मनमोहन सिंह ‘दानिश’
सरकार लोग कहते हैं कि हमारे देश में रिसर्च यानी अनुसंधान पर काम नहीं होता। सारा अनुसंधान विदेशों में होता है। पर अब ऐसा कतई नहीं है। हमारे यहां, नाले की गैस से चूल्हा जलने की खोज हुई, हमारे यहां यह पता चला कि जब धुंध होती है तो रडार काम नहीं करता। इतना ही नहीं हमने इतिहास को भी नए तरीके से समझा।
एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक मुग़ल तो बादशाह अकबर के समय ही भाग गए थे। उस अखबार ने उत्तर प्रदेश के एक शिक्षाविद मंत्री के हवाले से लिखा है कि जैसे ही रावण ने बादशाह अकबर को धमकाया, अकबर गद्दी छोड़ कर भाग गया। जब अकबर भाग गया तो जाहिर है तो सलीम, शाहजहाँ, औरंगजेब, और बहादुरशाह ज़फ़र तो हुए ही नहीं। ये सभी किरदार वामपंथी इतिहासकारों की कोरी कल्पना है। पर उन मंत्री महोदय ने यह खुलासा नहीं किया कि अकबर के बाद सत्ता किसके हाथ आई? हो सकता है कि अभी मंत्री जी इस पर अपना शोध पूरा न कर सके हों। लेकिन इसमें थोड़ा सा लोच है। वैसे तो मंत्री हैं, वे भी उत्तर प्रदेश के। इसलिए वे कुछ भी कर सकते हैं, उन्हें बस ज़रा अकबर को रावण के युग में ले जाना होगा।
पुराने लेखकों और इतिहासकारों ने इन दोनों हस्तियों के युग बदल दिए हैं। बस ज़रा उन युगों के सेटल करलें तो बात बन जाएगी।
एक और खबर जिसने हमारा ध्यान खींचा और हमारे ज्ञान में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की वह है किरण बेदी का बयान। मैडम बेदी, वही जो अन्ना आंदोलन के समय बड़े ज़ोरशोर से लोकपाल, लोकपाल चिल्लाती थी। पर बेचारी पर कुठाराघात हो गया इतनी ईमानदार नेता को दिल्ली की जनता ने चुनाव में हरा दिया, बहुत बुरा किया। मजबूरी में उन्हें राज्यपाल बनना पड़ा। जी हाँ ये वही किरण बेदी हैं जिन्हों ने दिल्ली के एक मेडिकल कॉलेज में अपनी बेटी का दाखिला अंडमान निकोबार में बनाए गए रिजर्व कोटे के प्रमाणपत्र से करवाया था। उस समय किरण बेदी की पोस्टिंग वहां थी। चलो कोई बात नहीं हो गया एडमिशन बेटी डॉक्टर बन गई।
पर अब अचानक कई सालों बाद मैडम को याद आया कि आरक्षण ने देश बर्बाद कर दिया। कई दशकों की चुप्पी के बाद उनके मुख से निकला — दलित नेता लोकतन्त्र से नहीं आरक्षण से आते हैं। उन्हें अचानक अहलाम हुआ कि हमारा देश लोकतांत्रिक नहीं बल्कि आरक्षण तांत्रिक देश है और देश में लोकतंत्र बिल्कुल खत्म हो चुका है। मैडम न बताती तो हम तो इसे लोकशाही व्यवस्था ही मान कर चल रहे थे। उनके अनुसार देश के पिछड़ने का कारण आरक्षण ही है। लेकिन मैडम को इस का ज्ञान नहीं है कि उत्तर प्रदेश में एक जांच के दौरान पाया गया कि ब्राह्मण जाति के 4341 लोग एस टी, का प्रमाणपत्र ले कर नौकरियां कर रहे हैं।
खैर, मैडम बेदी और उत्तर प्रदेश के मंत्री जी ने जो हमारी ज्ञान बढ़ोतरी की है, उसके लिए उनका आभार।
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