Friday, 26 June 2026
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आक्रोषः बरनाला रहा पूर्ण बंद 

मामला बरनाला निगम के वार्ड नंबर 31 की भाजपा प्रत्याशी महिला के पेपर रिजेक्ट होने का, विपक्षी पार्टियां, समाजसेवी संगठन, व्यापार मंडल ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ दिखाई एकजुटता।

अखिलेश बंसल, बरनाला।

बरनाला निगम के वार्ड नंबर 31 की भाजपा प्रत्याशी महिला के पेपर रिजेक्ट होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कल के प्रदर्शन के बाद बुधवार को भी विपक्षी पार्टियां, समाजसेवी संगठन, व्यापार मंडल ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ एकजुटता दिखाई। इस संयुक्त मंच ने सुबह रेलवे स्टेशन के पास धरना दिया। फिर बाद में शहर में रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को संबोधन करने आम आदमी पार्टी को छोड़ चुके गुरदीप सिंह बाठ, भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान यादविंदर शंटी, अकाली दल की ओर से कुलवंत सिंह कांता, एडवोकेट रुपिंदर सिंह संधू, बरनाला नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष संजीव शोरी, कांग्रेस पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों, पार्षद महेश कुमार लोटा, भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रीतम जिंदल, सुभाष मक्कड़ा, समाजसेवी उपिंदर सरपंच, आप के बागी युवा नेता विकास गर्ग, जोगिंदर पाल, ओम प्रकाश शर्मा सहित सौ से अधिक प्रतिनिधी शामिल थे। धरने के बाद सरकार और जिला प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते शहर में रोष प्रदर्शन किया। शहरवासियों को आम आदमी पार्टी को सबक सिखाने का आह्वान किया।

आप के सांसद के करीबियों ने बताया दर्दः

गुरदीप सिंह बाठ जो आम आदमी पार्टी के कभी दाहिनी बाजू गिने जाते थे। बाठ ने धरने को संबोधित करते कहा कि सियासत में उतरने के बाद हर व्यक्ति चाहता है कि उसे आगे बढ़ने का मौका मिले। हर व्यक्ति को चुनाव में भाग लेने का कंन्सीच्यूशन राइट है। जिस 31 नंबर वार्ड की भाजपा प्रत्याशी के कागज रद्द कर दिए गए उसके पति जोगिंदर पाल टिंकू ने साल 2021 के चुनाव में गुरमीत सिंह मीत हेयर की पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ा था। उसे उस वक्त टिंकू के घर के बाहर इंक्रोचमेंट क्यूं नजर नहीं आयी। बाठ ने कहा बरनाला के भाई जीता सिंह नगर में स्थित अपनी कोठी से लेकर बाहर सड़क तक मीत हेयर ने अतिक्रमण किया हुआ है। प्रशासन को उसके द्वारा किया नाजायज कब्जा क्यों दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने सरकार और एडीसी की कार्रवाई के खिलाफ एकत्रित हुए तमाम नगर वासियों और व्यापारियों का धन्यवाद किया।

·विकास कुमार गर्ग ने कहा कि जब भी जुल्म के खिलाफ किसी ने आवाज उठाई है तो उसकी शुरुआत भी बाबा आला सिंह की क्रांतिकारी भूमि बरनाला से हुई है। गर्ग ने बताया कि जिस व्यक्ति (मीत हेयर) बरनाला नगर वासियों से रूबरू कराने और लंबा समय तक उसकी खातिर दूसरे लोगों से लड़ते रहे उसी ने हमें मरवाने की कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा यदि कोई व्यक्ति पौधे लगाना जानता है तो उसे उखाड़ने की हिम्मत भी रखता है। वार्ड नंबर 31 से जोगिंदर पाल टिंकू की धर्मपत्नी रजनी रानी भाजपा प्रत्याशी को साजिश के तहत जो चुनाव लड़ने में जो अयोग्य करार दिया है, जल्द ही अदालत का परिणाम भी बता देगा कि रजनी योग्य है या नहीं।

