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हरियाणा

मनोहर के निशाने पर अब रॉबर्ट वाड्रा, कहा भ्रष्टाचार को बेनकाब कर के रहेंगे

September 10, 2019 09:05 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि पिछली सरकारों के समय जिन लोगों ने जनता के पैसे का दुरुपयोग भ्रष्टाचार के रूप में किया है उन्हें वे बेनकाब कर के रहेंगे, चाहे वह कोई भी हो, जिनके माध्यम से रॉबर्ट वाड्रा को जमीन खरीद या सीएलयू के मामलों में फायदा पहुंचाने का कार्य किया गया है। इन मामलों की जांच या तो केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो या चौकसी ब्यूरो या प्रवत्र्तन निदेशालय जैसी जांच एजेंसियों को राज्य सरकार ने सौंपी है। कुछ मामले न्यायालय के विचाराधीन भी हैं। जांच रिपोर्ट व सबूतों के आधार पर जो दोषी होगा उसे सजा होगी जो निर्दोष होगा तो छूट जाएगा। मुख्यमंत्री अपनी सरकार का पांच वर्ष का कार्यकाल लगभग पूरे होने उपरांत सरकार की उपलब्धियों पर एक मीडिया साक्षात्कार के माध्यम से खुले मंच से चण्डीगढ़ में लोगों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति पिछले पांच वर्षों में उन्होंने अपनाई है और काफी हद तक इसमें सफल भी रहे हैं।

हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यालय चण्डीगढ़ से बाहर स्थापित किए जा रहे हैं क्या इससे चण्डीगढ़ पर हरियाणा का दावा कमजोर हो रहा है, के बारे पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चण्डीगढ़ पर हरियाणा का उतना ही हक है जितना पहले था। चण्डीगढ़ अलग से केन्द्रशासित प्रदेश होने के साथ-साथ 60:40 के अनुपात में हरियाणा व पंजाब दोनों राज्यों की संयुक्त रूप से राजधानी भी है। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी दोनों राज्यों का यही अनुपात है। परन्तु चण्डीगढ़ के मामलों की सुनवाई भी यहां होने के कारण यहां पर काम का काफी दबाव है। जजों की संख्या भी कम है। उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की एक खंड पीठ स्थापित की जानी चाहिए क्योंकि लगभग तीन लाख मामले हरियाणा के तथा इतने ही पंजाब के साथ-साथ चण्डीगढ़ के मामलों की सुनवाई भी यहीं होती है।

ऑनलाइन अध्यापक स्थानांतरण नीति व पारदर्शी तरीके से मैरिट के आधार पर भर्ती इसके दो बडे उदाहरण हैं जिनकी चर्चा हरियाणा के लोग ही नहीं कर रहे बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी हो रही है। यहां तक की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 8 सितम्बर को अपने रोहतक दौरे के दौरान भी अपने सम्बोधन में कही थी।
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा मामले में सरकार ने जस्टिस ढीगड़ा आयोग का गठन किया था और आयोग ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी। परन्तु कहीं न कहीं पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डïा को रिपोर्ट से इस बात का अंदेशा हो गया था कि रिपोर्ट में उनके माध्यम से ही रॉबर्ट वाड्रा को फायदा पहुंचाने का कार्य किया गया। इसलिए उन्होंने ही कांग्रेस के बडे नेता एवं सर्वोच्च न्यायालय के जाने-माने वकील कपिल सिब्बल को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में खड़ा कर दिया, जिन्होंने ढीगड़ा आयोग के गठन पर ही सवालिया निशान लगा कर न्यायालय ने अपना तर्क दिया। अब मामला न्यायालय में है, परन्तु आयोग की रिर्पोट के बारे में न तो कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया और न ही न्यायालय ने कुछ कहा है। सरकार का काम न्यायालय के आदेश पर जांच एजेंसियों के माध्यम से तथ्य उपलब्ध करवाना है जो सरकार ने किया है। यह इस मामले में सरकार की मंशा किसी प्रकार की राजनीतिक द्वेषता से कार्य करने की कभी नहीं रही।जब पूर्व मुख्यमंत्री स्वयं विधानसभा सदन में किसी भी एजेंसी से जांच करवाने को तैयार थे तो अब वे किस मुंह से इसे बदले की भावना से कार्य करने की बात कह रहे हैं। उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में अलग-अलग एजेंसियां अपने तरीके से जांच कर रही हैं।

