जलालाबाद में आयुर्वेद-नेचुरोपैथी शिविर में उमड़ी भीड़, 150 से अधिक लोगों ने लिया निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ, योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ रहना संभव : बाबूलाल जुनेजा. विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के साथ खान-पान, योग, प्राणायाम व जीवनशैली सुधार के दिए सुझाव
फाजिल्का/जलालाबाद
आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बनाकर आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से फिरोजपुर रोड स्थित श्री राम शरणम् मंदिर में निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले शिविर में 150 से अधिक लोगों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, आयुर्वेदिक चिकित्सकीय परामर्श और प्राकृतिक चिकित्सा संबंधी मार्गदर्शन का लाभ उठाया।
शिविर का आयोजन श्री राम शरणम् मंदिर के प्रमुख, वाइस चेयरमैन ऑफ पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज एवं पूर्व नगर परिषद प्रधान अशोक अनेजा, काउंसलर श्रीमती शशिबाला अनेजा तथा वाग्भट वैलनेस आयुष रिसर्च सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी ने आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाया।
शिविर का शुभारंभ श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं वाग्भट वैलनेस आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा, सीईओ सिमरन जुनेजा, अशोक अनेजा, श्रीमती शशिबाला अनेजा, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष जतिंदर इच्छपुजानी, आढ़तिया यूनियन प्रधान जज दर्गन, इनरव्हील प्रधान श्रीमती रंजना सिडाना, योग प्रशिक्षक श्रीमती पूजा इच्छपुजपानी, रामशरणम् डिस्पेंसरी इंचार्ज डॉ. श्याम लाल जुनेजा, रामशरणम् नगर सरपंच टिकन प्रूथी, दविंदर कुक्कड़, डॉ. रोम्पी डूमरा एवं हलवाई यूनियन प्रधान संदीप शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर किया। अतिथियों ने आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के प्रयास की सराहना की।
किडनी, लीवर, हृदय, शुगर समेत विभिन्न समस्याओं पर परामर्श
शिविर में डॉ. राकेश बगड़िया, डॉ. मांगीलाल विश्नोई एवं डॉ. ज्योति ने लोगों की स्वास्थ्य जांच करते हुए आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के अनुरूप खान-पान और जीवनशैली संबंधी परामर्श दिया। विशेषज्ञों ने किडनी एवं लीवर संबंधी समस्याओं, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, मोटापा, जोड़ों व घुटनों के दर्द, रीढ़ की समस्याओं, स्लिप डिस्क, नसों से संबंधित समस्याओं, अस्थमा, अनिद्रा एवं मिर्गी सहित विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर आवश्यक मार्गदर्शन दिया। चिकित्सकों ने नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, योग-प्राणायाम और शारीरिक सक्रियता को स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। शिविर में मरीजों एवं अतिथियों को वाग्भट अमृत काढ़ा भी निःशुल्क वितरित किया गया।
‘आयुर्वेद बीमारी के बाद उपचार ही नहीं, स्वास्थ्य संरक्षण की परंपरा भी’ : जुनेजा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आयुर्वेद केवल बीमारी होने के बाद उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और रोगी के रोग के शमन की व्यापक भारतीय स्वास्थ्य परंपरा है। अनियमित खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, देर रात तक जागना और प्राकृतिक दिनचर्या से दूरी जीवनशैली संबंधी समस्याओं को बढ़ा रही है। इसलिए स्वास्थ्य को केवल बीमारी के समय याद करने के बजाय रोजमर्रा की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से योग, प्राणायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव नियंत्रण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। साथ ही किसी भी औषधि या उपचार को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लेने की बात कही।
स्वास्थ्य शिविर जनसेवा का प्रभावी माध्यम : अशोक अनेजा
अशोक अनेजा ने कहा कि निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर जनसेवा का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से जरूरतमंद लोगों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों का मार्गदर्शन मिल जाता है। उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते, इसलिए योग, प्राणायाम, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
योग-प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करने का संदेश
शिविर में योग प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने लोगों को योग और प्राणायाम के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योग एवं प्राणायाम तनाव प्रबंधन, शारीरिक सक्रियता और बेहतर जीवनशैली अपनाने में सहायक हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को अपनी उम्र एवं स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही योगासन और प्राणायाम करने की सलाह दी।
कार्यक्रम का मंच संचालन राजस्थानी एवं पंजाबी के वरिष्ठ साहित्यकार रूप सिंह राजपुरी एवं मदन शर्मा ने किया। शिविर के सफल संचालन में शिविर प्रभारी अनिल जांदू, शिविर कार्यवाहक विकास भादू, प्रदीप भाम्भू, औषधि विशेषज्ञ राजकुमार, पूजा गौड़, कमलेश, निहारिका, कुमकुम, दीपक, जितेंद्र, आदित्य एवं योग प्रशिक्षक अरविंद रावत सहित नर्सिंग एवं आयुष पैरामेडिकल विभाग के विद्यार्थियों तथा वाग्भट टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर ताराचंद गुलानी, राजन सूदाना, कैंडी नागपाल, रिंकू नागपाल, धर्मपाल जुनेजा, शशि अनेजा, खुशबू अनेजा, एडवोकेट संदीप, अशोक डूमरा, पार्षद हरीश सेतिया, अशोक गगनेजा, विनोद कुक्कड़ सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Punjab
Trending
बीमारी का इंतजार नहीं, बचाव के लिए पहले से जागरूक होना जरूरी