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हरियाणा

खबरों के पीछे की खबर: सोनाली— सुल्तान थप्पड़ कांड— जनता में उठते कई सवाल

June 07, 2020 09:24 AM

हिसार/चंडीगढ, फेस2न्यूज ब्यूरो/संजय मिश्रा:
हरियाणा भाजपा की चुनाव हारी हुई नेत्री एवं टिक टॉक स्टार सोनाली फोगाट ने हिसार मार्किट कमेटी के सचिव सुल्तान सिंह को सरेआम थप्पड़ जड़ दिये। फोगाट ने मार्किट कमेटी सचिव को सिर्फ थप्पड़ ही नहीं मारा बल्कि उनकी चप्पल से पिटाई भी की। फोगाट के इस चप्पल कांड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस भी मूकदर्शक बनी दिख रही है। वीडियो वायरल के उपरांत सोनाली— सुल्तान थप्पड़ कांड मामले में युवा कांग्रेस ने ऐलान करते हुए कहा है कि इस मारपीट मामले में केस दर्ज होने उपरांत फोगाट की जल्द गिरफ्तारी न हुई तो युवा कांग्रेस बड़ा और कड़ा फैसला लेगी।
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस घटना की निन्दा की है और वीडियो को ट्वीट करते हुए मनोहर लाल खट्टर सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या हरियाणा के कर्मचारी बीजेपी नेताओं से अपमानित होने और थप्पड़-चप्पल खाने के लिए ही हैं?

दरअसल सोनाली फोगाट हरियाणा के हिसार में अनाज मंडी पहुंची थीं जहां किसी बात पर उनका मार्केट कमिटी के सचिव के साथ वाद-विवाद हो गया। स मामले में मार्किट कमेटी कर्मियों द्वारा भी जगह जगह धरना देकर रोष जताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सोनाली फोगाट ने दावा किया है कि मार्केट कमेटी के सचिव ने उनके साथ भद्दा व्यव्हार किया था और इसीलिए उन्होंने उनकी पिटाई की।
यहां दो सवाल उठते हैं - पहला, यदि मार्केट कमिटी सचिव ने कोई गलती की थी तो फोगाट इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों को दे सकती थी या पुलिस में शिकायत दे सकती थी, फिर उन्होंने अपना थप्पड़ और चप्पल क्यों चलाया? आखिर हरियाणा में बीजेपी की ही सरकार है, जवाब बिल्कुल सीधा है, कि सत्ता के नशे में चूर नेताओं के लिए कानून उनके पैरों की जूती है।
दूसरा, क्या महिला अब अबला नहीं रही बल्कि सशक्त हो गई है और देश में महिला आयोग की अब कोई जरूरत नहीं है?
फोगाट ने इस थप्पड़ एवं चप्पल कांड से अपनी जनता को क्या संदेश दिया है कि महिला अब अबला नहीं रही वो थप्पड़ और चप्पल बखूबी चला सकती है, तो जब महिला अब अबला नहीं रही तो क्या अब देश में महिला आयोग की जरूरत नहीं रही?
क्या ऐसे अबला पुरुष या पुरुष अधिकारी के लिए देश में कोई पुरुष आयोग नहीं बनाया जाना चाहिए?
ज्ञात हो कि आज के समय में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इतने कानून है कि कई मामलों में पुरुष एक अबला की तरह दिखाई पड़ते है और जिसके मान—सम्मान की रक्षा के लिए एक पुरुष आयोग भी होना ही चाहिए।
संस्कृत में कहा जाता है, यत्र नार्यस्तू पूज्यंते रमंते तत्र देवता, मतलब जहां नारियों की पूजा होती हैं वहां देवताओं का वास होता है, लेकिन यहां यह भी देखना होगा कि नारियों का कौन सा स्वरूप पूजनीय है, सती सावित्री, सती अनुसूइया, कल्पना चावला, सुषमा स्वराज जैसी या सोनाली फोगाट जैसी?

उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के क्षेत्र आदमपुर विधानसभा से भाजपा की ओर से प्रत्याशी रही सोनाली फोगाट द्वारा जिले के बालसंमद में मार्किट कमेटी सचिव सुल्तान सिंह की चप्पल से मार पिटाई की। जिस पर पनपा रोष थमने का नाम नहीं ले रहा।

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