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पंजाब

सरकार विदेशों में, यहां दरिन्दे इंसानियत का कर रहे है 'शिकार' : भगवंत मान

November 17, 2019 07:20 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज
आम आदमी पार्टी के प्रधान और संसद मैंबर भगवंत मान ने बताया कि लहरागागा के चंगालीवाला गांव में दलित नौजवान जगमेल सिंह पर किए गए अमानवीय अत्याचार और कत्ल के संगीन मामले को लेकर सोमवार को देश के गृह मंत्री अमित शाह को मिलेंगे और इस मामले को पार्लियामेंट में भी उठाएंगे।

इसी बीच पंजाब के जि़ला संगरूर के गाँव चंगालीवाल में कुछ व्यक्तियों द्वारा दलित नौजवान की मारपीट के बाद हुई मौत के मामले का गंभीर नोटिस लेते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री साधु सिंह धर्मसोत ने आज शाम पीजीआई चंडीगढ़ में पीडि़त परिवार के साथ मुलाकात की और पंजाब सरकार की तरफ़ से गहरी हमदर्दी जताई।

धर्मसोत ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने भी इस घटना पर गहरा दुख ज़ाहिर करते हुए उच्च अधिकारियों को दोषियों के खि़लाफ़ कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। धर्मसोत ने पीडि़त परिवार को पंजाब सरकार द्वारा हर संभव मदद देने का विश्वास दिलाते हुए कहा कि सरकार द्वारा एस.सी/एस.टी एक्ट के अंतर्गत पीडि़त परिवार को 8.15 लाख रुपए की राशी मुआवज़े के तौर पर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एक पारिवारिक मैंबर को 5 हज़ार रुपए प्रति माह पैंशन प्रदान की जायेगी।

दलित नौजवान की मौत का मामला

भगवंत मान ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के घेरे में पूर्व मुख्य मंत्री रजिन्दर कौर भट्ठल, उनके भतीजे और सलाहकार हैनरी और एसएचओ लहरागागा की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले से राजनैतिक बदबू आ रही है। मान ने बताया कि घटना 7 नवंबर को घटी जबकि एफआईआर 6 दिन बाद को तब दर्ज किया जब जगमेल की हालत अति गंभीर हो गई।* अमन अरोड़ा नेजग्गू को घर बुला कर वहशी दरिंदों ने उस की टांगों पर कोई तेजाबी पदार्थ फैंका तथा उस के शरीर को किसी नुकीले औजार के साथ नोचा। जग्गू के साथ दरिन्दगी यहां तक दिखाई गई कि जब उसे पिल्लर के साथ बांध कर पीटा जा रहा था तो उस द्वारा पीने के लिए पानी मांगने पर उसे पेशाब तक पिलाया गया। जख्मों को न सहारते हुए जग्गू की पीजीआई में जा कर मौत हो गई।

 
 

धर्मसोत ने कहा कि पीडि़त परिवार के एक मैंबर को सरकारी नौकरी देने के लिए जल्द ही उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस बेहद घिनौनी घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को सख्त सज़ाएं दी जाएंगी।

इसी बीच पुलिस एसपी गुरप्रीत सिंह के अनुसार सीआईए चार दिन के रिमाड पर चल राहे चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, पुलिस सोमवार को आरोपियों की पेशी के दौरान दोबारा पुलिस रिमांड मांगेगी. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार और रस्सी आदि बरामद कर लिए हैं.

उधर, भगवंत मान ने कहा कि जिस क्रूरता और वहिशीयाना तरीके से जगमेल को नोच-नोच कर मारा गया और मारपीट के दौरान उसे पेशाब पिलाया गया, उसकी जितनी निंदा हो, उतनी कम है। ऐसा गैर-मानवीय काम करने वाले जालिमों को सख्त सजा मिले, जिससे भविष्य में कोई ऐसा खौफनाक काम करने की सोच भी न सके।

भगवंत मान ने सुखबीर सिंह बादल को भी लपेटते कहा कि यदि बादल सरकार के समय अबोहर में दलित नौजवान भीम टांक की बादल परिवार के अति करीबी शराब कारोबारी शिव लाल डोडा और अन्य लोगों की ओर से की गई इस तरह के घिनौनी हत्या के लिए सख्त सजा दी होती तो चंगालीवाला के अपराधी भी ऐसा करने से डरते। मान ने कहा कि न तो बादल के समय कानून का राज था और न ही अब है।

