Saturday, 26 September 2026
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गौड़ीय मठ का सनातन सेवा में योगदान सराहनीय : गुलाब चंद कटारिया

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(MOREPIC2)फेस2न्यूज /चंडीगढ़ 

गौड़ीय मठ का सनातन धर्म की सेवा में योगदान वास्तव में सराहनीय है। ये कहना था पंजाब के राज्यपाल एवं चण्डीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का, जो श्री चैतन्य गौड़ीय मठ, सेक्टर 20 के 56वें वार्षिक उत्सव के 5 दिवसीय समारोह के दौरान मुख्यातिथि के तौर पर उपस्थित हुए थे। इस वार्षिक उत्सव में जन्मशताब्दी समारोह, धर्म सम्मलेन व श्री राम नवमी महोत्सव के साथ-साथ रथ यात्रा आदि कार्यक्रम रखे गए हैं।

यह संस्था 'कलिस्थानों' (कलह के स्थान) से दूर रहकर, वैष्णव सदाचार को बढ़ावा देकर एक सभ्य समाज के निर्माण में योगदान देती है। गौड़ीय मठ सनातन संस्कृति, ज्ञान और भक्ति के प्रसार में अत्यंत महत्वपूर्ण और अनुकरणीय भूमिका निभा रहा है।

(MOREPIC1)   संसथान के प्रवक्ता जे पी गुप्ता ने बताया कि प्रशासक ने श्री राधा माधव के विग्रहों के दर्शन भी किए और यहाँ लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौड़ीय मठ संस्थान के अध्यक्ष एवं आचार्य श्री भक्ति विचार विष्णु जी महाराज जी, जिनके सानिध्य में ये समारोह आयोजित हो रहे हैं, ने बताया कि यह संस्था 1920 से श्री चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाओं, शुद्ध भक्ति (हरि-कीर्तन), और वैष्णव सदाचार का प्रचार कर रही है।

यह न केवल आध्यात्मिक शिक्षा, बल्कि वृंदावन में लुप्त लीलास्थलियों के प्रकाश और भक्ति-साहित्य के माध्यम से समाज में शाश्वत शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह संस्था किसी जाति या पंथ के भेदभाव के बिना 'श्री हरि' के प्रति शुद्ध समर्पण (शुद्ध भक्ति) का संदेश देती है।

गौड़ीय मठ के माध्यम से भक्ति-ग्रंथों का प्रकाशन और वैष्णव सदाचार का प्रचार किया जाता है, जो समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शक प्रदान करते हैं। इस मठ ने वृन्दावनधाम की लुप्त लीलास्थलियों को प्रकाश में लाने और श्रीविग्रह-प्रकाश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोलकाता में मुख्यालय के साथ, पूरे भारत और विश्व में इसकी अनेक शाखाएं हैं, जो 'हरिनाम संकीर्तन' के माध्यम से लोगों को दिव्य प्रेम से जोड़ती हैं।