चण्डीगढ़ : स्वर सप्तक कल्चरल सोसाइटी द्वारा रवींद्र-नज़रूल संध्या का आयोजन किया गया जिसमें सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. संगीता लाहा चौधरी के नेतृत्व में उनके देश विदेश में बसे विद्यार्थियों ने कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर और काजी नज़रुल इस्लाम द्वारा रचित हिन्दी-बांग्ला गीत-संगीत के रंगारंग कार्यक्रम को प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के इन दोनों महापुरुषों की जन्म-जयंतियां मई माह में ही पड़ती हैं।
डॉ. संगीता ने नज़रूल के बांग्ला गीतों को हिन्दी भाषा में अनुवाद करके अपने विद्यार्थियों से गवाया। इस कार्यक्रम में बंगलुरू से प्रख्यात कवियत्री, लेखिका, गायिका, अभिनेत्री अंजु भारती मुख्य अतिथि थीं, जो स्पर्श भारती संस्था की अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने डॉ. संगीता लाहा चौधरी एवं उनके शिष्य कलाकारों की प्रस्तुतियों की खूब प्रशंसा की एवं आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रेरणा दी व प्रोत्साहित किया। उन्होंने खुद भी गुरूदेव की कविता को अपने मनमोहक अंदाज में सुनकर खूब प्रशंसा पाई।कार्यक्रम का संचालन अंजली सूरी ने बखूबी से किया।
इस अवसर पर कवि कलाकारों ने नज़रूल गीति व रबिन्द्र संगीत से चुन-चुन कर एक से बढ़ कर एक प्रस्तुति दी जिनमें रिहाना कौशल, उज्ज्वनी सेन, सानवी पाधी, आलियाना कौशल, तृप्ति गुप्ता, ऐ दत्ता, अंजलि सूरी, ममता गोयल, राजकुमार बातिश, सुमन चड्ढा, सुनीता कौशल व औरुण कांति आदि शामिल रहे।