ENGLISH HINDI Tuesday, October 24, 2017
Follow us on
ताज़ा ख़बरें
पंजाब में अशांति के अंगारे न फेंके कैनेडियन नेता जगमीत : कमल शर्माबाल विवाह रोकने हैं तो काजी और पुरोहित को पाबन्द किया जाये!जर्जर हुई कानून व्यवस्था पर कैप्टन सरकार भी सुखबीर वाला डायलॉग रटने लगी: अरोड़ाराजस्थान सरकार लाएगी ऐसा कानून जिसमे सरकारें आमजन को पीटेंगी पर रोना गैर कानूनी होगाहरियाणा सरकार ने 9 पुलिस निरीक्षकों को पुलिस उप-अधीक्षक के पद पर पदोन्नत कियाडेराबस्सी में नाबालिग से बलात्कार पर दो गिरफ्तार उपभोक्ता आयोग की दोहरी मानसिकता उपभोक्ताओं के लिए घातक, फैसले पर सुप्रीम ने लगाया रोकसरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से जीता कांग्रेस ने गुरदासपुर उपचुनाव: भाजपा
पंजाब

मिठाई के साथ डिब्बे तोल रहे हैं हल्वाई व ड्राई-फ्रूट विक्रेता

October 11, 2017 06:17 PM

लीगल मैट्रोलोजी एक्ट के तहत दोषी दुकानदारों को होगा 10 हजार रुपए जुर्माना

हल्वाई हो, ड्राई-फ्रूट विक्रेता हों चाहे अन्य कोई भी ऐसा दुकानदार जो 5/10 रुपए की कीमत वाले डिब्बे को भी महंगी वस्तुओं की कीमत के भाव में  ही बेच रहे हैं उनके खिलाफ लीगल मैट्रोलोजी विभाग के एक्ट के मुताबिक सीधे तौर पर न्यूनतम दस हजार रुपए जुर्माना भरने की सजा है। 

बरनाला, अखिलेश बंसल/विपन गुप्ता।
DC Ghanshayam Thori
 
हल्वाई हो, ड्राई-फ्रूट विक्रेता हों चाहे अन्य कोई भी ऐसा दुकानदार जो 
5/10 रुपए की कीमत वाले डिब्बे को भी महंगी वस्तुओं की कीमत के भाव में  ही बेच रहे हैं उनके खिलाफ लीगल मैट्रोलोजी विभाग के एक्ट के मुताबिक सीधे तौर पर न्यूनतम दस हजार रुपए जुर्माना भरने की सजा है। गौर हो कि यह कानून ना केवल पंजाब राज्य में लागू है बल्कि केन्द्र सरकार का विभाग होने के चलते पूरे देश में इस एक्ट के तहत अब तक हजारों हल्वाई व ड्राई-फ्रूट विक्रेता शिकंजे में आ चुके हैं। पंजाब के  जिला बरनाला में भी ऐसी ठग्गी का कारोबार वर्षों से चल रहा है, सभी कुछ जानते हुए भी सम्बंधित अधिकारी खामोश हैं।
ऐसे पड़ता है जेबों पर डाका:
हमारी टीम द्वारा शहर की दुकानों पर किए गए सर्वे एवं विभिन्न दुकानों से की गई खरीदो-फरोखत के मुताबिक ग्राहकों की जेब पर पड़ रहे डाके  के काफी चिन्ताजनक आंकड़े देखने को मिले हैं। लेकिन कुछ कारणों के चलते किसी भी दुकान का नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा। हमारे समाचार पत्र का किसी दुकान या फर्म को बदनाम करने की नीयत नहीं है, बल्कि हमारा उद्देश्य हर सिस्टम में पारदर्शिता लाना व लोगों को बचाना है। गौर हो कि मिष्ठान भंडार/करियाना/बैकरी की दुकानों के दुकानदारों द्वारा दी जाती मिठाई के साथ 150 से 200 ग्राम से अधिक वज़नी डिब्बौं की तौलाई की जा रही है। यानि उपभोक्ताओं से पूरी कीमत लेने के बाद 200 ग्राम कम वजन की मिठाई व ड्राई फ्रूट दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर 600 रुपए की दर से खरीदी गई एक किलो वजनी मिठाई में से ग्राहक को 90/120 रुपए की मिठाई कम मिलती है और  उसके बदले ग्राहक को मिलता है मात्र 5/10 रुपए की कीमत वाला डिब्बा। यहां  यह भी बताते चलें कि बॉक्स मेकर से सस्ते डिब्बे लेने के एवज में दुकानदार घटिया क्वालिटी के डिब्बे खरीद इस्तेमाल करते आ रहे हैं और दुकानदारों द्वारा कई-कई दिनों तक पुरानी मिठाई बेचते रहने के चलते मिठाई पैक होने के बाद 24 घंटे बीतने से पहले पहल मिठाई में गत्ते के डिब्बे की बदबू आने लगती है। जो भयानक बीमारियों को जन्म देती है। 
Karan Avtar Singh
 
नहीं देते रिटेल ग्राहकों को बिल:

