा जारी किया जाये जिससे कोई भी गाँव और शहर की श्मशान भूमि में अंतिम रस्में करने से रोक न सके। साथ ही कौंसिल ने माँग की है कि इस बीमारी के फैलने को लेकर पैदा हुए भ्रम और खौफ को दूर करवाने और लोगों में सामाजिक सरोकार सम्बन्धी विश्वास बहाली, भरोसा और सामुदायिक नजदीकी फिर से बहाल कराने के यत्न किये जाएँ।

पंजाबी कल्चरल कौंसिल (रजि.) के चेयरमैन हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि पिछले दिनों के दौरान देखने में आया है कि कोरोना वायरस से मारे गए कुछ लोगों को उनके परिवारों द्वारा बीमारी फैलने सम्बन्धी पैदा हुए खौफ के कारण संस्कार की अंतिम रस्में निभाने और मृत देह लेने से ही इन्कार कर दिया गया। इसके उपरांत स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा यह रस्में अपने स्तर पर ही निभाई गईं ।

तर्कहीन भ्रमों स्वरूप डरे हुए लोगों द्वारा अपने मारे गए पारिवारिक सदस्यों को त्यागे जाने पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए समाज सेवी हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि ऐसी घटनाओं से पंजाब की गौरवमयी सामाजिक सांझ और एक दूसरे के दुख-सुख में शरीक होने की भाईचारक सांझ को तगड़ा झटका लगा है जिससे भविष्य में दूरदर्शी निष्कर्ष निकल सकते हैं।

 
 
तर्कहीन भ्रमों स्वरूप डरे हुए लोगों द्वारा अपने मारे गए पारिवारिक सदस्यों को त्यागे जाने पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए समाज सेवी हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि ऐसी घटनाओं से पंजाब की गौरवमयी सामाजिक सांझ और एक दूसरे के दुख-सुख में शरीक होने की भाईचारक सांझ को तगड़ा झटका लगा है जिससे भविष्य में दूरदर्शी निष्कर्ष निकल सकते हैं।

कौंसिल के प्रमुख श्री ग्रेवाल ने कहा कि कोरोना पीड़ित मृत देहों के सम्मानजनक संस्कार करने या दफनाने के मुद्दे पर स्थानीय निकायों और पंचायत विभाग के द्वारा निचले स्तर तक हिदायतनामा या आॅर्डीनैंस जारी किया जाना चाहिए जिससे भारतीय खासकर पंजाब की सामाजिक परंपराओं को आँच ना आए और कोई भी शहरी या गाँव वासी ऐसे दुख की घड़ी के समय किसी को भी संस्कार या दफनाने से मना ना कर सके। ऐसे उल्लंघन के लिए जुर्माने या जेल की व्यवस्था की जा सकती है।

पंजाबी कल्चरल कौंसिल ने माँग की है कि किसी स्थिति में पीड़ित परिवार द्वारा मृत देह का संस्कार ना करने या दफनाने से मना करने की सूरत में कोई स्थायी ऐच्छिक समिति गठित की जाये जिसमें इलाके का काऊंसलर / नंबरदार / सरपंच या पंचायत मैंबर अपने शहर या गाँव में संस्कार करने या दफनाने सम्बन्धी अंतिम रस्में निभाएं। इसके अलावा सम्बन्धित मृतक का अंतिम भोग या रस्म उठाला / चैथा आदि किसी भी गुरुद्वारे, मंदिर, मस्जिद या चर्च आदि में निभाने की व्यवस्था पंचायत विभाग और स्थानीय निकाय विभाग के द्वारा निचले स्तर पर कायम की जाये।

श्री ग्रेवाल ने कहा कि आम लोग इस वायरस के फैलने के प्रति काफी डरे हुए हैं और ‘सामाजिक दूरी ’ रखने के नारे ने असली मायनों में पुश्तैनी नजदीकी को क्षति पहुंचाई है। इस कारण इस नारे की जगह ‘आपसी या शारीरिक दूरी ’ का नाम दिया जाये। उन्होंने कहा कि इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के माहिरों द्वारा द्विपक्षीय विश्वास बहाल करने और लोगों को भाईचारक सांझ कायम रखने के लिए उत्साहित किया जाये।

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