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पंजाब

बेखौफ माइनिंग माफिया : प्रतिबंध के बावजूद रामपुर घाट से रोजाना अवैध माइनिंग से करोड़ों के राजस्व नुकसान

September 11, 2019 10:44 PM

जीरकपुर, जीएस कलेर

घग्घर नदी में क्षेत्र में एकमात्र आवंटित रामपुरा खड्ड से तीन महीने की रोक के बावजूद रात के समय माइनिंग माफिया बडे़ स्तर पर अवैध खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगाने का काम कर रहा है। माफिया इतना बेखौफ है कि रात के समय सरेआम क्षेत्र से अवैध माइनिंग कर रहा है।

  
  
वहीं, माइनिंग विभाग की कार्रवाई रोक के बावजूद क्षेत्र में रोजाना हो रहे अवैध खनन के लिहाज से नाकाफी साबित हो रही है, जिसकी उच्च जांच जरूरी है। माइनिंग साइट से बाहर निकलती एक प्रतिबंधित श्रेणी की पोकलेन जो रात को अवैध माइनिंग कर बाहर निकल रही थी चेन टूटने की वजह से रास्ते मे ही फस गई थी का बुधवार को खबर का असर तो रहा क्योंकि क्षेत्र से माइनिंग माफिया ने अपनी मशीनरी हटा ली थी लेकिन वह पोकलेन मशीन जिसकी चेन टूट गई थी कि चेन ठीक करा खेतों के बीच ही खड़ी कर दी थी जबकि माइनिंग अधिकारियों ने किसी भी तरह की कोई कारवाई नहीं की।

माइनिंग धड़ल्ले से चल रही अवैध माइनिंग का ऐसा ही एक नजारा घग्घर नदी के साथ गांव रामपुरा के एक खेत में भी देखने को मिला जहाँ पर किसी किसान ने अपने खेत को खोद कर कुछ एक ट्राली रेत अवैध तौर पर निकल लिया है और आगे के काम के लिए जमीन तैयार की जा चुकी है।

इस क्षेत्र में माइनिंग के नियमों को ताक पर रखकर अवैध माइनिंग की जा रही है। जिसे लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी भी कोई सख्त कदम उठाने को तैयार नहीं है। वहीं इस अवैध खनन से अधिकारियों की मिलीभगत का अंदेशा भी लगाया जा सकता है। दोनों ही जगहों पर खनन माफिया बेखौफ होकर माइनिंग करता हुआ सरेआम दिखाई दे रहा है.

नियमों के मुताबिक 1 जुलाई से 30 सितंबर तक प्राकृतिक आपदा को देखते हुए माइनिंग कार्य पर प्रतिबंध होता है उससे पहले भी कुछ ही फुट तक ही खनन किया जा सकता है जबकि मौजूदा स्थिति में सैकड़ों फुट के आसपास खुदाई कर प्राकृतिक संसाधनों का हनन किया जा रहा है। वहीं माइनिंग विभाग जो कि अब ड्रेनेज विभाग को सौंप दिया गया है की कार्रवाई और मुकदमे दर्ज कराने के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। क्योंकि माफिया में न तो कार्रवाई का और न ही केस दर्ज होने का खौफ हैं।

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