मिठाई या ड्राई-फ्रूट खरीददारों में केवल उन्हीं लोगों को उक्त कारोबारियों द्वारा बिल दिए जाते हैं जो लोग या तो बल्क में सामान लेते हैं या फिर किसी सरकारी या गैरसरकारी विभाग से बिल पास करवाना होता है। उस वक्त भी अनेकों दुकानदार फर्जी बिल बनाकर लोगों के हाथ में थमा देते हैं। जिसकी उदाहरणें देखने के लिए किसी भी विभाग से आर.टी.आई. एक्ट-2005 के तहत जानकारी हासिल करने के लिए पूछा जा सकता है कि पिछले समय के दौरान   आपके क्षेत्र में आ चुके किसी भी मंत्री या सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के खाने व पीने के खर्च के ब्यौरे दिए जाएँ। उस वक्त संबंधित विभाग द्वारा पेश की जाने वाली जानकारी में 50 फीसदी से ज्यादा बिल कच्चे या फर्जी  लेटरपैडों वाले होंगे।
मुफ्त में करते है अपनी एडवट्राईज़मेंट:
जिन डिब्बों में पैंकिंग करते हैं, उन पर ज्यादातर मिठाई विक्रेताओं द्वारा अपनी दुकानों/फर्मों के नाम छपवाए होते हैं। जिनके द्वारा उनकी मुफ्त में एडवर्टाईज़मेंट होती है। जिसको लेकर एक्ट के अनुसार वे दुकानदार खाली डिब्बे की कीमत भी वसूली नहीं कर सकते। 
जागरूकता की कमी:
हालांकि लोगों को पता होता है कि हल्वाई, ड्राई-फ्रूट विक्रेता उनकी जेब काट रहा है जो पांच रुपए की कीमत वाला डिब्बा 400 रुपए किलो वाली मिठाई के भाव ही कीमत वसूल रहा है। लेकिन वह खामोश इस लिए हो जाता है कि उसे माप-तोल विभाग के एक्ट की जानकारी नहीं होती। संबंधित शिकायत कहां जमा  करवानी होती है के बारे में किसी को कुछ जानकारी नहीं। दूसरा कारण यह बताया जा रहा है कि लोग समाज के अनुसार चलना पसंद करते हैं, जब दुकान पर 10 लोग बिना कुछ बोले मिठाई की कीमत में डिब्बे की कीमत अदा करते जाते  हैं तो वहां वह व्यक्ति भी खामोश रहते हैं और कभी दुकानदार से नहीं कहते कि मिठाई अलग और डिब्बा अलग से दे दो। 
एक्सपर्ट व्यू:
एडवोकेट करन अवतार कपिल लीगल एडवाईजर का कहना है कि उपभोक्ता के साथ ठगी लगाना, मिठाई की कीमत में डिब्बों की तौलाई करना, डिब्बों पर अपनी फर्मों के नाम अंकित करवा उसकी कीमत ग्राहक से वसूलना,  टैक्स की चोरी करने के लिए ग्राहकों को बेचे गए सामान के बिल नहीं देना गलत है। संबंधित विभागों के एक्ट में सजा व जुर्माना का प्रावधान है।
........तो मिलेंगे 24 कैरेट नुमा वज़न:नीरज धवन
बरनाला व मानसा दोनों जिलों के (माप-तोल विभाग) अधिकारी नीरज धवन का कहना है कि पिछले वर्ष उन्होंने बरनाला में ही कई हल्वाईयों को रंगे हाथ पकड़ा था, लेकिन यदि लोग राष्ट्रीयता के नाम पर उनके विभाग का साथ दें तो लोगों को 24 कैरेट नुमा वज़न मिलने लगेगा और आम जनता की जेब पर डाका मारने वाले दुकानदार शिकंजे में आ जाएंगे। उनका कहना है कि वे लगातार दुकानों व अन्य संस्थानों पर लगे माप-तोल यंत्रों की चैकिंग करते रहते हैं। दर्जनों दुकानदारों से अब तक हजारों रुपयों के जुर्माने वगैरह भी भरवाए जा चुके हैं। उनसे पहले पिछले वर्षों में क्या होता रहा है के बारे में उन्हें जानकारी नहीं, लेकिन बहुत जल्दि डिप्टी कमिशनर साहिब से समय लेकर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया जाएगा।
यह कहते हैं अधिकारी:
डिप्टी कमिशनर श्री घणश्याम थोरी का कहना है कि एक्ट किसी भी विभाग से संबंधित हो किसी को उसकी उलंघना करने नहीं दी जाएगी। जो लोग नियमों व कानूनों की उलंघना करते पकड़े गए उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और पंजाब ख़बरें
पंजाब में अशांति के अंगारे न फेंके कैनेडियन नेता जगमीत : कमल शर्मा जर्जर हुई कानून व्यवस्था पर कैप्टन सरकार भी सुखबीर वाला डायलॉग रटने लगी: अरोड़ा डेराबस्सी में नाबालिग से बलात्कार पर दो गिरफ्तार सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से जीता कांग्रेस ने गुरदासपुर उपचुनाव: भाजपा डेंगू की रोकथाम के लिए नये दिशा निर्देश जारी आतंकवादियों के हाथों मारे गए सरकारी कर्मचारियों की विधवाओं के लिए विशेष पारिवारिक पैंशन बहाल पंचायत समिति का सुपरडेंट रिश्वत लेता काबू ‘क्रीमीलेयर’ आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपए करने को स्वीकृति आर्गेनिक स्टोर में आग, हजारों का नुकसान स्ट्रीट लाइट की तारों की लपेट में आने से ट्रक ने खम्बां तोड़ा