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राष्ट्रीय

जीरकपुर: रेत माइनिंग माफिया का खेल अब भी जारी

October 16, 2018 09:33 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

जीरकपुर क्षेत्र में घग्घर बांध के नजदीक रामपुरा गांव के पास अलाट खान से अभी भी माइनिंग माफियाओं का अवैध खेल जारी है। वह अवैध ढंग से रात के समय रेत निकलवा रहे हैं। इससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है और इस काले कारोबार के जरिए खनन माफिया कमाकर लाल हो रहे हैं। घघर नदी के सटे गांव रामपुरा, बाकरपुर, बोहड़ा, बोहड़ी, ब्राहपुर, जनेतपुरा, ककराली व सनोली क्षेत्र में बिना रोक टोक के मनमानी तरीके से अवैध रूप से भारी मात्रा में अवैध माइनिंग कर ग्रैवर व रेत निकाला जा रहा है। शाम होते ही रात में हैवी मशीनों का प्रयोग कर सुनियोजित ढंग से कार्य किया जाता है। रेत इक्क्ठा कर आर्डर पर ओवरलोड टिप्पर व ट्रैक्टर ट्राली में लोड कर पहुंचा दिया जाता है। सरकार जहां अवैध माइनिंग पर रोक लगा रही है, वहीं विभागीय अनदेखी के चलते माफियाओं पर अंकुश नहीं लग रहा है। अगर शासन-प्रशासन द्वारा बारीकी से जांच की जाए तो मामला खुद-ब-खुद प्रकाश में आ जायेगा।

ओवरलोड टिप्पर बनूड़ कनाल की तोड़ी पुलिया, कनाल में मिट्टी दाल बनाया वैकल्पिक रास्ता

रेत और ग्रैवर खदानों से ओवरलोड वाहनों का निकलना बंद नहीं हो रहा है। क्षमता से अधिक रेत और ग्रैवर भरकर निकलने वाहनों से पांच साल तक की गारंटी वाली सड़कें महीनों में ही जवाब दे रही हैं। चाहे मंडीकरन बोर्ड की सड़क हो चाहे पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाई गईं सड़कों हो या फिर प्रधानमंत्री ग्राम सड़कें व नदी नालों पर पुल। कुछ ही महीनों में ही सड़कें कच्चे रास्ते का रूप ले लेती हैं। खास बात यह है कि ग्रामीणों द्वारा समय समय पर ओवरलोड वाहनों पर रोकने के लिए ज्ञापन दिए गए। शिकायतें की गईं लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी से पता चला कि बीती रात छतबीड़ के नजदीक रामपुरा घाट को जाने वाले रास्ते में बनूड़ कनाल प्रोजेक्ट पर बनाई गई एक पुलिया ओवरलोड टिप्परों के बोझ से टूट गई। जिसको आज पूर्ण रूप से तोड़ने के लिए बाकायदा जे सी बी लगाकर तोड़ दिया गया और पास में ही बनूड़ कनाल में मिट्टी डाल कर एक टैम्परेरी रास्ते का निर्माण कर दिया गया ताकि रात में होने वाला रेत का खेल जारी रहे।

जबकि नहरी विभाग के अधिकारी राजिंदर सिंह ने बताया कि यह पुलिया विभाग द्वारा ही तोड़ी जा रही है क्योंकि इस पुलिया को दोबारा बनाया जाना है जबकि इस पुलिया के पास ही एक अन्य पुलिया पहले ही मौजूद है।

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