  क्या यह कांग्रेस को खत्म करने का रास्ता है पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कोई एजेंडा नहीं है। पिछले पांच साल में जितने भी चुनाव राज्य में हुए हैं चाहे वह गुरुग्राम या फरीदाबाद नगरनिगमों के चुनाव हों या उसके बाद पंचायती राज संस्थानों के चुनाव हों या पांच नगर निगमों के मेयर के सीधे चुनाव हों या जींद विधानसभा का उपचुनाव हो और उसके बाद लोकसभा के चुनाव हों। लोगों ने भाजपा को जिस प्रकार 2014 के विधानसभा के चुनावों में पूर्ण बहुमत दिया था उससे भी बढकऱ पार्टी को अपना समर्थन दिया है। जींद उपचुनाव में तो पूरा विपक्ष भाजपा के विजयी रथ को रोकने के लिए एकजुट हो गया था। एक पार्टी ने तो अपने राष्टï्र स्तर के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को मैदान में उतार दिया और वह मुश्किल से 1000 वोटों से अपनी जमानत बचा पाया। लोकसभा चुनाव में भी पार्टी का एक तरफ समर्थन मिला। कांग्रेस ज्यादातर सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। जज्पा कहीं दूसरे व कहीं तीसरे स्थान पर रही। विधान सभा चुनाव में भी मुख्यत: सात-आठ पार्टियां चुनाव में उतरेंगी। परन्तु जिस आशा व अपेक्षा के साथ उनकी जन आशीर्वाद यात्रा को लोगों ने समर्थन दिया तो वे निश्चित रूप से कह सकते हैं कि विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को एक तरफा जीत मिलेगी।
देश में अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है। इस बारे पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र-एक कर जीएसटी लागू होने के बाद कुछ राज्यों में अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ा है क्योंकि विनिर्माता राज्यों को जीएसटी का लाभ नहीं मिलता जो पहले वैट के रूप में मिलता था। हरियाणा का ऑटो क्षेत्र भी इससे प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद दर सीधे मंहगाई दर से जुड़ी होती है। पिछले कुछ वर्षों से मंहमाई दर नियंत्रित हुई है इसलिए हम इसको अर्थव्यवस्था की मंदी से नहीं देख सकते। अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी मंहगाई दर दो प्रतिशत तक होती है और जीडीपी कभी चार-पांच प्रतिशत से ऊपर नहीं होता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम सरकारी कर्मचारियों की मंहगाई भत्ते की दरें देखें तो छठा वेतन आयोग आने के बाद वर्ष 2006 से जुलाई 2009 तक साढ़े तीन वर्षों में 22 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिया गया जबकि सातवां वेतन आयोग देने के बाद वर्ष 2016 से जुलाई 2019 तक साढ़े तीन वर्षों में 12 प्रतिशत ही मंहगाई भत्ता कर्मचारियों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में नैट वृद्धि पांच प्रतिशत है जबकि सामान्य वृद्धि दर 7.99 प्रतिशत तक है। हरियाणा की अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक है। गोवा व दिल्ली जैसे छोटे राज्यों को छोडक़र प्रतिव्यक्ति आय में हरियाणा बड़े राज्यों में अग्रणी है।
हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यालय चण्डीगढ़ से बाहर स्थापित किए जा रहे हैं क्या इससे चण्डीगढ़ पर हरियाणा का दावा कमजोर हो रहा है, के बारे पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चण्डीगढ़ पर हरियाणा का उतना ही हक है जितना पहले था। चण्डीगढ़ अलग से केन्द्रशासित प्रदेश होने के साथ-साथ 60:40 के अनुपात में हरियाणा व पंजाब दोनों राज्यों की संयुक्त रूप से राजधानी भी है। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी दोनों राज्यों का यही अनुपात है। परन्तु चण्डीगढ़ के मामलों की सुनवाई भी यहां होने के कारण यहां पर काम का काफी दबाव है। जजों की संख्या भी कम है। उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की एक खंड पीठ स्थापित की जानी चाहिए क्योंकि लगभग तीन लाख मामले हरियाणा के तथा इतने ही पंजाब के साथ-साथ चण्डीगढ़ के मामलों की सुनवाई भी यहीं होती है।
