झूठी ‘पिटाई’ और कथित भ्रष्टाचार की खबरों का पार्षद पति बिरेन्द्र सिंह रावत ने सिरे से नकारा और की निष्पक्ष जांच की मांग
फेस2न्यूज/ चंडीगढ़ :
गढ़वाल भवन, सेक्टर-29 में मंगलवार आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बिरेन्द्र सिंह रावत ने हाल ही में उनके संबंध में मीडिया एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित ‘पिटाई’ तथा भ्रष्टाचार/रिश्वत से जुड़ी खबरों का खंडन किया। उन्होंने इन खबरों को झूठा, निराधार और भ्रामक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की।
रावत ने कहा कि उनके साथ पिटाई की ऐसी कोई घटना नहीं हुई और न ही भ्रष्टाचार अथवा रिश्वत से संबंधित कोई वास्तविक घटना हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्यों के ऐसी खबरें प्रसारित किए जाने से उनकी सामाजिक एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हुआ है।
प्रेस वार्ता में रावत ने इस बात पर सवाल उठाया कि कथित सूचना का मूल स्रोत क्या था, उसे किस व्यक्ति ने आगे बढ़ाया और बिना पर्याप्त सत्यापन के वह सूचना मीडिया एवं सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची। यदि किसी व्यक्ति को केवल फोन के माध्यम से कोई सूचना मिली थी और वह स्वयं कथित घटना का प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, तो उस सूचना को सत्य मानकर आगे प्रसारित करने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।
रावत ने प्रेस वार्ता के दौरान उपलब्ध समाचार सामग्री, वीडियो, ऑडियो, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, चंडीगढ़ पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की गहन जांच की मांग की है।
उन्होंने शिकायत में कथित सूचना के मूल स्रोत की पहचान, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट एवं मैसेज, सोशल मीडिया सामग्री तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच और संरक्षण की मांग की है।
गढ़वाल एवं कुमाऊँ सभाओं से भी संज्ञान लेने का अनुरोध
रावत ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर गढ़वाल सभा और कुमाऊँ सभा के अध्यक्षों को भी अलग-अलग पत्र सौंपे हैं। उन्होंने दोनों संस्थाओं से अनुरोध किया है कि वे मामले का संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ पुलिस को दी गई शिकायत के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करें और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए उचित स्तर पर विषय को उठाएं। गढ़वाल सभा एवं कुमाऊँ सभा उत्तराखंड समाज की महत्वपूर्ण प्रतिनिधि संस्थाएं हैं और इसलिए उनसे अपेक्षा है कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए तथ्यों के आधार पर उचित संज्ञान लें।
रावत ने कहा कि मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा मीडिया संस्थान को बदनाम करना नहीं है। मेरी मांग केवल इतनी है कि मेरे संबंध में लगाए गए गंभीर आरोपों की सच्चाई निष्पक्ष जांच के माध्यम से सामने आए। यदि मेरे विरुद्ध लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण है तो उसे जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए और यदि आरोप झूठे हैं तथा जानबूझकर मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से फैलाए गए हैं, तो कानून के अनुसार जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े गंभीर आरोपों को प्रकाशित अथवा प्रसारित करने से पहले तथ्यों का उचित सत्यापन किया जाए तथा संबंधित पक्ष का बयान भी लिया जाए।
रावत ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था और निष्पक्ष जांच पर पूरा विश्वास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के माध्यम से कथित झूठी सूचना के स्रोत, उसके प्रसार और पूरे प्रकरण की वास्तविक सच्चाई सामने आएगी।
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