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पंजाब

पंजाब के ब्राह्मणों ने की अल्पसंख्यक में शामिल करने की मांग

May 30, 2020 07:46 AM

बरनाला, अखिलेश बंसल:
पंजाब के ब्राह्मण समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से ब्राह्मण समाज को अल्पसंख्यक में शामिल करने की मांग की है। जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पंजाब ने सहायक मुख्य सचिव को कार्रवाई करने के लिए मांग पत्र फारवर्ड कर दिया है। जिसको लेकर ब्राह्मण समाज के पहली कतार के पदाधिकारियों एडवोकेट रणधीर कौशल बठिंडा, जसविंदर शर्मा नंबरदार मुकतसर, एडवोकेट गौरव शर्मा चंडीगढ़, जीवन शर्मा मुक्तसर, मुनीश शर्मा, एडवोकेट सुशांत शर्मा, जवाहर लाल शर्मा बठिंडा, सीबीआई इंस्पेक्टर (रिटा.) अशोक शर्मा, किशोर शर्मा, अर्जुन पंडित बरनाला, राहुल गोपाल मानसा, मुकेश शर्मा अबोहर, प्रिंस शर्मा मोगा, नागेश्वर प्रसाद फरीदकोट, कुनाल रिखी संगरूर, रजिंदर पाल शर्मा संगरूर, सरपंच नसीब चंद रिखी, सुदेश आचार्य पटियाला, अजय शर्मा फिरोजपुर, एडवोकेट मधुर शर्मा लुधियाना, पवन जोशी अमरीका ने आभार व्यक्त किया है।
गौरतलब हो कि मालवा प्रांतीया ब्राह्मण सभा पंजाब के प्रदेशाध्यक्ष करन अवतार कपिल (एडवोकेट) ने राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा था कि पंजाब प्रांत के अंदर करीब 3.05 करोड़ की आबादी है। जिनमें ब्राह्मण समाज की आबादी बाकी जातियों के मुकाबले सब से कम है। उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समाज के हित में जारी किए जा चुके पत्रों का हवाला दिया था। जिनमें बताया था कि पंजाब सरकार की ओर से पंजाब में रहते अल्पसंख्यक समुदाओं की रक्षा व सुरक्षा के लिए 21.1.2010 को (1/6/2008-आईएमसी/116) सर्टिफिकेट जारी किया था। इससे पहले राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने वर्ष 1992 के शुरुआत में पांच धार्मिक समाज (सिक्ख, मुस्लमान, ईसाई, पारसी और बौध धर्म समाज) शामिल किए थे। उसके बाद वर्ष 2014 दौरान जैन धर्म के लोगों को भी अल्पसंख्या में शामिल कर लिया गया था।
एडवोकेट कपिल ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया था कि जिस तरह छ: समुदाओं को अल्पसंख्या में शामिल किया जा चुका है उसी तर्ज पर पंजाब में ब्राह्मण समाज की संख्या को देखते हुए उसी तर्ज पर पंजाब के अंदर धार्मिक समुदाय के आधार पर ब्राह्मण समाज को भी अधिसूचित किया जाये, जिससे समूह ब्राह्मण समाज की रक्षा-सुरक्षा और योग्य सरकारी सुविधाओं हासिल हो सके।

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