हरियाणा प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के गठन के किए जाने से वकीलों की नाराजगी के बारे पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ट्रिब्यूनल के गठन का विचार चार वर्ष पहले किया गया था और देश व विदेशों में पहले से ही अनेकों ट्रिब्यूनल गठित हैं। वकीलों की नाराजगी उनके कुछ निजी हितों के चलते हो सकती है। परन्तु मेरा मानना है कि ट्रिब्यूनल से सरकारी विभागों के मामले निपटाने में तेजी आएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर अपराध के मामले में हरियाणा की स्थिति ठीक रही है, के संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुधार के लिए हमने काफी कार्य किया है। महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 31 महिला पुलिस थाने खोले गए जो देश में केवल हरियाणा में ही हैं। इसीप्रकार, महिलाओं की पुलिस में आरक्षण छ: प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत किया गया है। पिछले पांच वर्षों में लगभग 18,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है। हाल ही में 4600 पुलिस कर्मियों की गई भर्ती में लगभग 2400 से अधिक उम्मीदवार ऐसे थे, जिनकी शैक्षणिक योग्यता निर्धारित 10+2 कक्षा से अधिक थी। इनमें से अधिकांश स्नातक, स्नातकोत्तर, इंजीनियरिंग व एमबीए तक की डिग्री वाले थे। निश्चित रूप से ऐसे कर्मियों की भर्ती से जनता के साथ पुलिस के व्यवहार में शालीनता आएगी। इसके अलावा, करनाल व रोहतक में पुलिस मैत्री कक्ष खोले गए हैं, जहां पर पुलिस अधिकारी सिविल ड्रेस में जनता की सुनवाई करते हैं। इसके अलावा, हरियाणा पुलिस शिकायत प्राधिकरण का गठन किया गया है, जहां पुलिस कर्मियों के विरूद्ध जनता द्वारा की गई शिकायतों की सुनवाई की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ें वर्ष 2012 के भी हैं, जिनमें रेप के अधिक मामलों दर्शाए गए हैं। इसी प्रकार, 2018 में भी रेप के मामले अधिक हैं। उन्होंने कहा कि हर मामले की एफआईआर दर्ज हो इसके निर्देश तत्कालीन डीजीपी यशपाल सिंघल को दिए थे और उसके बाद हर मामले का डीडीआर काटती है। इससे भी आंकड़ें बढ़ें हैं। उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक समस्या बनती जा रही है, इसके लिए शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में जागरूकता भी जरूरी है।
किसानों के हाल ही में सहकारी बैंकों के ऋणों के ब्याज व जुर्माने की राशि माफ करना क्या आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए लिया गया निर्णय है, के बारे पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा इस निर्णय को चुनाव से ही नहीं जोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि प्राथमिक सहकारी समितियों, हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास बैंक तथा जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के लगभग 10 लाख किसानों के खाते एनपीए घोषित किये जा चुके थे इससे किसान अपना ऋण नया नहीं करवा पा रहे थे, इसलिए किसान हित में यह निर्णय लिया गया। सरकार के इस निर्णय से ब्याज व जुर्माने की लगभग 4800 करोड़ रुपये की राशि माफ होगी और किसान अपना ऋण नया करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी किसानों को उनके फसलों के नुकसान की भरपाई का 4000 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी मुआवजा अलग से दिया गया है। धान व गेहूं के अलावा सरकार ने बाजरा,सरसों व सूरजमुखी के एक-एक दाने की खरीद न्यनतम समर्थन मूल्य पर की और इसके लिए भावांतर भरपाई योजना के तहत 701 करोड़ रुपये की राशि किसानों को एमएसपी के अंतराल के रूप में दी गई। इतना ही नहीं सरकार ने प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 12,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया है, जबकि स्वामीनाथन आयोग ने तो 10,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की बात कही थी।
