Tuesday, 20 October 2026
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बैंक धोखाधड़ी: सेन्ट्रल बैंक के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक एवं निजी फ़र्म के प्रबंध निदेशक सहित दो अन्य को तीन वर्ष की कठोर कारावास

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चेन्नई, फेस2न्यूज:
सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, कोयम्बटूर (तमिलनाडु) ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में श्री एस. शक्तिवेल, मैसर्स केमफ्री वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, श्री एम. वेलाइचामी, तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कोयम्बटूर और सी. बोम्मैया, निजी व्यक्ति को दोषी ठहराया एवं उन्हें 3 वर्ष की कठोर कारावास के साथ कुल 1,50,000 रु. के जुर्माने की सजा सुनाई।
सीबीआई ने 21.02.2011 को मामला दर्ज किया जिसमें एस. शक्तिवेल, प्रबंध निदेशक द्वारा प्रतिनिधित मैसर्स केमफ्री वेजिटेबल (पी) लिमिटेड, चेन्नई; एम. वेलाइचामी, वरिष्ठ प्रबंधक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुख्य शाखा, कोयंबटूर एवं सी. बोम्मैया, निजी व्यक्ति पर बैंक में जाली दस्तावेजों को पेश कर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ करीब 1,41,44,861/- रु. की धोखाधड़ी का आरोप है। जाली दस्तावेजों को मूल दस्तावेजों के तौर पर पेश करते हुए ऋण को स्वीकृत किया व धनराशि को जारी किया।
आरोपी ने कपटपूर्ण तरीके से धनराशि निकाल ली और उक्त धनराशि को कभी चुकाया नहीं गया। इस प्रक्रिया में, एम. वेलाइचामी, वरिष्ठ प्रबंधक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया एवं आरोपी का अनुचित पक्ष लिया, जिससे बैंक को हानि हुई। ब्याज सहित कुल बकाया धनराशि रु. 1,41,44,861/- थी।
जाँच के पश्चात, उक्त आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया गया। विचारण अदालत ने तीनों आरोपियों को कसूरवार पाया एवं उन्हें दोषी ठहराया।

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