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पंजाब

हाईकोर्ट की निगरानी में न्यायिक आयोग करे पिछले 13 वर्षों के कृषि घोटाले की जांच: चीमा

June 02, 2020 06:59 PM

चण्डीगढ़, फेस2न्यूज:
आम आदमी पार्टी पंजाब ने बहुचर्चित बीज घोटाले समेत पिछले 13 वर्षों में हुए कृषि घपलों की माननीय हाईकोर्ट की निगरानी में गठित न्यायिक आयोग के द्वारा समयबद्ध जांच की मांग की है, जिससे अंनदाता को लूटने और ठग्गने में एक दूसरे से बढरकर रहे अकालियों व कांग्रेसियों के विवरण लोगों के समक्ष आ सकें।
पार्टी द्वारा जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा और किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष विधायक कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से अंतरराज्य बीज घोटाले में पंजाब के किसानों को 4,000 करोड़ रुपए के नुक्सान सम्बन्धित पेश किए जा रहे आंकड़े नकारे नहीं जा सकते, परंतु मजीठिया 2007 से 2017 तक अपनी अकाली-भाजपा सरकार के दौरान तत्कालीन कृषि मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह की ओर से किए गए बीज सब्सिडी घोटाले और तत्कालीन कृषि मंत्री तोता सिंह की तरफ के बादल परिवार के चहेते और दागी कृषि अधिकारी मंगल सिंह संधू के साथ मिलकर किए गए चिट्टी मक्खी के तौर पर मशहूर हुए नकली पैस्टीसाईड घोटाले और नकली बीटी काटन बीज घोटाले से किसानों को हुए अरबों रुपए के नुक्सान के विवरण भी इसी तरह जनतक करें। मजीठिया मालवा पट्टी के उन किसानों की संख्या भी बताएं जिन्होंने नकली पैस्टीसाईड के कारण चिट्टी मक्खी का शिकार हुए नरमे के नुक्सान को न सहते हुए आत्म-हत्याएं कर ली थीं।
चीमा ने कहा कि जिस तरीके से केंद्र की भाजपाई और कांग्रेसी सरकारों की ओर से फसलों के घाटे के मूल्य तय किए जाते रहे हैं और पंजाब की बादल और कैप्टन सरकारों की ओर से किसानों के साथ नकली पैस्टीसाईड, नकली बीज, सिंचाई और बीज सब्सिडी घोटाले किये गए हैं, उससे साफ है कि अंनदाता को लूटने और ठग्गने में अकाली, भाजपा और कांग्रेसी एक दूसरे से बढक़र हैं।
चीमा और संधवां ने कहा कि इस कांग्रेस सरकार में हुए अरबों रुपए के बीज घोटाले में जिस तरह कांग्रेसी मंत्री आरोपियों को बचाने के लिए जल्दबाजी में हैं, उससे उनकी हिस्सेदारियों की बदबू आ रही है।
संधवां ने कहा कि यदि इस बीज स्कैंडल की जांच पंजाब सरकार की एजेंसियों ने की तो लोगों की आंखों में धूल झोंकने की उसी तरह की कार्यवाही होगी, जैसे चिट्टी मक्खी, बीटी काटन स्कैंडल में अकाली मंत्री तोता सिंह और 50 प्रतिशत बीज सब्सिडी स्कैंडल में शामिल सुच्चा सिंह लंगाह को तब की बादल सरकारों ने कालीन चिट्टें दे कर किया था।

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