वर्ष 2016 में जाट आरक्षण के दौरान हुई हिंसा व आगजनी पर सरकार के विफल रहने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जाट आरक्षण के समय हिंसा व आगजनी पर पुलिस व सेना की मदद से 48 घंटों में काबू पा लिया गया था, जबकि इस घटना के पीछे राजनीतिक हथकंडे अपनाने की बात भी सामने आई है, जो किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में भी आरक्षण पर मण्डल आयोग की सिफारिशें लागू करने के समय देश में हिंसा व आगजनी की घटनाएं हुई थी, जिस पर नियंत्रण पाने में एक महीने का समय लग गया था। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण के समय प्रदेश में कुल 2100 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से अधिकांश रोहतक, सोनीपत, जींद व झज्जर जिलों के थे और इनमें से 1400 मामले फाईल हो चुके हैं। कुछ मामलों की सुनवाई एसआईटी ने की है और कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के सम्बंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की नो डिटेंशन पॉलिसी के कारण छात्रों में परीक्षा का भय खत्म हो गया था, जिस कारण शिक्षा का स्तर गिर गया और अब हमने मासिक परीक्षा आरंभ की है। आठवीं का बोर्ड भी लागू किया है। इससे शिक्षा स्तर में सुधार हो रहा है, बोर्ड की 10+2 कक्षाओं का परिणाम जो पहले 32 प्रतिशत के आस-पास रहता था, अब वह बढकऱ 60 प्रतिशत हो गया है और ग्रेस मार्क जो पहले 15-15 दिए जाते थे वो हमने कम किये हैं। एयरटेल ने विद्या भारती जैसे स्कूलों की शुरूआत की है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय जैसी संस्थानों ने सहभागिता बढ़ाकर स्कूलों को गोद भी लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर प्रदेश में मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना लागू की है, जिसके तहत उन परिवारों को जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार तक है, को 6000 रुपये वार्षिक की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जिला परिषदों व पंचायतों को भी अधिकार देकर सशक्त किया है। अब ग्राम पंचायत 20 लाख रुपये तक विकास कार्य अपने स्तर पर करवा सकती हैं और जिला परिषदों का बजट भी एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पिछले पांच वर्षों में अंत्योदय की भावना से कार्य किया है ओर हर गरीब व्यक्ति तक सरकार योनजाओं का लाभ सहजता से पहुंचाने की पहल की है और लोग काफी हद तक हमारे कार्य से संतुष्ट हैं। 18 अगस्त से कालका से चली और 8 सितम्बर को रोहतक में सम्पंन हुई जन आर्शीवाद यात्रा को प्रदेश में जगह-जगह लोगों ने समर्थन दिया। यहां तक कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी इसमें बढ़-चढकऱ भाग लिया और मेवात में तो 10 हजार से अधिक की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उन्हें आर्शीवाद दिया जो भाजपा को साम्प्रदायिक पार्टी कहने वाले लोगों के मुंह पर ताला है।
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, पशुपालन एवं डेरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ० सुनील गुलाटी, आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो, पूर्व सांसद श्री सत्यपाल जैन के अलावा बड़ी संख्या में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय व अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र तथा साहित्य जगत के लोग व विधि ज्ञाता उपस्थित थे।

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