उन्होंने चेतावनी दी कि रजनी के साथ हुई साजिश का पर्दाफाश भी किया जाएगा, कानून के जरिए पूछा जाएगा कि रजनी के कागज रद्द करने के लिए एडीसी-कम-रिटर्निंग ऑफिसर को आधी रात के समय पौने 12 बजे आफिस खोलने के लिए किसने उकसाया। विकास ने कहा कि 75 साल से देश में मतदान हो रहा है और होता रहेगा, लेकिन जो परंपरा आम आदमी पार्टी की सरकार ने शुरु की है उसे 21 की जगह 31 की भाजी लौटाई जाएगी।

· बरनाला नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष संजीव शोरी ने कहा कि इतिहास में पहली बार बदलाव देखा गया है कि कोई कैंडिडेट सरकारी व प्रसाशनिक धक्केशाही का शिकार हुआ हो और किसी दूसरी पार्टी के कैंडीडेट को इंसाफ दिलाने के लिए सभी दल एकजुट हुए हों। जिस पिरत की शुरुआत आम आदमी पार्टी ने बरनाला से शुरू की है उसके अंजाम काफी गंभीर हो सकते हैं। बरनाला में हुई विभिन्न वर्गों की एकजुटता से क्यास लगाया जा रहा है कि भविष्य में इस पार्टी के किसी सदस्य को शहर में घुसने तक नहीं देगा। यह किसी ने नहीं सोचा था कि आईएएस अधिकारी दबाव तले आकर गुंडागर्दी के सामने घुटने भी टेक सकता है। पूरे प्रदेश से खबरें आ रही हैं कि नगर निगम/नगर परिषद चुनाव जीतने के लिए प्रदेश सरकार घटिया हरकतों पर उतर आयी है।

विपक्षी दलों ने दिखाई एकजुटताः

· कांग्रेस पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने कहा कि धक्का किसी के भी साथ हो, लेकिन गर्व है कि बरनाला नगर निवासी अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए सदा एकजुट रहते हैं। जिस किसी ने वार्ड नंबर 31 की निगम चुनावी प्रत्याशी रजनी के पेपर रिजेक्ट करवाए हैं उसने लोकतंत्र की हत्या की है। सत्ताधारी नेताओं ने पहले वार्डबंदी गलत ढंग से करवाई, वोटर लिस्ट को पांच बार शिफ्ट की गई। हमारे जिला के प्रशासनिक अधिकारी रूलिंग पार्टी के हाथ की कठपुतली बनकर रह गए हैं। इन कठपुतली बने अधिकारियों को इंसाफ पसंद व्यापारी वर्ग, सामाजिक और राजनीतिक वर्ग की एकजुटता को फोकस करना होगा। जिनमें व्यापारी वर्ग ने दुकानें और अपना कारोबार बंद कर दिए, सामाजिक वर्ग ने जरूरी कार्यों को पीछे कर दिया और राजनीतिक वर्ग ने अपने अपने चुनावी प्रत्याशियों के खेमें में नहीं जाकर एक पीड़िता को इंसाफ दिलाने एक मंच पर एकत्रित हो गए हैं। सत्ताधारी पार्टी के पास गिणती के महीने बचे हैं। हमारे गुरुओं ने हमें बताया कि ज़ुल्म करना भी पाप है और ज़ुल्म सहना भी पाप है। आगे के चुनावों में मौजूदा सरकार को इसका प्रमाण मिल जाएगा।

 भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष यादविन्दर शंटी ने कहा कि शहर कूड़े और गंदगी से भरा है। खराब हालात से बीमारी फैलने का डर है। किसी को कोई परवाह नहीं है। साढ़े चार साल में आप वाले पंजाब का पैसा बर्बाद करने में लगे रहे। उन्होंने पंजाब के हालात 10-15 साल पुराने यूपी/बिहार जैसे बना दिए हैं। आज यूपी के हालात बहुत अच्छे हो गए हैं और आपदा वालों ने हमारे इस रंगीन पंजाब को नशेड़ी व हथियारों व क्राईम से जुड़ा बना दिया है। गैंगस्टरिज्म इतना बढ़ गया है, कि पंजाब तालिबान में कन्वर्ट हो गया है। कोई भी अपनी मां-बहन आभूषण पहनकर मार्केट नहीं जा सकती। युवाओं, व्यापारियों के भविष्य खतरे में है। व्यापारी को लूटकर व गोली मार कब कोई फरार हो जाए। इस सरकार ने प्रदेश को पूरी तरह से शर्मिंदा कर दिया है। अगर हम इस सरकार का सामना नहीं करेंगे तो भविष्य में हमारे लिए बहुत मुश्किल होगी। अधिकारी ने भाजपा की कैंडिडेट रजनी के पेपर कैसे रिजेक्ट कर दिए इसका भंडाफोड़ बहुत जल्द होगा।

समाजसेवी उपिंदर सरपंच ने चुनाव आयोग को संबोधित करते कहा कि यदि प्रदेश की सरकार ने अपने ही बंदे पार्षद और पंच सरपंच तैनात करने हैं तो चुनाव करवा कर सरकारी कोष को बर्बाद करने का कोई अर्थ ही नहीं है। ऐसे में उन्हें किसी अधिकारी पर दबाव डाल कर कोई गड़बड़ी भी करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरपंच ने चुनाव आयोग से अपील की है कि बरनाला को संवेदनशील बनने से रोकने और किसी अप्रिय घटनाक्रम से बचाने के लिए कड़ी सुरक्षा के प्रबंध करवाए जाएं। नगर वासियों से अपील की कि वे मतदान किसी भी पार्टी उम्मीदवार/निर्दलीय के पक्ष में करें लेकिन आपदा वालों का नामोनिशान मिटाने में सहयोग करें।

 शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता कुलवंत सिंह कांता ने कहा कि सांसद मीत हेयर वगैरह ने अपनी पार्टी के अंत करने की शुरुआत खुद ही की है। उन्होंने सरकार को चेताया कि चुनाव जीतने के लिए कुछ अच्छा करके दिखाना पड़ता है। लेकिन सत्ता के नशे ने इस आम आदमी पार्टी को हर गैर संवैधानिक व गैर कानूनी काम करने पर विवश कर दिया है। वोट की एक ऐसा हथियार और एक ऐसी ताकत होती है जिससे प्रतिद्ंदी मात्र एक वोट से औंधे मूंह गिरता है। उन्होंने सभी पार्टियों और संस्थाओं से आप सरकार के खिलाफ एकजुटता का सबूत देने की अपील की।

भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रीतम जिंदल ने कहा कि अत्त और अंत का बैर होता है। बरनाला नगर के लोगों ने हमेशा आतंक/जुल्म का अंत करना सीखा है। बरनाला के जिस अधिकारी ने जिस नेता के दबाव तले वार्ड 31 की कैंडिडेट के पेपर रद्द किए हैं उनकी वजह से चुनावी माहौल तनावपूर्ण हुआ। जिसके चलते किसी वार्ड के वोटरों को अपने उम्मीदवारों के मेनिफेस्टो को जानने का मौका भी मिल नहीं सका। जिस रजनी के पेपर रद्द किए गए उसके मान्य है (प्रवान) शब्द के आगे टेंपरिंग की गई। उन्होंने कहा कि बरनाला नगर में ऐसा अधिकारी पहला दाखिल हुआ है जो आधी रात को दफ्तर खोल फैसले बदल सकता है।

· पंजाब व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल कुमार बांसल उर्फ नाना बांसल ने कहा कि व्यापारी वर्ग ने बंद के आह्वान को पूर्ण समर्थन देते साबित कर दिया कि वह अन्याय के खिलाफ रहा है और रहेगा। व्यापारी वर्ग के मिले सहयोग के बल पर व्यापार मंडल प्रधान अनिल नाना ने कहा कि निगम चुनावों में सत्ताधारी वर्ग की हर हरकत और प्रसाशनिक गतिविधियों पर व्यापारी वर्ग की भी नजर रहेगी। नगर का माहौल किसी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा।