ENGLISH HINDI Wednesday, August 05, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
5 सदियों बाद 5 अगस्त को अभिजित मुहूर्त में राम जन्म भूमि पूजन, राम राज्य की ओर अग्रसर भारतकोविड-19 के कारण गिरावट दर 9.26 प्रतिशत रहीपंजाब: मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा डिजिटल माध्यम से स्वीप गतिविधियों की शुरूआतश्री राम जन्मभूमि निर्माण की ख़ुशी में सैंकड़ों दिए जलाकर मनाई दीपावलीपेट्रोल— डीजल के थोक और खुदरा विपणन का अधिकार नियमों को बनाया सरलजनशिकायतों निपटारे के लिए आईआईटी कानपुर तथा प्रशासनिक सुधार और लोकशिकायत विभाग के साथ त्रिपक्षीय कराररूड़की में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाए जाने के संबंध में बैठक, 05 सितम्बर तक बिड प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देशधौला कुआं में आईआईएम का शिलान्यास
राष्ट्रीय

कोविड-19 के परीक्षण के लिए एनबीआरआई में वायरोलॉजी प्रयोगशाला की शुरुआत

June 30, 2020 06:22 PM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को नियंत्रित करने का एक प्रभावी तरीका इसके परीक्षण को बढ़ाकर कोविड-19 के शिकार लोगों की पहचान करना है। इस दिशा में एक नई पहल के अंतर्गत कार्य करते हुए वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अऩुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की लखनऊ स्थित प्रयोगशाला राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) में कोविड-19 के परीक्षण के लिए अत्याधुनिक वायरोलॉजी प्रयोगशाला की शुरुआत की गई है।
इस वायरोलॉजी प्रयोगशाला का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आर.के. तिवारी और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एम.एल.बी. भट्ट ने किया है। एनबीआरआई के निदेशक प्रोफेसर एस.के. बारिक ने बताया कि यह परीक्षण सुविधा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थापित की गई है।
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत कोविड-19 के परीक्षण के लिए लखनऊ में शुरू की गई यह सीएसआईआर से संबंधित तीसरी प्रयोगशाला है। इससे पहले सीएसआईआर-सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) एवं सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी (आईआईटीआर) में भी कोविड-19 के परीक्षण केंद्र बनाए गए हैं।
एनबीआरआई को कोविड-19 के नमूने लखनऊ की ही किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान किए जाएंगे। प्रोफेसर बारीक ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए एनबीआरआई ने पादप विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रमुख शोध संस्थान होने के नाते उच्च अधिकारियों के निर्देशन में परीक्षण सुविधा विकसित करने की पहल की है।
एनबीआरआई में स्थापित परीक्षण सुविधा के समन्वयक डॉ. एस.वी. सावंत ने कहा कि शुरू में 100 नमूनों के साथ यह परीक्षण सुविधा आरंभ होगी, जिसे बाद में आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। एनबीआरआई मुख्य रूप पादप आधारित शोध के लिए जाना जाता है। इसीलिए, संस्थान की टीम को इस परीक्षण सुविधा के संचालन के लिए विशेषज्ञों द्वारा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और सीएसआईआर-आईआईटीआर में प्रशिक्षण दिया गया है। इस परियोजना में एनबीआरआई के साथ-साथ सीएसआईआर-सीमैप की टीम भी साथ मे काम करेगी।
मुख्य सचिव आर.के. तिवारी ने संस्थान के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा है कि पादप विज्ञान का अग्रणी संस्थान होने के बावजूद एनबीआरआई ने पहल करते हुए कोरोना परीक्षण केंद्र बनाकर एक मिसाल कायम की है।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
पेट्रोल— डीजल के थोक और खुदरा विपणन का अधिकार नियमों को बनाया सरल जनशिकायतों निपटारे के लिए आईआईटी कानपुर तथा प्रशासनिक सुधार और लोकशिकायत विभाग के साथ त्रिपक्षीय करार रूड़की में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाए जाने के संबंध में बैठक, 05 सितम्बर तक बिड प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश एम्स ऋषिकेश में 5 लोगों की रिपोर्ट कोविड पाॅजिटिव इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क ने कोविड दौरान आवश्यक प्रतिरक्षण सेवाएं सुनिश्चित की प्रधानमंत्री श्री मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति में टेलीफोन पर हुई बातचीत खेल फिजियोथेरेपी और खेल न्यूट्रीशन में पाठ्यक्रम शुरू कश्मीर घाटी में प्रतिबंध लागू, बाजार बंद राम रहीम के लिए जेल में आईं 650 राखी आदिवासी दिवस के बहाने अलगाववाद की राजनीति