Sunday, 11 October 2026
Breaking News
श्री दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र पाठ एवं भक्तामर दीपार्चना का आयोजन घरेलू दुकानों पर कार्रवाई के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करे चंडीगढ़ प्रशासन : कृष्ण लाल समाजवाद के अग्रदूत थे महाराजा अग्रसेन महाराज  भगवान वाल्मीकि रामतीर्थ, अमृतसर से चंडीगढ़ पहुंची प्रथम ज्योति, सेक्टर 49-A की रामलीला कमेटी ने किया स्वागत राज नागपाल एक बार फिर सर्वसम्मति से ऑल इंडिया राजीव मेमोरियल सोसाइटी के अध्यक्ष चुने गए महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल का राम दरबार में भव्य स्वागत पंचकूला में पहली बार सजेगा ऐतिहासिक गरबा-डांडिया का महा-पंडाल पंजाब विवि के पूर्व रशियन विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज मालवीय द्वारा रशियन में अनुदित तीन पुस्तकों का विमोचन प्रभु श्री राम कथा सुनना और सुनाना पूर्व निश्चित होता है और ये अवसर सौभाग्य से ही प्राप्त होता है : आचार्य पंडित ईश्वर चंद्र शास्त्री जी 46वें भव्य रामलीला मंचन की तैयारियां पूरी, आधुनिक तकनीक और भव्य दृश्यों से सजेगा रामलीला मंच
चंडीगढ़ Trending

घरेलू दुकानों पर कार्रवाई के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करे चंडीगढ़ प्रशासन : कृष्ण लाल

फैसले से हजारों छोटे दुकानदारों के बेरोजगार होने और परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा होने की आशंका

चण्डीगढ़ : चण्डीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कृष्ण लाल ने चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद (आईएएस), डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव (आईएएस) तथा नगर निगम आयुक्त अमित कुमार से मांग की है कि रिहायशी मकानों में दुकानें चलाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर प्रशासन को इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की पहल करनी चाहिए, ताकि हजारों छोटे दुकानदारों को बेरोजगार होने से बचाया जा सके।

एक बयान में कृष्ण लाल ने कहा कि यदि इस फैसले के तहत चंडीगढ़ की कॉलोनियों और गांवों में रिहायशी मकानों में चल रही छोटी-छोटी दुकानों को बंद करना पड़ा, तो हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा। इन दुकानों को चलाने वाले अधिकांश लोग मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। वे अपने घरों में छोटी दुकानें खोलकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इन दुकानदारों के लिए दुकानें केवल कारोबार का साधन नहीं, बल्कि उनके परिवारों की आजीविका का एकमात्र सहारा हैं। यदि उनकी दुकानें बंद हो जाती हैं, तो उनके सामने बेरोजगारी और आर्थिक तंगी की गंभीर समस्या पैदा हो जाएगी। इससे अनेक परिवारों के लिए अपने दैनिक खर्च पूरे करना भी मुश्किल हो सकता है।

कृष्ण लाल ने कहा कि चंडीगढ़ में छोटे दुकानदारों के सामने पहले ही रोजगार के सीमित अवसर हैं। वे न तो आसानी से रेहड़ी-फड़ी लगाकर अपना गुजारा कर सकते हैं और न ही महंगे व्यावसायिक शोरूम किराये पर लेकर कारोबार करने की स्थिति में हैं। ऐसे में अपने घरों में छोटी दुकानें चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले लोगों के सामने अब भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। अनेक दुकानदार वर्षों से नगर निगम को कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को इन लोगों की परिस्थितियों और उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को गंभीरता से समझना चाहिए।

कृष्ण लाल ने चंडीगढ़ प्रशासन से अपील की कि वह इस मामले में कानूनी पहलुओं की समीक्षा करवाए और सुप्रीम कोर्ट में उचित पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की संभावनाओं पर तत्काल कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसा रास्ता निकालने का प्रयास करना चाहिए, जिससे कानून का सम्मान भी बना रहे और हजारों छोटे दुकानदारों को बेरोजगारी तथा आर्थिक संकट का सामना भी न करना पड़े। छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी बचाना और उनके परिवारों के भविष्य की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए

0 Comments