पंजाब

बलटाना के लोगों ने हरमिलाप नगर-रायपुर कलां रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनवाने में हो रही देरी को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन

August 18, 2019 08:06 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर                                                                                                            बलटाना के लोगों ने हरमिलाप नगर रायपुर कलां रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनवाने में हो रही देरी को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ विरोध स्वरूप प्रदर्शन किया।                                                                                   

 
 
साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर यदि 18 सितंबर 2019 तक चंडीगढ़ प्रशासन ने इस पर जल्द काम शुरू करने के लिए कोई ठोस कदम ना उठाए तो स्थानीय लोग 18 सितंबर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेवारी चंडीगढ़ प्रशासन की होगी। इस सबंध में चंडीगढ़ प्रशासन को ज्ञापन भी दिया गया।  जॉइंट एक्शन कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह राणा ने कहा कि 2016 में जब हमने इस रेलवे फाटक की जगह अंडरपास बनवाने की अपनी मांग उठाई तो हमें हमारे चुने हुए प्रतिनिधि द्वारा यह कहकर भ्रम में डाला गया कि इस स्थान पर एकेएम भट्टे वाले ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है, लेकिन जब जॉइंट एक्शन कमेटी ने इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त की तो पाया कि उपरोक्त स्थान पर किसी भी तरह के स्टे ऑर्डर नहीं था।

प्रताप सिंह राणा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन पहले ही नहीं चाहता की पंजाब की जनता की परेशानियों को दूर करने के लिए वह अपना पैसा खर्च करें अब उनको और बहाना मिल गया है कि इसकी अब एलाइनमेंट चेंज हो गई है और नई प्रपोजल रेलवे भेजेगा तो उस पर काम शुरू किया जाएगा। रेलवे ने स्पष्ट तौर पर यह कह दिया है कि हमने 2012 में भी आपको प्रपोजल भेजी थी और 2015 में भी आपको जहां अंडरपास बनाने की प्रपोजल भेजी हुई है, अब आप अंडरपास बनाएं या ना बनाएं यह रेलवे फाटक जनवरी 2022 में बंद कर दिया जाएगा।  अब मुद्दे की बात यह है कि यदि यह फाटक बंद हो जाता है हमारा पूरा बलटाना क्षेत्र चंडीगढ़ से पूर्ण रूप से कट जाएगा।


28 अक्टूबर 2018 को चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने यह कहकर अनशन खत्म करवाया था कि 3 महीने में टेक्निकल पेपर वर्क पूरा करने के बाद उपरोक्त अंडरपास का टेंडर कर दिया जाएगा, लेकिन वह नहीं हो पाया उसके बाद लोकसभा चुनाव के कारण आदर्श चुनाव आचार संहिता लग गई। उनके बाद एक बार फिर जॉइंट एक्शन कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन पर इस परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए दबाव बनाया तो चंडीगढ़ प्रशासन के वित्त आयुक्त ने तुरंत आदेश देकर 15 जून को कमेटी सदस्यों की चंडीगढ़ सचिवालय में एक ज्वाइंट मीटिंग करवाई तथा उसमें यह निर्णय लिया गया कि 18 जून 2019 को उपरोक्त अंडर पास वाली साइट पर चंडीगढ़ प्रशासन, रेलवे प्रशासन तथा पंजाब सरकार के अधिकारियों की एक संयुक्त मीटिंग रखवाई गई।                                                                                                          इस मीटिंग से पहले अंडरपास पास के नजदीक वाली कॉलोनियों में यह भ्रांति फैलाई गई की आप की गलियों के रास्ते बंद हो जाएंगे जबकि ऐसा कुछ नहीं था, फलस्वरूप 18 जून को जब संयुक्त अधिकारियों की टीम ने वहां पर अपना काम शुरू किया तो कुछ स्थानीय लोगों ने उसमें एतराज दर्ज करवाया तथा जीरकपुर नगर परिषद के अधिकारियों की गलतियों कारण साइट प्लान को चेंज किया गया
प्रताप सिंह राणा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन पहले ही नहीं चाहता की पंजाब की जनता की परेशानियों को दूर करने के लिए वह अपना पैसा खर्च करें अब उनको और बहाना मिल गया है कि इसकी अब एलाइनमेंट चेंज हो गई है और नई प्रपोजल रेलवे भेजेगा तो उस पर काम शुरू किया जाएगा। रेलवे ने स्पष्ट तौर पर यह कह दिया है कि हमने 2012 में भी आपको प्रपोजल भेजी थी और 2015 में भी आपको जहां अंडरपास बनाने की प्रपोजल भेजी हुई है, अब आप अंडरपास बनाएं या ना बनाएं यह रेलवे फाटक जनवरी 2022 में बंद कर दिया जाएगा।  अब मुद्दे की बात यह है कि यदि यह फाटक बंद हो जाता है हमारा पूरा बलटाना क्षेत्र चंडीगढ़ से पूर्ण रूप से कट जाएगा।

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