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पंजाब

बीज घोटाला: सीबीआई से जांच के डर से राज्यभर के सीइएओ ने बीज की दुकानों पर दौड़ाई टीमें

May 29, 2020 06:50 PM

बरनाला, अखिलेश बंसल/करन अवतार:
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के द्वार नंबर-1 के सामने स्थित बीज स्टोर पर छापेमारी के दौरान बरामद हुए बीज के नमूने, बिल पुस्तिकाएं और अन्य दस्तावेज से विभागीय कार्यशैली का भंडाफोड़ होने एवं भाजपा के किसान मोर्चा द्वारा सीबीआई से करवाने की मांग के चलते राज्यभर के मुख्य कृषि अधिकारी हरकत में आ गए हैं। जिन्होंने बीज व पेस्टीसाईडस की दुकानों पर टीमें दौड़ाना शुरु कर दिया है। शुक्रवार को बरनाला जिलाभर के बाजारों में कृषि विभाग टीमों ने 30 दुकानों पर चैकिंग की है। टीमों ने दुकानों से बीज व खादों के सेंपल भी लिए हैं। इसके साथ ही दुकानदारों को बीज का अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।   

जिला कृषि विभाग ने शुक्रवार को टीमें भेजकर जिलाभर में की 30 दुकानों पर चैकिंग, सेंपल भरकर लैबारटरी में भेजे। पिछले भरे सेंपल की रिपोर्ट अभी तक लंबित।


इसलिए भागा-दौड़ी कर रहे विभाग अधिकारी:
मामला यह है कि कुछ दिन पूर्व एक जनहित शिकायत के बाद कृषि विभाग लुधियाना द्वारा पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के द्वार नंबर-1 के सामने स्थित बीज स्टोर पर छापेमारी की थी। जिसके दौरान वहां से विभागीय बीज के नमूने, बिल पुस्तिकाएं और अन्य दस्तावेज के मिलने का भंडाफोड हुआ था। घटना को लेकर भले ही पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से पंजाब का किसान पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नही था। पंजाब के किसानों ने भाजपा व शिअद गठबंधन के झंडे तले राज्य के माननीय राज्यपाल पंजाब वी. पी. बदनौर के नाम संबोधित ज्ञापन भेजने शुरु किए। जिसमें गठबंधन से संबंधित किसानों ने इस घोटाले का मुख्य दोषियों में पंजाब के कैबिनेट मंत्री को ही लपेटे में लिया। आरोप जड़ा कि वे खुद बीज घोटालेबाज (करनाल एग्रो सीडस) कंपनी के मुख्य प्रवक्ता है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि कैबिनेट मंत्री के इशारे पर ही सभी दोषी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जांच करने की बात कह कर समय गुजार रहे हैं जिसके पीछे घटनाक्रम के सबूत मिटाने और फर्जी रिकार्ड तैयार करने की फिराक में हैं। जिसको लेकर वे सीबीआई से जांच करवाना चाहते हैं।  

किसी दुकान से नहीं मिला आरोपित बीज का एक भी दाना:
शुक्रवार को जिलाभर की 30 दुकानों की चैकिंग करने पहुंची टीमों का नेतृत्व एडीओ एन्फोर्समेंट बरनाला गुरचरन सिंह, कृषि अधिकारी महलकलां लखबीर सिंह और कृषि अधिकारी शैहना दिलबाग सिंह ने किया। जिन्होंने पुष्टि करते दावा किया कि चेकिंग के दौरान किसी भी दुकान से पीआर 128 और पीआर 129 किस्म का धान का बीज नहीं मिला है।
यह कहते हैं जिला के सीएओ:
जिला बरनाला के मुख्य कृषि अधिकारी डा. बलदेव सिंह का कहना है कि लॉकडाउन के बाद दो महीनें के दौरान सीडस, पैस्टीसाईड्स और खाद के कुल 92 सेंपल लिए गए हैं। शुक्रवार को भी शहर की 30 दुकानों पर चेकिंग कर सेंपल भरे गए हैं। जिनकी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर आ जाएगी। जिनकी रिपोर्ट में खोट निकली उनके खिलाफ कृषि एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा किसानों को धान की फसल का बीज उपलब्ध नहीं करवाया जा सका। दालों के बीज वितरित किए गए हैं। इस वक्त मैं बठिंडा में विभागीय बैठक में भाग लेकर बाहर निकला हूं। जिला के पास सरकार की ओर से किस किस्म का कितना बीज उपलब्ध करवाया जा चुका है और कितना कितना किस किस किसान को वितरित किया गया है उसका डेटा अभी बताना असंभव है।
यह कहते हैं डिप्टी कमिश्नर:
डिप्टी कमिश्नर तेज प्रताप सिंंह फुलका का कहना है कि कृषि विभाग को बीज व पेस्टीसाईडस की हर दुकान पर चैकिंग करने के आदेश दिए गए हैं। जिसके अंतर्गत जिलाभर के तीन ब्लाक (बरनाला, शैहना व महलकलां) बीज व पेस्टीसाईडस विक्रेताओं (थोक व प्रचून) डीलरों के रिकार्ड और स्टाक की जांच भी करने को कहा गया है। बीज विक्रेताओं को स्पष्ट हिदायतें दी गई है कि अगर कोई बीज विक्रेता बिना अधिकार स्टाक रखने में दोषी पाया गया या धान का बीज ज्यादा कीमत वसूलता पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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