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राष्ट्रीय

कोरोना संकट में आर्थिक मंदी से झूझ रहा भारतीय फिल्म जगत: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों से सहयोग की गुहार

May 24, 2020 12:46 PM

मुम्बई : अब पूरे देश में चल रहे कोरोना काल के साथ आर्थिक मंदी में भारतीय फिल्म जगत भी कराहने लगा है।

बॉलीवुड के दिग्गज प्रमोटर व निर्देशक, कंपोजर दुष्यंत प्रताप सिंह सहित मुम्बई के अभिनय जगत के कई चर्चित चेहरों जिनमें अभिनेता पंकज बैरी, ज़ैद शेख़, अभिनेत्रियों कविता त्रिपाठी, सोनिया शर्मा, अर्जुमन मुग़ल, ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन व प्रचार क्षेत्र के दिग्गज योगेश लखानी संगीतकार अंजान भट्टाचार्य जैसे नामों ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व प्रदेशों के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, योगी आदित्यनाथ से फ़िल्म उद्योग के लिए सामूहिक व व्यक्तिगत तौर पर राहत की प्रार्थना की है। जिसमें मुख्य रूप से 1) छोटी टीम के साथ शूटिंग करने की अनुमति. 2) कलाकारों व तकनीशियनों हेतु कुछ आर्थिक छूट. 3) निर्माताओं को टैक्स में छूट. 4) फ़िल्म उद्योग से जुड़े सभी लोगों को कोई अर्धसरकारी पहचान पत्र व सरकारी उद्यमों में रियायत. 5) पोस्ट प्रोडक्शन हेतु कार्य करने की अनुमति। इस पूरे अभियान को #savebollywood हैशटैग दिया गया है

पंकज बैरी के मुताबिक प्रवासी तकनीशियन बेहद मुश्किल दौर मैं है उन्हें तत्काल मदद की ज़रूरत है । वहीं कविता त्रिपाठी के मुताबिक बड़े फ़िल्म स्टार्स को कम तकलीफ है । लेकिन छोटे कलाकार इस वक़्त क्या करें, उनके लिए कोई मदद फौरी तौर पर मिलनी चाहिए।दुष्यंत सिंह के अनुसार तकरीबन डेढ़ लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से भारतीय सिनेमा से जुड़े हुए है । जो रोजाना काम कर खाते है, उनके संसाधन खत्म हो चुके है। अगर प्रवासी तकनीशियन का पलायन हुआ, तो फिर काम करना संभव ही नही होगा। वहीं ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार भारतीय सिनेमा जगत को तकरीबन दो हज़ार करोड़ का नुकसान होगा। जिसकी भरपाई सिनेमा जगत शायद ही कर पायेगा ।अभिनेत्री सोनिया शर्मा के मुताबिक ये सही वक्त है जब भारत सरकार हमारे साथ खड़ी हो। क्योंकि कलाकार हमेशा अपने देश के लिए अपना सर्वोत्तम प्रस्तुत करते है।

पंकज बैरी के मुताबिक प्रवासी तकनीशियन बेहद मुश्किल दौर मैं है उन्हें तत्काल मदद की ज़रूरत है । वहीं कविता त्रिपाठी के मुताबिक बड़े फ़िल्म स्टार्स को कम तकलीफ है । लेकिन छोटे कलाकार इस वक़्त क्या करें, उनके लिए कोई मदद फौरी तौर पर मिलनी चाहिए।

दुष्यंत सिंह के अनुसार तकरीबन डेढ़ लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से भारतीय सिनेमा से जुड़े हुए है । जो रोजाना काम कर खाते है, उनके संसाधन खत्म हो चुके है। अगर प्रवासी तकनीशियन का पलायन हुआ, तो फिर काम करना संभव ही नही होगा। वहीं ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार भारतीय सिनेमा जगत को तकरीबन दो हज़ार करोड़ का नुकसान होगा। जिसकी भरपाई सिनेमा जगत शायद ही कर पायेगा ।अभिनेत्री सोनिया शर्मा के मुताबिक ये सही वक्त है जब भारत सरकार हमारे साथ खड़ी हो। क्योंकि कलाकार हमेशा अपने देश के लिए अपना सर्वोत्तम प्रस्तुत करते है।

जैद शेख़ के अनुसार यह समय एक अवसर भी है। अगर सरकार ने साथ दिया तो भारतीय सिनेमा विश्व के सिनेमा जगत को एक नई सोच दे सकता है। संगीतकार अंजान भट्टाचार्य संगीत जगत को लेकर बेहद व्यथित है। उनके मुताबिक अगर सरकार अब साथ नही देगी तो कब देगी । बॉलीवुड को उम्मीद और इंतज़ार है कि कब कलाकारों की सुध सरकार लेगी। अगर बहुत जल्द कुछ न किया गया तो स्थिति बेहद बेकाबू व विकराल हो जाएगी।

सभी दिग्गजों के मुताबिक बहुत जल्द एक प्रतिनिधि मंडल माननीय प्रधानमंत्री व माननीय मुख्यमंत्री महोदय से इस संबंध में मुलाकात के लिए समय मांगेंगे। साथ ही सोशल मीडिया, समाचार माध्यमों व पत्र के माध्यम से अपनी बात व मांग सरकार तक पहुचायेंगे।

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