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राष्ट्रीय

कोरोना लॉक डाउन: आमजन को मुसीबत, मुनाफाखोर देशप्रेम को ठेंगा दिखा कूट रहे चांदी

March 26, 2020 09:11 PM

ट्राईसिटी चंडीगढ़, संजय मिश्रा:
वैश्विक महामारी से निबटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित होते ही जहां एक ओर आमजनों को रोज़मर्रे के जरूरत वाले सामान खरीदनें में दिक्कतें आनी शुरू हो गई, वहीं दूसरी ओर मुनाफाखोरों ने जरूरी सामानों की कीमतों मे मनमर्जी का इजाफा कर दिया। चंडीगढ़ एवं पंजाब में कर्फ़्यू के चलते ट्राइसिटी में राशन और सब्जी के लिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मोहाली के उपायुक्त एवं चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर के हिसाब से घर—घर राशन एवं सब्जी के वितरण का ऐलान किया है लेकिन ये व्यवस्था सुचारु रूप से शुरू भी नहीं हो पाई है।

हरियाणा में भी 21 दिनों का लॉक डाउन घोषित किया गया है। ;यूं तो पूरे भारत देश में ही तालाबंदी की गई है लेकिन ट्राईसिटी में इन तीनों का क्षेत्र आता हैद्ध ऐसे समय में दुकानदार अपने राशन को ऊंची दर पर बेच रहे है और आमजन लेने को मजबूर है। कुछ दिन पहले ही जो 10 किलो के आटे का पैकेट 260 रुपए का आता था वो अभी 300 से 320 का मिलना शुरू हो गया है। अन्य राशन सामाग्री का भी बुरा हाल है। सब्जी के दर्शन भी दुर्लभ हो गए है किसी भी रेहड़ी वाले को सब्जी बेचना मना है और प्रशासन खुद भी घर—घर सब्जी की डिलिवरी देने में असमर्थ है।

हरियाणा में भी 21 दिनों का लॉक डाउन घोषित किया गया है। ;यूं तो पूरे भारत देश में ही तालाबंदी की गई है लेकिन ट्राईसिटी में इन तीनों का क्षेत्र आता हैद्ध ऐसे समय में दुकानदार अपने राशन को ऊंची दर पर बेच रहे है और आमजन लेने को मजबूर है। कुछ दिन पहले ही जो 10 किलो के आटे का पैकेट 260 रुपए का आता था वो अभी 300 से 320 का मिलना शुरू हो गया है। अन्य राशन सामाग्री का भी बुरा हाल है। सब्जी के दर्शन भी दुर्लभ हो गए है किसी भी रेहड़ी वाले को सब्जी बेचना मना है और प्रशासन खुद भी घर—घर सब्जी की डिलिवरी देने में असमर्थ है।

कोई इक्का दुक्का रेहड़ी वाला अगर मिल भी गया तो 20 रुपए किलो वाला आलू अभी 35 रुपए किलो एवं अन्य सब्जी के रेट भी करीब—करीब दोगुने हो गए है। पंचकुला प्रशासन ने सभी सेक्टर में घर घर सब्जी देने के लिए कुछ वेंडरों की लिस्ट उनके फोन नंबर सहित जारी की है लेकिन वे फोन या तो लगते ही नहीं है या पीकअप ही नहीं होते।

दुकान, कारख़ाना, कार्यालय सभी कुछ बंद है। दिहाड़ीदार मजदूर ज्यादा परेशान है। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार की तरह पंजाब सरकार ने श्रम विभाग मे रजिस्टर्ड मजदूर को इस परेशानी के समय मे 3000 रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा की है, वहीं हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत निबंधित गरीब परिवारों को मार्च के लिए 6000 रुपया एवं अप्रैल के लिए भी 6000 रुपए जारी करने की घोषणा की है।

इन सब से इतर दुकानदारों के परेशानी को देखने वाला कोई नहीं है। शॉप एक्ट में रजिस्टर्ड दुकानदारों पर दोहरी मार है एक तरफ उनकी प्रतिष्ठान बंद है तो कमाई भी बंद है लेकिन अपने स्टाफ की सैलरी एवं दुकान का किराया का मीटर चालू है।
यही हाल हरियाणा के सीएससी संचालकों का भी है, लॉक डाउन में उनके सेंटर बंद है और प्रतिदिन के 300– 400 रुपए कमाने वाले इन संचालकों को खाने के लाले पड़ रहे है।

इन सभी की शिकायत है कि हरियाणा सरकार को जब अपनी कोई योजना लागू करना होता है तो वो सीएससी को याद करते है और सीएससी संचालक भी आगे बढ़ कर सभी सरकारी योजनाओं को हकीकत में आमजन तक पहुंचाते है, लेकिन इस बुरे वक्त में वे उन्हें भूल गए। पंचकुला जिले के सीएससी संचालक मिस्टर चौधरी, किरण गुप्ता, पूनम, सुदेश, मनोज कुमार आदि कईयों ने इस बुरे हालात में अपने सरवाईव के लिए सरकार से परिवार समृद्धि योजना के जैसा ही मदद की गुहार की है, क्योंकि आखिर वो भी तो हरियाणा का एक परिवार है।

इतनी शिकायतों के बावजूद भी सभी सीएससी संचालकों ने एक स्वर से सरकार के इस लॉक डाउन मे अपने सहयोग को दुहराया और कहा I LOVE MY INDIA. दूसरी ओर सोशल मीडिया पर देश प्रेम की दुहाई देने व प्रचार करने वाले कुछ मुनाफाखोर  संकट की इस घड़ी में देश प्रेम की जगह लूट खसोट को तरजीह देने पर तुले हैं। जिनका इलाज समय रहते आवश्यक है।

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