भगवंत मान ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के घेरे में पूर्व मुख्य मंत्री रजिन्दर कौर भट्ठल, उनके भतीजे और सलाहकार हैनरी और एसएचओ लहरागागा की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। इस मामले से राजनैतिक बदबू आ रही है। मान ने बताया कि घटना 7 नवंबर को घटी जबकि एफआईआर 6 दिन बाद को तब दर्ज किया जब जगमेल की हालत अति गंभीर हो गई। किस राजनैतिक दबाव के अधीन इतने दिन मामला नहीं दर्ज किया गया, एसएचओ लहरागागा से इस की बारीकी के साथ पूछताछ करनी चाहीए।

भगवंत मान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को निशाना बनाते हुए कहा कि 'सरकार' यूरोपीय देशों में अपनी 'किचन कैबिनेट' के साथ मस्त हो कर 'शिकार' खेलने गई हुई है, यहां लावारिस राज्य में दरिन्दे इंसानियत का 'शिकार' खेलने पर उतर आए हैं।

भगवंत मान ने कहा कि 4 दिन पहले मुख्यमंत्री के विदेशी दौरे संबंधी मैंने (मान) जो अंदेशा प्रकट किया था, वही कड़वा सच सामने आ गया है कि जगमेल के परिवार समेत आम लोगों और जत्थेबंदियों की ओर से इंसाफ और जायज मांगों के लिए पूरा लहरागागा इलाका जाम कर दिया गया है, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री की गैर हाजिरी में सरकार के पास कोई अधिकारित नुमाइंदा ही नहीं है जो मुख्यमंत्री की मार्फत बात कर सके और पीडि़त परिवार को भरोसा दे सके, क्योंकि विदेशी दौरे पर जाने से पहले कैप्टन अपने सीनियर मोस्ट मंत्री को 'पदभार' ही नहीं दे कर गए।

भगवंत मान ने प्रतिपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा और अन्य सीनियर और स्थानीय नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वह मृतक जगमेल और उस के पीडि़त परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए लगे 'मोर्चे' में भाग लें। मान ने पीडि़त परिवार को एक सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की। भगवंत मान ने यह भी बताया कि हरपाल सिंह चीमा और सीनियर विधायक अमन अरोड़ा समेत स्थानीय लीडरशिप जगमेल को इंसाफ देने के लिए लगाए 'मोर्चे' में पहले ही डटे हुए हैं।

सुनाम के विधायक अमन अरोड़ा ने अलग से जारी बयान में कहा कि पंजाब के लोगों को साफ सुथरा माहौल देने के दावे कर रही मौजूदा कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार का घिनौना चेहरा चिंगालीवाल केस ने सामने ला कर रख दिया है। अमन अरोड़ा ने सुनाम-लहरा रोड़ पर दिए गए धरने में शामिल होने और मृतक के परिवार के साथ हमदर्दी जताने उपरांत पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए व्यक्त किये।

गांव चिंगालीवाल में दलित व्यक्ति जगमेल सिंह जग्गू पर कथित कांग्रेसी गुंडों द्वारा अमानवीय अत्याचार तो छह नवंबर को किया गया जिस की बाकायदा रिपोर्टें भी पुलिस के पास पहुंची परंतु हैरानी की बात है कि पुलिस ने इस केस में एफ.आई.आर. जा कर 17 नवंबर को दर्ज की जबकि पुलिस को एफ.आई.आर. उसी दिन दर्ज करनी चाहिए थी।

बताने योग्य है कि जग्गू को घर बुला कर वहशी दरिंदों ने उस की टांगों पर कोई तेजाबी पदार्थ फैंका तथा उस के शरीर को किसी नुकीले औजार के साथ नोचा। जग्गू के साथ दरिन्दगी यहां तक दिखाई गई कि जब उसे पिल्लर के साथ बांध कर पीटा जा रहा था तो उस द्वारा पीने के लिए पानी मांगने पर उसे पेशाब तक पिलाया गया। जख्मों को न सहारते हुए जग्गू की पीजीआई में जा कर मौत हो गई।अरोड़ा ने यह भी कहा कि इस से पहले पंजाब के लोग अकालियों की शरेआम गुंडागर्दी का संताप झेलते रहे हैं और अब कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल में वही गुंडागर्दी और हैवानगी का माहौल है। मुख्य मंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह को चाहिए कि वे इस जंगल राज से पंजाब के लोगों को निजात दिलाए।

उन्होंने मांग की कि दलित मृतक जगमेल सिंह जग्गू के साथ दरिंदगी से पेश आने वाले गुंडा अनसरों खिलाफ पंजाब पुलिस जल्द से जल्द चालान पेश करे और उनके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्टों में केस चला कर उन्अहें फांसी पर लटकाया जाये ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति ऐसी घिनौनी हरकत न कर सके।

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