ब्रह्माकुमारीज में नारी शक्ति का तैंतीस या पचास नहीं, बल्कि शत प्रतिशत आरक्षण है : नरेश कौशल
माउंट आबू
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर, माउंट आबू में मीडिया प्रभाग द्वारा आयोजित महासम्मेलन में शुक्रवार को मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था 140 देशों में आत्मा की शुद्धि का रहस्य समझा रही है। जिसने इसे समझा वो तर गया। मनुष्य की असली ताकत का अहसास करवाती है, वह ताकत शरीर नहीं आत्मा है। वो आत्मा जो अजर है अमर है, जिसके बारे में गीता में भी कहा गया है। उस आत्मा से परिचित करवाना और परमात्मा से कैसे आत्मसात हो, यह समझाने का कार्य भी ब्रह्माकुमारीज कर रही है। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए मीडिया की जिम्मेदारी बड़ी हो जाती है। आप केवल खबर नहीं देते, बल्कि दृष्टि भी देते हैं। आज दुनिया में कोई भौगोलिक विस्तार में लगा है, कोई आर्थिक साम्राज्यवाद में लगा हुआ है। विश्व में युद्ध का वातावरण है। भारत को भी सामरिक दृष्टि से घेरने का भी षड्यंत्र चल रहा है। एक खबर उम्मीद भी जगा सकती है, एक खबर डरा भी सकती है। मीडिया चाहे तो देश की दशा बदल सकती है। भारत वर्ष दुनिया को बदलने की ताकत रखता है। माउंट आबू से शांति का, सत्य का संदेश मिलता है और मीडिया इसे घर-घर में पहुंचा सकती है।
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरे विश्व मे परमाणु बम की होड़ लगी हुई है। मानवता का पक्ष रखने वाला कोई नहीं है। आज समाचार पत्रों में प्रथम पृष्ठ की हेडलाइंस केवल हिंसा और युद्ध की होती है। परमात्मा शिव ब्रह्मा मुख से ज्ञान का संचार कर रहे हैं। बाबा ने मुरली के माध्यम से जो संवाद, सम्प्रेषण किया, वह लोगों में दिव्य गुण भर रहे हैं। यदि आज हमारे पत्रकार दिव्य गुण अपना लें तो आदर्श आचार संहिता की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। शुभ भावना में सारी नैतिकता, सारे ज्ञान का सार समाया हुआ है।
चंडीगढ़ से आए दैनिक ट्रिब्यून के संपादक नरेश कौशल ने कहा कि विश्व आज सर्वाधिक अशांति के दौर से गुजर रहा है। ऐसे हालत में मीडिया की सकारात्मक भूमिका समय की जरूरत है। जब हम शांति की बात करते हैं तो सबसे पहले परिवार की शांति की बात आती है। ब्रह्माकुमारीज आध्यात्मिक चिंतन के माध्यम से विश्व की बेहतरी के लिए काम कर रहा है। आपकी इस संस्था में नारी शक्ति का पैतीस या पचास नहीं, बल्कि शत प्रतिशत आरक्षण है। ट्रिब्यून में भी बडे बडे पदों पर महिलाएं विराजित हैं।
भुवनेश्वर से पधारी तान्या पटनायक, संपादक द संबाद एंड कनक टीवी, ने कहा कि मैं भगवान जगन्नाथ की शिक्षाएं हमे कई समस्याओं का समाधान सुझाती है। मीडिया को भगवान जगन्नाथ से बहुत कुछ सीखना चाहिए। एकांकी परिवारो के युग मे मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ गयी है।
बुलढाणा से आए दैनिक देशोन्नति के सम्पादक डॉ राजेश राजौरे की पुस्तक का विमोचन भी किया गया। मधुरवाणी ग्रुप ने स्वागत गीत से समाँ बांध दिया। डायमंड डांस ग्रुप की कुमारी नीता ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर देश भर से आए अतिथियों को भाव विभोर कर दिया। मीडिया विंग की छत्तीसगढ़ राज्य समन्वयक बीके मंजू दीदी ने उद्घाटन सत्र का सफल संचालन किया।
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